फर्जी एनकाउंटर में फिर फंसे मोदी

नई दिल्ली: गुजरात के मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी अब सोहराबुद्दीन हत्याकांड में फिर विवाद में आ गये हैं.कांग्रेस ने गुजरात के मुख्यमंत्री नरेन्द्र मोदी से सोहराबुद्दीन शेख हत्याकांड के एकमात्र गवाह तुलसी प्रजापति के एनकाउंटर की जांच पूरी होने तक इस्तीफा देने के लिए कहा है.

ज्ञात्वय रहे कि इस मामले के एकमात्र गवाह तुलसीराम प्रजापति की 28 दिसंबर 2006 को एक कथित फर्जी मुठभेड़ में हत्या कर दी गई थी. प्रजापति दिसंबर 2005 में हुई पुलिस मुठभेड़ का अकेला गवाह था, जिसमें सोहराबुद्दीन और उसकी पत्नी कौसरबाई मारे गए थे. इस मामले में तत्कालीन गृहमंत्री अमित शाह मुख्य आरोपी हैं.


मंगलवार को कांग्रेस महासचिव अजय माकन ने एक प्रेस वार्ता जारी कर कहा, “जांच प्रक्रिया अभी जारी है तो मोदी मुख्यमंत्री के पद पर कैसे रह सकते हैं. भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के वरिष्ठ नेता नरेंद्र मोदी ने अपने पद और साख का इस्तेमाल कर न्याय व्यवस्था में हस्तक्षेप किया है.”

माकन ने कहा, “इस बात की भी जांच होनी चाहिए और केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) को मामला सौंपा जाना चाहिए.”

यह मामला तब प्रकाश में आया जब एक पत्रकार पुष्प कुमार ने अपने स्टिंग ऑपरेशन के आधार पर अदालत में याचिका दाखिल की.

सीडी के द्वारा पत्रकार का आरोप है कि भाजपा के सांसदों प्रकाश जावड़ेकर और भूपेंद्र सिंह यादव ने शाह के बचाव के लिए तुलसी प्रजापति की मां नमर्दा बाई से कोरे वकालतनामे पर अंगूठे के निशान ले लिये थे.

गुजरात से कांग्रेस नेता शक्तिसिंह गोहिल ने कहा, “कैमरे में दिखाई दे रहे इंसान प्रकाश जावाड़ेकर ही हैं. भाजपा अब उस पत्रकार की विश्वसनीयता को चुनौती दे रही है, जिसने यह वीडियो रिकॉर्ड किया है.”

गोहिल ने कहा , “यदि उन्हें पत्रकार की विश्वसनीयता पर संदेह है तो सीडी को फोरेंसिक विभाग को सौंप दें, उनका सत्यापन तो मान्य होगा.”

इधर, भाजपा ने मोदी के खिलाफ लगे सारे आरोपों को खारिज कर दिया ह और कहा है कि हमें कांग्रेस से इस्तीफे के सिवा और किसी मांग की अपेक्षा भी नहीं है. उन्होंने बीते तीन चुनावों में मोदी को चुनौती दी, लेकिन हर बार गुजरात की जनता ने उन्हें अस्वीकार कर दिया.

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