शिवसेना के खिलाफ निःशब्द मोदी

सांगली | एजेंसी: प्रधानमंत्री मोदी ने फैसला लिया है कि शिवसेना के खिलाफ कुछ नहीं कहेंगे. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को चुनावी रैली के दौरान महाराष्ट्र में कांग्रेस और राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी की आलोचना की, लेकिन भाजपा की पूर्व सहयोगी शिवसेना के बारे में कोई टिप्पणी नहीं की और स्पष्ट कहा कि वह पूर्व सहयोगी पार्टी पर निशाना नहीं साधेंगे. विधानसभा के लिए 15 अक्टूबर को होने जा रहे चुनाव में कांग्रेस-राकांपा के गढ़ पश्चिमी महाराष्ट्र में मोदी ने रविवार को प्रचार किया. उन्होंने कहा कि शिवसेना के संस्थापक बाल ठाकरे के सम्मान में वे पूर्व सहयोगी पार्टी पर निशाना नहीं साधेंगे.

दोनों शहरों में रविवार दोपहर को चुनावी रैली के दौरान मोदी ने कहा कि उनपर आरोप है कि वे चुनाव प्रचार में शिवसेना की आलोचना नहीं कर रहे हैं.


मोदी ने कहा, “यह पहला चुनाव है जो बालासाहेब ठाकरेजी की अनुपस्थिति में हो रहा है. वे वह आदमी थे जो हमेशा लोगों के अधिकार के लिए लड़ते रहे. मैं उनका निरादर नहीं करूंगा.”

सीटों के तालमेल पर पल्ला झाड़ चुकी शिवसेना पर छद्म रूप से निशाना साधते हुए उन्होंने कहा, “मैंने शिवसेना के खिलाफ एक शब्द भी नहीं बोलने का फैसला लिया है. यह बालासाहेब ठाकरे की स्मृति का सम्मान है. हमारा शिवसेना के साथ संबंध राजनीति से ऊपर हो चुका है.”

प्रधानमंत्री ने कांग्रेस-राकांपा सरकार पर भ्रष्टाचार का आरोप लगाया.

उन्होंने कहा, “उन्होंने करगिल की विधवाओं के घरों को भी छीन लिया है. क्यों चीनी की मिलें बंद हो गईं? क्यों किसान निराश हैं?”

मोदी ने लोकसभा चुनाव में भाजपा को जीत दिलाने के लिए जनता का आभार व्यक्त किया.

उन्होंने कहा कि यह शर्मनाक है कि कुछ लोग शिवाजी के नाम का गलत इस्तेमाल कर रहे हैं.

मोदी ने कहा, “वह अटल बिहारी वाजपेयी की सरकार थी, जिसने मुंबई हवाईअड्डे का नाम शिवाजी के नाम पर रखा था.”

राकांपा अध्यक्ष शरद पवार पर निशाना साधते हुए मोदी ने कहा कि हैरत है कि वे केंद्र में कृषिमंत्री थे और यहां राज्य में 3700 किसानों ने आत्महत्या कर ली.

उन्होंने कहा, “यदि उन्होंने सही कदम उठाए होते तो किसानों को इतनी अधिक परेशानी नहीं झेलनी पड़ती.”

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