मोना की मौत में पेंच नहीं

रायपुर | संवाददाता: दंतेवाड़ा के भाजपा विधायक भीमा मंडावी की बेटी मोना की मौत के मामले को पुलिस आत्महत्या का ही प्रकरण मान कर चल रही है. पुलिस ने मामले में किसी और तथ्य से इंकार किया है. पुलिस का कहना है कि आरंभिक पूछताछ में जो तथ्य सामने आये हैं, उससे पता चलता है कि भीमा मंडावी की बेटी मोना मंडावी तनाव के दौर से गुजर रही थी. साल भर पहले मां की मौत से मोना परेशान थी. पुलिस का कहना है कि मोना की एक कॉपी मिली है, जिसमें उसने कोर्स की बातें तो लिखी हैं लेकिन पैराग्राफ के मध्य में दो जगह पर सुसाइड लिखकर काटा है. पुलिस का अनुमान है कि वह आत्महत्या करने के बारे में विचार कर रही थी.

गौरतलब है कि गुरुवार को भीमा मंडावी की सबसे बड़ी बेटी 14 साल की मोना मंडावी की संदिग्ध हालत में मौत हो गई थी. हालांकि पुलिस के अनुसार मयूर इंटरनेशनल की नौवीं की छात्रा मोना मंडावी ने स्कूल के हॉस्टल वीआईपी रोड स्थित हॉस्टल आदित्य हाईट्स की चौथी मंजिल से नीचे कूदकर आत्महत्या कर ली थी.


मोना के बारे में पता चला है कि भीमा मंडावी की दो बेटियां और एक बेटा मयूर इंटरनेशनल स्कूल में पढ़ते थे. इससे पहले उसने आठवीं की परीक्षा 85 फीसदी अंकों के साथ ज्ञान गंगा स्कूल से पास की थी और इसी साल उसने मयूर स्कूल में दाखिला लिया था.

हॉस्टल की चौथी मंजिल के फ्लैट में मोना तीन और छात्राओं के साथ रहती थी. बकौल वार्डन, छात्राओं ने रात को एक बजे तक जन्मदिन की पार्टी की थी. जब उन्होंने छात्राओं को सोने के लिये कहा, तब कहीं जा कर छात्रायें सोने के लिये गयीं. पुलिस का कहना है कि सुबह साढ़े 5 बजे हॉस्टल की वार्डन बच्चों को पढ़ाई के लिये उठाने पहुंची तब उन्हें मोना के नीचे गिरे होने का पता चला. उन्होंने तुरंत इसकी सूचना प्रबंधन और पुलिस को दी.

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