मंगल ग्रह से पृथ्वीवासियों को खतरा

जे के कर

वैज्ञानिको की माने तो भविष्य में मंगल ग्रह के सूक्ष्म जीवो से पृथ्वीवासियो को गंभीर खतरा है. यह खतरा मानव जाति के स्वास्थ्य को है. मंगल ग्रह पर मीथेन गैस की उपस्थिति ने यह खतरा उत्पन्न कर दिया है.

अमेरीका द्वारा मंगल ग्रह पर भेजे गये रोवर क्यूरिसीटी अंतरिक्ष यान में लगे खोजी यंत्रो ने संकेत दिये हैं कि इस लाल ग्रह पर मीथेन गैस है. खतरा यह है कि जब यह यान पृथ्वी पर वापस आयेगा तो अपने साथ कही उन सूक्ष्म जीवो को भी न ले आये.

आमतौर पर मीथेन गैस तभी पाई जाती हैं जब किसी स्थान पर सूक्ष्म जीव तथा पौधे हो. क्योंकि पृथ्वी पर मीथेन गैस जीवो तथा पौधो से ही उत्पन्न होते हैं.

मंगल पर बुध्दिमान प्राणी मिलेगें इसकी संभावना कम ही है परन्तु सूक्ष्म जीवो की उपस्थिति से इंकार नही किया जा सकता है. दूसरे ग्रह से आये ये जीवाणु ही खतरे का कारण बन सकते हैं. हालांकि ये कोई स्पष्ट रूप से नहीं जानता कि ये सूक्ष्म जीव मानव शरीर को नुकसान पहुचायेगें कि ये हानिरहित हैं.

वैसे भी दुनिया भर के चिकित्सा वैज्ञानिक आज पृथ्वी पर पहले से उपस्थित जीवाणुओं से जूझ रहे है. ज्यादातर एंटीबायोटिक अब प्रभावकारी नही रहे. सुपरबग के खतरे से चिकित्सा वैज्ञानिक पहले ही परेशान हैं. इस सूक्ष्म जीवाणुओं पर उपल्बध एंटीबायोटिक काम नही करते. ऐसे में मंगल ग्रह के जीवाणु क्या कहर ढायेगें इसकी कल्पना करके ही जी सिहर उठता है.

अंतरिक्ष यानो से वैसे भी मानवजाति को खतरा होता है. जब पृथ्वी से यान छोड़े जाते हैं तो कोशिश की जाती है कि वे पूरी तरह कीटाणुरहित हो. लेकिन यह संभव नही हो पाता है.

क्योंकि यदि कोई जीवाणु पृथ्वी से ही अंतरिक्ष यान के साथ चला जाये तो इस बात की पूरी वैज्ञानिक संभावना रहती है कि गुरुत्वाकर्षण हीनता की स्थिति में ये जीवाणु अपने आप मे ऐसा बदलाव न कर ले जो इन्हे अत्यंत ताकतवर बना सकता है और ऐसे में अंतरिक्ष यान के साथ वापस आकर ये पृथ्वी पर कहर ढा सकते हैं.

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