मध्यप्रदेश में दागदार छवि वाले 55 विधायक

भोपाल | एजेंसी: मध्य प्रदेश की विधानसभा में 55 विधायक ऐसे हैं जिनके खिलाफ आपराधिक प्रकरण दर्ज हैं. इनमें भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के 28 और कांग्रेस के 21 विधायक हैं.

नेशनल इलेक्शन वॉच की मध्य प्रदेश इकाई ने यह ब्योरा दिया है. इकाई द्वारा 2008 के विधानसभा चुनाव में किस्मत आजमाने वाले उम्मीदवारों का विश्लेषण किया गया. इसके अंतर्गत 2965 उम्मीदवारों की पड़ताल की गई जिनमें से 447 के राजनीतिज्ञों के खिलाफ आपराधिक मामले दर्ज थे.

कांग्रेस के 217 उम्मीदवारों में से 68 (31 प्रतिशत), भाजपा के 216 में से 48 (22 प्रतिशत) तथा बसपा के 207 में से 41 (20 प्रतिशत) उम्मीदवार आपराधिक पृष्ठभूमि वाले थे.

विश्लेषण में शामिल 2965 उम्मीदवारों में से 257 (नौ प्रतिशत) के खिलाफ हत्या, अपहरण, डकैती, फिरौती वसूलने और दुष्कर्म जैसे गंभीर आपराधिक मामले दर्ज थे. इसके बावजूद कांग्रेस ने ऐसे 33 (15 प्रतिशत) को, भाजपा ने 22 (10 प्रतिशत) और बसपा ने 26 उम्मीदवारों (13 प्रतिशत) को टिकट दिया.

नेशनल इलेक्शन वाच की प्रदेश इकाई के अनुसार 2008 विधानसभा चुनाव में चुनकर विधानसभा सदस्य बनने वाले आपराधिक छवि वाले 230 विधायकों में से केवल 219 विधायकों का विश्लेषण किया जा सका. नौ विधायकों के शपथपत्रों का विश्लेषण इसलिए नहीं किया जा सका, क्योंकि या तो वे अधूरे थे या फिर उनके भेजे दस्तावेजों की स्कैन कॉपी धुंधली थी. वर्तमान में केवलारी और नीमच की दो विधानसभा सीटें रिक्त हैं.

विश्लेषण में शामिल 219 विधायकों में से 55 (25 प्रतिशत) के खिलाफ आपराधिक मामले दर्ज हैं. दलगत रूप से कांग्रेस के 62 में से 21 (34 प्रतिशत), भाजपा के 142 विधायकों में से 28 (20 प्रतिशत) तथा बसपा के सात विधायकों में से तीन (43 प्रतिशत) विधायकों के खिलाफ आपराधिक मामले दर्ज हैं.

राज्य में मंत्री पदों के लिए चुने गए 31 विधायकों में से पांच के खिलाफ आपराधिक मामले दर्ज हैं. इनमें भी दो मंत्रियों पर गंभीर आपराधिक प्रकरण दर्ज है. इलेक्शन वॉच की मध्य प्रदेश इकाई ने आगामी विधानसभा चुनाव से पहले मतदाताओं को जागरूक करने के लिए अभियान चलाने की भी घोषणा की है.

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