मोदी भाजपा के पीएम इन वेटिंग बने

नई दिल्ली । संवाददाता:शुक्रवार को लालकृष्ण आडवाणी की अनुपस्थिति के बावजूद भाजपा संसदीय बोर्ड ने गुजरात के मुख्यमंत्री नरेन्द्र भाई मोदी को अपना प्रधानमंत्री पद का उम्मीदवार घोषित कर दिया है. मोदी के नाम की घोषणा भाजपा के अध्यक्ष राजनाथ सिंह ने की. शिवसेना तथा अकाली दल ने इसका स्वागत किया है. भाजपा के नेतागणों ने पूरी कोशिश की कि आडवाणी मान जाये लेकिन अंतिम क्षणो में उन्होंने संसदीय बोर्ड की बैठक में न आने का निर्णय लिया.

भाजपा मुख्यालय में शुक्रवार सुबह से ही कार्यकर्ताओं का हूजूम उमड़ पड़ा था मोदी के स्वागत के लिये. संसदीय बोर्ड की बैठक में सम्मलित होने के लिये सुषमा स्वराज तथा मुरली मनोहर जोशी ने अपनी यात्रा को स्थगित कर दिया. भाजपा कार्यकर्ताओं ने देशभर में मोदी के समर्थन में आतिशबाजी की तथा गुलाल लगाये.

शिवसेना का रुख
इससे पहले शिवसेना ने शुक्रवार को कहा कि वह भारतीय जनता पार्टी के प्रधानमंत्री पद के उम्मीदवार के रूप में गुजरात के मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी या किसी अन्य नाम की घोषणा का समर्थन करेगी. यह भरोसा गुरुवार रात मोदी और शिवसेना अध्यक्ष उद्धव ठाकरे के बीच हुई संक्षिप्त टेलीफोन वार्ता के बाद जताया गया. गौर तलब है कि शिवसेना हमेशा इस मसले से बचती रही है, और उसने प्रधानमंत्री पद के उम्मीदवार के रूप में सुषमा स्वराज का समर्थन किया था.

पिछले शनिवार को शिवसेना के मुखपत्र ‘सामना’ के संपादकीय पृष्ठ में उद्धव ने कहा था, “मोदी ने सार्वजनिक रूप से कहा है कि उनकी प्रधानमंत्री बनने की कोई महात्वकांक्षा नहीं है. उन्हें 2017 तक गुजरात का मुख्यमंत्री बने रहने का जनादेश मिला है और वह राज्य की जनता की सेवा जारी रखेंगे.”

भाजपा-एनडीए में कलह
जून माह में भाजपा के गोवा सम्मेलन में गुजरात के मुख्यमंत्री नरेन्द्र मोदी को चुनाव अभियान समिति का अध्यक्ष बनाये जाने के पश्चात से पार्टी के वरिष्ठ नेता लालकृष्ण आडवाणी खासे नाराज चल रहे थे. इस दौरान भाजपा के अनय नेतागण जिनमें यशवंत सिंह तथा शत्रुघन सिन्हा शामिल हैं ने मोदी को प्रधानमंत्री पद का उम्मीदवार घोषित किये जाने का विरोध किया था. उन्होंने अपनी बात को मीडिया में रखने से भी गुरेज नही किया था. मोदी के नाम को आगे बढ़ाने के कारण ही जनता दल युनाईटेड ने भाजपा का साथ छोड़ दिया था. हालांकि आकाली दल को मोदी के नाम से परहेज नही है.

संघ का दबाव
बताया जा रहा है कि राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ मोदी के नाम पर अड़ा हुआ था. मोदी के नाम को आगे बढ़ाने के लिये संघ प्रमुख मोहन भागवत ने स्वयं पहल की थी. जाहिर है कि संघ ने व्यक्ति के स्थान पर पार्टी की जीत को ज्यादा अहमियत दी. जिसके नतीजे को तौर पर भजपा ने रुजरात के मुख्यमंत्री नरेन्द्र मोदी को अपना प्रधानमंत्री पद का उम्मीदवार घोषित कर दिया है.

मोदी
नरेन्द्र मोदी कका जन्म 14 सितंबर 1950 को गुजरात के मेहसाना जिले में हुआ था. मोदी वर्तमान में गुजरात के मुख्यमंत्री हैं. केशुभाई पटेल के बाद अक्टूबर 2001 में मोदी पहली बार गुजरात के मुख्यमंत्री बने थे. उस समय से ही मोदी गुजरात के मुख्यमंत्री के पद पर लगातार आसीन हैं. उन पर 2002 में हुए दंगो का आरोप लगता रहा है. मोदी संघ के कार्यकर्ता हैं तथा राष्ट्रीय एवं अंतर्राष्ट्रीय मंचो पर उनको लेकर विवाद होता रहा है.

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