सर्दियों में दिल को खतरा ज्यादा

नई दिल्ली | एजेंसी: सर्दियों में अमूमन लोग शराब को शरीर गर्म करने के लिए सबसे मुफीद मानते हैं. लेकिन चिकित्सा विशेषज्ञ इससे बचने की सलाह देते हैं, क्योंकि सर्दियों में सर्दी-जुकाम होने के अलावा दिल का दौरा पड़ने का खतरा भी बढ़ जाता है.

विशेषज्ञों का कहना है कि 30 या इससे अधिक आयु के व्यक्तियों, जिन्हें पहले से दिल का दौरा पड़ने का खतरा हो, में हर दूसरे व्यक्ति को सर्दियों में दिल का दौरा पड़ने का खतरा बना रहता है.

विशेषज्ञों के सुझाव के अनुसार, सीने में लगातार परेशानी बने रहने, ज्यादा पसीना आने, गर्दन, भुजाओं, जबड़ों एवं कंधों में दर्द रहने या सांस के जल्द-जल्द आने के प्रति लापरवाही न बरतें. सर्दियों में दिल का दौरा पड़ने के ये कुछ सामान्य लक्षण हैं.

मैक्स अस्पताल में कार्डिएक इलेक्ट्रोफीजियोलॉजी प्रयोगशाला एवं ऐरिथमिया सर्विसेज की सहायक निदेशक एवं अध्यक्ष वनीता अरोड़ा ने बताया, “सर्दियों को सभी जुकाम और फ्लू होने वाले मौसम के रूप में जानते हैं. लेकिन अधिकांश लोग इस बात से अनभिज्ञ हैं कि इस मौसम में दिल का दौरा पड़ने का खतरा भी बढ़ जाता है.”

उन्होंने बताया कि सर्दियों में रक्त नलिकाएं सिकुड़ जाती हैं, जिस कारण हृदय को रक्त प्रवाह जारी रखने के लिए अधिक कार्य करना पड़ता है.

वनीता ने कहा, “इससे दिल पर अधिक जोर पड़ता है, जिसके कारण दिला का दौरा पड़ सकता है. उन लोगों के लिए यह और भी अधिक जोखिम वाला होता है, जिन्हें दिल का दौरा पड़ने का कभी आभास नहीं हुआ होता.”

उन्होंने बताया कि सर्दियों में 30 से अधिक आयु के व्यक्ति को अतिरिक्त कार्य करने एवं खुद को थकाने से बचना चाहिए. उन्होंने यह भी सुझाव दिया कि खूब सर्दियां पड़ने पर लोगों को, खासकर मधुमेह से पीड़ित लोगों को, सुबह की सैर पर निकलने से बचना चाहिए, तथा दोपहर में जब थोड़ा सूरज निकल आए तब टहलने जाना चाहिए.

वनीता ने बताया कि सर्दियों में अत्यधिक शराब पीने से रक्त वाहिनियों में अनियमित संकुचन हो सकता है, जो दिल की धड़कन के अनियमित होने की सबसे सामान्य वजह है, जिसे एरिथमिया कहते हैं. ऐसा होने पर लोगों के दिल की धड़कन बढ़ सकती है, मूर्छा आ सकती है, सीने में दर्द शुरू हो सकता है या अधिक मात्रा में रक्त इकट्ठा हो जाने के कारण हृदयगति रुक सकती है.

बी.एल. कपूर मेमोरियन अस्पताल के हृदयरोग विभाग में वरिष्ठ परामर्शदाता नीरज भल्ला ने बताया कि तापमान कम होने के साथ ही चूंकि रक्त और गाढ़ा हो जाता है, जिसके कारण सर्दियों में हृदयगति रुकने एवं दिल का दौरा पड़ने का जोखिम बढ़ जाता है.

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *