दंगों के लिए सपा-भाजपा जिम्मेदार

लखनऊ | एजेंसी: सहारनपुर दंगे पर जारी रिपोर्ट को बसपा प्रमुख मायावती ने खारिज कर दिया है. उन्होंने कहा है कि भारतीय जनता पार्टी और समाजवादी पार्टी की मिलीभगत से हुए सहारनपुर दंगे का सच सामने नहीं आया है. उन्होंने आरोप लगाया कि सपा और भाजपा उत्तर प्रदेश में राजनीतिक लाभ के लिए जानबूझकर साम्प्रदायिक तनाव पैदा कर रहे हैं.

मायावती ने कहा कि देश में साम्प्रदायिक शक्तियां बलवती हो रही हैं. कई राज्यों में साम्प्रदायिक हिंसा देखने को मिली है, जिसमें उत्तर प्रदेश पहले स्थान पर है. प्रदेश में हो रही साम्प्रदायिक हिंसा में सपा और भाजपा शामिल हैं.


उन्होंने कहा कि सपा के सत्ता में आने के दिन से ही राज्य में शांति समाप्त हो गई है. अब भाजपा के केन्द्र में आते ही हालात और भी खराब हो गए. अखिलेश यादव सरकार प्रदेश को संभाल नहीं पा रही है. इसलिए यहां पर राष्ट्रपति शासन लागू कर जल्द से जल्द चुनाव कराए जाने चाहिए. उन्होंने कहा कि सपा में अब आजम खान की भी अनदेखी हो रही है.

स्वतंत्रता दिवस पर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा दिए गए भाषण पर प्रदेश की पूर्व मुख्यमंत्री मायावती ने कहा कि प्रधानमंत्री कहते हैं कि वह प्रधान सेवक हैं लेकिन वह प्रधान सेवक नहीं लगे, बल्कि झारखंड, महाराष्ट्र, जम्मू एवं कश्मीर और हरियाणा को ध्यान में रख कर चुनावी भाषण देते ज्यादा दिखे. उन्होंने कहा कि भाजपा केन्द्र की सत्ता में आ गई है लेकिन अच्छे दिन आते नहीं दिख रहे.

वहीं, भारतीय जनता पार्टी की दिल्ली इकाई के प्रवक्ता साम्बित पात्रा ने मीडिया से कहा, “हमें इस समिति और इसकी रपट की सच्चाई की जानकारी नहीं है. लेकिन यदि प्रशासन और राज्य सरकार ने समझदारीपूर्ण दृष्टिकोण अपनाया होता तो सहारनपुर में घटी दुर्भाग्यपूर्ण घटनाएं रोकी जा सकती थीं.”

कांग्रेस नेता राशिद अल्वी ने कहा कि रपट के निष्कर्ष प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा स्वतंत्रता दिवस पर दिए गए संबोधन के विपरीत हैं. मोदी ने कहा था कि सांप्रदायिकता को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा.

अल्वी ने मीडिया से कहा, “एक तरफ प्रधानमंत्री लाल किले से कहते हैं कि सांप्रदायिकता बर्दाश्त नहीं की जाएगी और दूसरी ओर हमारे पास ऐसी रपट है, जिसके अनुसार उनके नेता सांप्रदायिक हिंसा में शामिल थे. मोदी को इस मुद्दे पर अपनी पार्टी के कार्यकर्ताओं से सख्ती के साथ बात करनी चाहिए.”

गौरतलब है कि उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने सहारनपुर की हिंसा की जांच के लिए राज्य के लोक निर्माण मंत्री शिवपाल यादव की अध्यक्षता में पांच सदस्यीय समिति गठित की थी.

समिति ने अपनी रपट में भाजपा सांसद राघव लखनपाल को सांप्रदायिक तनाव भड़काने के लिए जिम्मेदार ठहराया है.

उल्लेखनीय है कि सहारनपुर के कुतुबशेर इलाके में 26 जुलाई को उस समय सांप्रदायिक हिंसा भड़क उठी थी, जब दो समुदायों के लोग आपस में भिड़ गए थे. इस घटना में तीन व्यक्तियों की मौत हो गई थी.

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