मुजफ्फरनगर में सांप्रदायिकता का तांडव

मुजफ्फरनगर | एजेंसी: मुजफ्फरनगर में कुछ दिनों की शांति पश्चात् सांप्रदायिकता का तांडव फिर से शुरु हो गया है. बुधवार को दो अलग अलग घटनाओं में 4 लोगो की मौत हो गई है. घटना के बाद दोनों इलाकों में प्रांतीय सशस्त्र बल और त्वरित कार्य बल की छह कंपनियों के साथ पड़ोस के जिलों से बुलाए गए पुलिस बलों की बड़ी संख्या में तैनाती की गई है. फिलहाल स्थिति पूरी तरह से काबू में है. पुलिसकर्मी तनावग्रस्त इलाकों में गश्त कर कर रहे हैं.

जिले के भौराकला थाना क्षेत्र के मोहम्मदपुर रायसिंह निवासी राजेंद्र अपने खेत में काम कर रहे थे तभी पड़ोस के हुसैनपुर गांव के 10 से अधिक लोगों ने उन पर हमला कर दिया. राजेंद्र ने भागकर गांववालों को घटना की जानकारी दी, जिसके बाद लाठी डंडे लेकर मौके पर पहुंचे ग्रामीणों ने तीन हमलावरों को पीट-पीटकर मार डाला. हमलावर पड़ोस केहुसैनपुर गांव के दूसरे समुदाय के लोग बताए जा रहे हैं.


घटना के करीब एक घंटे बाद फुगाना इलाके में नकाबपोश बदमाशों ने मोटरसाइकिल सवार दंपति पर हमला कर पत्नी की गोली मार कर हत्या कर दी जबकि पति बुरी तरह से घायल हो गया. दोनों घटनाओं के बाद स्थानीय लोग सड़कों पर उतर आए और जमकर हंगामा किया.

मुजफ्फरनगर के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक हरि नारायण सिंह ने गुरुवार को संवाददाताओं को बताया कि मोहम्मदपुर रायसिंह गांव में विवाद के बाद संघर्ष में तीन लोगों की मौत हो गई. इस संबंध में आठ लोगों को गिरफ्तार किया गया है. वहीं फुगाना की घटना के संबंध में मामला दर्ज कर हमलावरों की तलाश की जा रही है.

भाजपा के प्रदेश प्रवक्ता विजय बहादुर पाठक ने कहा कि सूबे में आए दिन हिंसा होती रहती है. मुजफ्फरनगर एक बार फिर जल उठा है, लेकिन सरकार हिंसा रोकने में नाकाम साबित हुई है. सरकार की एकतरफा कार्रवाई की वजह से ही आए दिन हिंसक घटनाएं सामने आ रही हैं. भाजपा ने कहा कि अखिलेश यादव सरकार मुजफ्फरनगर में आज तक अमन-चैन कायम नहीं कर पाई. इस वजह से ही बुधवार को एक बार फिर हिंसा भड़क उठी. पुलिस की लापरवाही की वजह से ऐसी घटनाएं सामने आ रही हैं.

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