कांग्रेस ने बुंदेलखंड में बिछाई बिसात

भोपाल | एजेंसी: कांग्रेस ने मध्य प्रदेश के बुंदेलखंड इलाके में पिछले विधानसभा चुनाव के मुकाबले बेहतर नतीजे हासिल करने के लिए बिसात बिछा दी है और इस इलाके के ताकतवर नेताओं को चुनाव प्रचार व पार्टी के बागियों को मनाने की जिम्मेदारी सौंप दी है. यही नहीं कांग्रेस अन्य दलों के बागियों को टिकट भी दे रही है.

कांग्रेस बुंदेलखंड में अच्छे नतीजे चाहती है, क्योंकि यह इलाका पार्टी उपाध्यक्ष राहुल गांधी की राजनीतिक पाठशाला रही है, और इसलिए उसे लगता भी है कि कोशिश करने पर यहां वह बेहतर परिणाम हासिल किए जा सकते हैं.

बुंदेलखंड में मध्य प्रदेश के छह जिले -दतिया, छतरपुर, दमोह, टीकमगढ़, पन्ना और सागर- आते हैं. यहां कुल 29 विधानसभा क्षेत्र हैं. इनमें से कांग्रेस के खाते में सिर्फ सात हैं, जबकि भारतीय जनता पार्टी का 19 सीटों पर कब्जा है. इनमें दतिया और दमोह ऐसे जिले हैं, जहां से कांग्रेस का एक भी विधायक नहीं है.

राजनीतिक दृष्टि से यह इलाका इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि भाजपा फायरब्रांड नेता उमा भारती और कांग्रेस प्रवक्ता सत्यव्रत चतुर्वेदी यहीं से आते हैं.

जानकारों के अनुसार, भाजपा उमा भारती का उपयोग इस इलाके में करना चाहती है, मगर उनकी सक्रियता अभी नहीं बढ़ी है. लेकिन कांग्रेस ने चतुर्वेदी के अलावा उत्तर प्रदेश के बुंदेलखंड से नाता रखने वाले केंद्रीय ग्रामीण विकास राज्य मंत्री प्रदीप जैन को यहां पूरी तरह लगा दिया है.

सूत्रों का कहना है कि कांग्रेस इस इलाके से ज्यादा से ज्यादा सीटें हासिल करने के लिए किसी भी राजनीतिक अस्त्र का इस्तेमाल करने से पीछे नहीं रहना चाहती. यही कारण है कि उसने दल बदलकर आए दो जीताऊ नेताओं को बेहिचक उम्मीदवार बना दिया है. भाजपा से आए दिनेश अहिरवार को जतारा और बहुजन समाज पार्टी से आई चंदा सिंह गौर को खरगापुर से कांग्रेस का उम्मीदवार बनाया गया है.

कांग्रेस सूत्रों के अनुसार, चतुर्वेदी छतरपुर पहुंचकर पार्टी उम्मीदवारों के पक्ष में माहौल बनाने के लिए मोर्चा संभाल लिए हैं और बागियों को मैदान से हटकर पार्टी उम्मीदवारों के पक्ष में प्रचार करने के लिए समझा रहे हैं.

काग्रेस सूत्रों के अनुसार, एक तरफ जहां चतुर्वेदी और जैन को क्षेत्र में रहकर कार्यकर्ताओं को पार्टी उम्मीदवारों के पक्ष में काम करने के लिए उत्साहित करने की जिम्मेदारी दी गई है, तो पार्टी के कई बड़े नेता भोपाल में रहकर इन हालातों पर नजर रख रहे हैं. इतना ही नहीं बागियों को मनाने का दौर भी हर स्तर पर चल रहा है, और भाजपा के असंतुष्टों से भी कांग्रेस संपर्क कर रही है.

केंद्रीय ग्रामीण विकास राज्य मंत्री प्रदीप जैन आदित्य इस बात को स्वीकार करते हैं कि कांग्रेस इस बार बुंदेलखंड में ज्यादा से ज्यादा सीटें जीतने की रणनीति के तहत काम कर रही है. उन्होंने कहा कि इसी रणनीति के तहत पार्टी ने उन्हें उत्तर प्रदेश का होने के बावजूद मध्य प्रदेश के हिस्से वाले बुंदेलखंड में जिम्मेदारी सौंपी है.

उन्होंने कहा कि इस इलाके की जनता में इस बात को लेकर असंतोष है कि उसके लिए केंद्र से बुंदेलखंड पैकेज के तहत भेजी गई राशि को भाजपा के नेता डकार गए हैं. यहां की जनता भी बदलाव चाहती है, इसका लाभ कांग्रेस को मिलना तय है.

बुंदेलखंड के वरिष्ठ पत्रकार रवींद्र व्यास का कहना है कि कांग्रेस जानती है कि अगर वह इस बार हारी तो उसकी हालत उत्तर प्रदेश जैसी हो जाएगी. लिहाजा विधानसभा चुनाव में जीत ही उसे संजीवनी दे सकती है. इसी के चलते कांग्रेस ने पार्टी के प्रमुख नेता चतुर्वेदी और जैन को क्षेत्र कैम्प करने को कहा है.

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