वाहनों के लिये नया कानून आयेगा

नई दिल्ली | एजेंसी: अंतर्राष्ट्रीय मानकों के आधार पर नया सड़क यातायात अधिनियम लाया जायेगा. इस बात की जानकारी केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने दी. उन्होंने सोमवार को कहा कि संसद के शीतकालीन सत्र में एक नया सड़क यातायात अधिनियम पेश किया जाएगा, जो सड़क क्षेत्र से जुड़े अंतर्राष्ट्रीय अधिनियमों के समतुल्य होगा.

यहां सड़क सुरक्षा पर आयोजित एक कार्यशाला को संबोधित करते हुए मंत्री ने कहा कि मौजूदा मोटर वाहन अधिनियम, 1988 अब अपनी प्रासंगिकता खो चुका है और तेजी से बदलते यातायात परिदृश्य को ध्यान में रखते हुए एक समग्र अधिनियम की जरूरत है.


उन्होंने कहा कि प्रस्तावित अधिनियम का मसौदा पहले ही अंतिम चरण में पहुंच चुका है जिसमें अमरीका, कनाडा, सिंगापुर, जापान, जर्मनी और ब्रिटेन सरीखे विकसित देशों में अपनाए जा रहे सर्वोत्तम तरीकों की खास बातें शामिल होंगी.

गडकरी ने अफसोस जताते हुए कहा कि हर साल सड़क दुर्घटनाओं में 1.38 लाख लोगों की मौत हो जाती है, जिसकी कुल सामाजिक लागत लगभग 1 लाख करोड़ रुपये बैठती है. यही नहीं, सड़क दुर्घटनाओं के चलते होने वाली 63 फीसदी मौतें राष्ट्रीय और राजमार्गो पर होती हैं.

उन्होंने कहा कि सड़क सुरक्षा के अलावा शहरी क्षेत्रों में जिस सबसे बड़ी समस्या से दो-चार होना पड़ रहा है, वह है वाहनों की संख्या में अप्रत्याशित बढ़ोतरी. इस वजह से जहां एक ओर सड़कों पर अक्सर जाम लग जाता है, वहीं दूसरी ओर सड़क यातायात के नियमों के उल्लंघन के मामले बढ़ते जा रहे हैं.

मंत्री ने कहा कि कारगर सड़क इंजीनियरिंग के अभाव में दोषपूर्ण डीपीआर तैयार की गईं जिसके चलते सड़क दुर्घटनाओं और इसके चलते होने वाली मौतों की संख्या बढ़ती जा रही है. पूर्ण पारदर्शिता और भ्रष्टाचार के मामलों को कतई बर्दाश्त न करने की जरूरत पर बल देते हुए गडकरी ने कहा कि देशभर में सड़क दुर्घटनाओं की तेजी से बढ़ती संख्या को ध्यान में रखते हुए सर्वोच्च स्तर पर जवाबदेही तय करने की आवश्यकता है.

उन्होंने सही अर्थो में अपेक्षित परिणाम हासिल करने के लिए नियमों पर अमल करने एवं जागरूकता बढ़ाने पर भी बल दिया. मंत्री ने सड़क यातायात प्रबंधन की क्षमता बढ़ाने की दिशा में सड़क यातायात शिक्षा संस्थान द्वारा निभाई गई अहम भूमिका की सराहना की, जो उसके 25 वर्षो के अनुसंधान पर आधारित है.

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