कोमा से बाहर निकले शूमाकर

बर्लिन | एजेंसी: माइकल शूमाकर मेडिकली इंड्यूस्ड कोमा से बाहर आ गये हैं. 29 दिसम्बर, 2013 को हुए दुर्घटना के बाद शूमाकर का इलाज ग्रेनोबल अस्पताल में चल रहा था और चिकित्सकों ने उन्हें ‘मेडिकली इंड्यूस्ड कोमा’ में चले जाने की बात कही थी. शूमाकर की प्रबंधन कम्पनी ने सोमवार को स्पष्ट किया कि अब तो शूमाकर को अस्पताल से भी छुट्टी मिल गई है.

समाचार पत्र ‘द टेलीग्राफ’ के मुताबिक इलाज के दौरान शूमाकर का दो बार ऑपरेशन किया गया. इसके माध्यम से उनके शरीर में से जानलेवा खून के थक्कों को निकाला गया. इसी के बाद वह कोमा में चले गए थे.


उनके परिवार ने इस साल जनवरी में कहा था कि शूमाकर को ऐसी दवाएं दी जा रही हैं, जिससे कि वह लम्बे समय तक नींद में रहें. इससे उन्हें दवाइयों का फायदा होगा. साथ ही परिवार ने शूमाकर की निजता का सम्मान करने की बात कही थी.

शूमाकर बीते साल दिसम्बर में फ्रेंच आल्प्स में हुई जानलेवा स्की दुर्घटना के बाद छह महीने तक फ्रांस के एक अस्पताल में रहे. इस दौरान उन्होंने लम्बा अरसा एक अस्पताल के आपात चिकित्सा कक्ष में बिताया और इस दौरान वह कोमा में रहे. उनके सिर पर गम्भीर चोट लगी थी और इस कारण उनके ठीक होने को लेकर संदेह व्यक्त किया जा रहा था.

स्काई न्यूज डॉट कॉम के मुताबिक शूमाकर की प्रबंधन कम्पनी ने एक बयान में उनके अस्पताल से बाहर आने की पुष्टि की. उनकी प्रवक्ता सेबानी खेम ने भी उनके अस्पताल से बाहर आने की बात कही. खेम ने कहा कि प्रशंसकों की दुआओं के कारण शूमाकर आज सही सलामत हैं.

प्रबंधन कम्पनी ने बयान में कहा, “शूमाकर ने ग्रेनोबल अस्पताल छोड़ दिया है. वह लम्बे समय तक सुधार कार्यक्रम में हिस्सा लेंगे. वह अब कोमा में नहीं हैं.”

“शूमाकर के परिवार ने उनका इलाज कर रहे डॉक्टरों का धन्यवाद किया है. साथ ही परिवार ने उन लोगों का भी धन्यवाद किया है, जिन्होंने घटना के तुरंत बाद उनका इलाज किया था.”

बयान के मुताबिक, “शूमाकर परिवार ने उन लोगों को भी धन्यवाद कहा है, जिन्होंने इस घातक दुर्घटना के बाद उनकी बेहतरी के लिए शुभकामना संदेश भेजे थे. हमें यकीन है कि इन शुभकामनाओं का उन्हें फायदा मिला है.”

माइकल शूमाकर

45 साल के माइकल शूमाकर ने पहली जीत 1992 की बेल्जियन ग्रांप्री में दर्ज की थी. इसके बाद उन्होंने 1994 से लेकर 2004 तक लगातार फॉर्मूला वन चैंपियनशिप जीती.

दुर्घटना के वक्त शूमाकर 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से स्कीइंग कर रहे थे. वह एक पत्थर और फिर पेड़ से टकराए थे लेकिन हेलमेट ने उनकी जान बचा ली.

शूमाकर को एफ-1 सर्किट के महानतम चालकों में से एक माना जाता है. उन्होंने 2000 से 2004 तक लगातार पांच बार फेरारी टीम के लिए एफ-1 चैम्पियनशिप जीती थी.

2010 में शूमाकर ने एफ-1 सर्किट में वापसी की थी लेकिन वह सिर्फ एक पोडियम फिनिश कर सके थे. 2012 के अंत में शूमाकर ने अंतिम रूप से एफ-1 जगत को अलविदा कह दिया था.

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