मदर टेरेसा मां थी

कोलकाता | एजेंसी: मिशनरीज ऑफ चेरिटी ने मंगलवार को कहा मदर टेरेसा मां थी. मदर टेरेसा की निकट सहयोगी रही सुनीता कुमारी ने साफ किया कि मिशनरीज ऑफ चेरिटी ने कहा, मिशनरीज ऑफ चेरिटी में धर्म परिवर्तन के लिए कोई जगह नहीं है. राष्ट्रीय स्वंय सेवक संघ प्रमुख मोहन भागवत के धर्म परिवर्तन के बयान पर मिशनरीज ऑफ चेरिटी ने मंगलवार को कहा कि मोहन भागवत की जानकारी सही नहीं हैं. द डॉयोसिस ऑफ कलकत्ता ने भी मोहन भागवत के बयान को दुर्भाग्यपूर्ण बताया. मटर टेरेसा के निकट सहयोगी और मिशनरीज ऑफ चेरिटी की प्रवक्ता सुनीता कुमारी ने कहा, “उनके बयान से साफ दिख रहा है कि उनके पास कितनी गलत जनकारी है. मिशनरीज ऑफ चेरिटी में धर्म परिवर्तन के लिए कोई जगह नहीं है. उनका बयान दुर्भाग्यपूर्ण है.

गौरतलब है कि राजस्थान में भरतपुर के पास एक गैर सरकारी संगठन के कार्यक्रम को संबोधित करते हुए आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत ने कहा था कि नोबल पुरस्कार विजेता मदर टेरेसा गरीबों की सेवा इसलिए करती थीं, ताकि वह उनका धर्म परिवर्तन करा सकें.


सुनीता कुमारी ने हालांकि कहा कि मिशनरीज ऑफ चेरिटी भागवत से माफी मांगने के लिए नहीं कहेगी.

उन्होंने कहा, “अगर उन्हें लगता है कि उन्होंने कुछ गलत किया है, तो वह इसके लिए माफी मांगेंगे. इस पर फैसला लेने का पूरा अधिकार उनका है.”

द डॉयोसिस ऑफ कोलकाता, चर्च ऑफ नॉर्थ इंडिया ने भी मोहन भागवत के बयान को दुर्भाग्यपूर्ण बताया है.

डॉयोसिस सचिव अबीर अधिकारी ने कहा, “समाज और मानवता के लिए मदर टेरेसा के योगदान को न केवल भारत बल्कि पूरा विश्व जानता है. यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि राजनीतिक कारणों से उनका नाम खींचा जा रहा है.”

अधिकारी ने कहा, “मदर टेरेसा के साथ विभिन्न धर्मो के लोगों ने काम किया और किसी ने कुछ नहीं कहा. यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि धर्म-परिवर्तन जैसी कुछ चीजों को उनके साथ जोड़ा जा रहा है.”

भागवत के बयान पर विभिन्न हिस्सों से कड़ी प्रतिक्रिया देखने को मिली. कांग्रेस ने तो इस मामले को लोकसभा में भी उठाया.

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