पति नहीं पगड़ी संग लिए फेरे

रतनपुर | उस्मान कुरैशी: मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना के सामूहिक विवाह में दुल्हन ने बिना दुल्हा के पगडी को हाथ में रखकर उसे दुल्हा मान सात फेरे लिये.

उम्र के लिए कोटवार के जारी जन्म प्रमाण पत्र को वैध माना गया. भारी अव्यवस्थाओं के बीच 98 जोड़ें परिणय सूत्र मे बंधे. उप नेता प्रतिपक्ष व कांग्रसविधायक डा. रेणु जोगी ने नव विवाहित जोड़ों को आर्शिवाद दिया.


महिला बाल विकास विभाग कोटा परियोजना ने मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना के तहत सामूहिक विवाह का आयोजन किया. महामाया मंदिर परिसर में आयोजित समारोह में जिले के सभी परियोजनाओं के 105 जोड़ों के विवाह का लक्ष्य रखा गया था. बुधवार को आयोजित विवाह समारोह में 98 जोड़े दाम्पत्य सूत्र में बंधे. शासन की योजना के तहत प्रति जोड़े 15 हजार की विभाग को मिलती है.

विवाह समारोह में सभी जोड़ों करे एक हजार एक रूपए के चेक के साथ कपड़े व चांदी के जेवरात भी दिए गए. इनके अलावा गददे बर्तन व पेटी भी दिए जाने की बात कही. सामूहिक शादी में शामिल होने युगल जोड़ें अपने परिजनों के साथ सोमवार की शाम से ही पहुंच गए थे. महिला बाल विकास विभाग कोटा ने इनकी ठहरने कर व्यवस्था लखनी देवी मंदिर के नीचे परिसर में किया था. यहां अव्वस्थाओं इतनी थी की महिलाओं के प्रसाधन की मौलिक सुविधा तक मुहैया नही कराई गई थी. देर रात मौसम के बिगड़े मिजाज ने भी लोगों को परेशानी बढ़ाई .

शादी के लिए पहुंचें जोडों व उनके परिजनों को रात गुजारने न तो गददे दिए गए ना ही टेंट लगाए गए थे. रात में खाने की व्यवस्था की गई थी जिसमें भी भारी अव्वस्था देखी गई. सूदूर ग्रामीण अंचल सेमरिया से आई शशिकला धृतलहरे नाराजगी जताते कहती है कि रात में बारिश होने से काफी दिक्क्तें आई. जगह की कमी की वजह से बरामदे में ही बारिश की फुहारों में भीगतें रात गुजारनी पड़ी. महिलाओं के प्रसाधन तक की व्यवस्था नही थी खुले में शौच के लिए जाना पड़ा.

बुधवार की सुबह महामाया मंदिर परिसर के भागवत मंच से वैदिक मंत्रोचार के साथ विवाह शुरु हुआ . कोटा ब्लाक के टेंगनमाड़ा ग्राम पंचायत के गांव डाड़ बछाली के रमेश कुमार गंधर्व संतोषी के साथ ब्याह रचाने पहुंचे थे. वे कहते है कि वे पढ़े लिखे नही है. गांव की आंगनबाड़ी कार्यकर्ता ने कपड़े बर्तन व रूपए मिलने की बात कही तो वे ब्याह रचानें चले आए. शासन से क्या क्या मिलेगी इसकी जानकारी उन्हे नही है.

केन्दाडाड़ के लालजी अपने को 22 वर्ष व अपनी होने वाली बीवी को 22 वर्ष के बताते है. वे भी पढ़े लिखे नही है. बालिग होने जन्म तिथी का प्रमाण पत्र पूछने पर वे कुछ नही बोल पाए. वही पर हमारी बात चीत को सुन रही उस क्षेत्र की आगनबाड़ी कार्यकर्ता ने लपक कर गांव के कोटवार से जन्म संबंधी पत्र जारी करवाने की बात कही. अब कोटवार द्वारा जारी जन्म संंबंधी पत्र कितना वैधानिक है जांच का विषय हो सकता है.सिलपहरी के समार सिंह की नव विवाहित बीवी सहित नवाडीह कुरदर मझगवा से विवाह के लिए पहुंची लड़कियों के उम्र पर सवाल उठ रहे थे.

सबसे रोचक मामला तो कोरबा जिले के बक्साही पंचायत से शादी के लिये पहुंची चंद्रिका श्रोत का आया. चंद्रिका के मुताबिक उनके होने वाले पति दीपक कश्यप आई टी आई की परीक्षा दिलाने कोरबा गए है. चंद्रिका ने दीपक की गैरमौजूदगी में उसकी पगड़ी को हाथ में लेकर उसे दुल्हा मान अग्नि के सात फेरे लिये. मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना के सामूहिक विवाह की व्याप्त अव्यवस्था पर नाराजगी जताते सामाजिक कार्यकर्ता रूद्र यादव राजा कहते है कि अधिकारियों की लापरवाही से शासन की कल्याणकारी योजनाओं का लाभ लोगों तक नही पहुंच रहा. शादी में आए जोड़ों व उनके परिजनों को भेड़ बकरियों की तरह बिठा कर रखा गया था.

बगैर दुल्हे के शादी होने की बात पर एसडीएम कोटा राजेन्द्र गुप्ता ने जानकारी नही होने की बात कहते हुए मामले की जांच कराने की बात कही. वहीं कोटवार द्वारा जारी जन्म प्रमाण पत्र पर शादी होने की बात को सिरे से खारिज करते श्री गुप्ता ने कहा कि वर वधु के सारे प्रमाण पत्रों को सत्यापित कराए जाने के निर्देश दिए गए थे. मुझे बताया गया है कि सारे लोगों ने निर्धारित आयु पूरी कर ली है. उन्होने मौसम की वजह से कुछ अव्यवस्था होने की बात कही.

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