मनमोहन रुपयों के डाक्टर-मोदी

अंबिकापुर | संवाददाता:गुजरात के मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा है कि भारत के प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह रुपयों के डाक्टर हैं लेकिन रुपया आज अस्पताल में जीवन और मौत के बीच झूल रहा है.

छत्तीसगढ़ के अंबिकापुर में मुख्यमंत्री रमन सिंह की विकास यात्रा के समापन पर बोलते हुये नरेंद्र मोदी ने राहुल गांधी का नाम लिये बिना कहा कि वे जब मुंह खोलते हैं तो सिर पटकने का मन करता है. वे गरीबों के घाव पर मरहम लगाने के बजाये उनके घावों को गहरा करने का काम कर रहे हैं.


दिल्ली के लाल किले की तर्ज पर बनाये गये मंच से बोलते हुये गुजरात के मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि दिल्ली में भी एक सिंह है और छत्तीसगढ़ में भी एक सिंह है. दिल्ली में मनमोहन सिंह को 10 साल होने जा रहे हैं और छत्तीसगढ़ में रमन सिंह को भी. रमन सिंह लोगों को डाक्टर हैं और मनमोहन सिंह रुपयों के डाक्टर हैं और लेकिन रुपया अस्पताल में जीवन और मृत्यु के बीच झूल रहा है.

नरेंद्र मोदी ने कहा कि दिल्ली का शासन संवेदनाहीन है, मानवहीन है. उन्होंने कहा कि देश की सामान्य जनता महंगाई के कारण मर रही है, ग़रीब के घर के चूल्हा नहीं जल पा रहा है. लेकिन दिल्ली में बैठी हुई सरकार ग़रीबों की परिभाषा बनाने में लगी हुई है.

नरेंद्र मोदी ने कहा कि जब अटल जी ने 3 राज्‍यों के गठन का फैसला किया तब किसी को दिक्‍कत नहीं हुई. जब छत्तीसगढ़ अलग हुआ तो मध्‍य प्रदेश ने भी मिठाई बांटी और छत्तीसगढ़ ने भी. जब उत्तराखंड अलग हुआ तो यूपी और उत्तराखंड के लोगों ने खुशियां मनाई. जब झारखंड अलग हुआ तो बिहार और झारखंड दोनों ने ही मिठाइयां बांटी. लेकिन आज कांग्रेस ने आंध्र प्रदेश में आग लगा दी है. उन्‍होंने कहा कि जब तेलंगाना बना तो वहां कर्फ्यू लगाना पड़ा. ये कांग्रेस की कार्य संस्‍कृति है.

कोयला घोटाले की फाइलों पर बोलते हुये नरेंद्र मोदी ने कहा कि कोयला घोटाले की गुम फाइलों पर संसद में चर्चा हुई, सुप्रीम कोर्ट ने भी पूछा कि फाइलें कहां गुम हो गई हैं. संसद में तो फाइलों की चर्चा हो रही लेकिन सवा 100 करोड़ लोग चर्चा कर रहे हें कि हमारी सरकार कहां खो गई है.

कांग्रेस पर हमला बोलते हुये नरेंद्र मोदी ने कहा कि कांग्रेस इस देश के नागरिकों को नागरिक मानने को तैयार नहीं. कांग्रेस का अहंकार सातवें आसमान पर है. वो लोगों से सिर्फ वोट बैंक की तरह व्‍यवहार करती आई है. जिसका परिणाम यह है कि आज वो जहां भी हाथ लगाते हैं सोना मिट्टी हो जाता है, समस्‍याएं विकराल हो जाती हैं, संकट गहरे हो जाते हैं. यह कांग्रेस की परंपरा रही है.

नरेंद्र मोदी ने कहा कि मुझे उन लोगों पर गुस्‍सा नहीं आता बल्कि दुख होता है कि दिल्‍ली में ऐसे लोग बैठे हैं जिन्‍हें ये भी नहीं पता कि गरीब कैसे जी रहा है, आदिवासी कैसे रह रहा है. जो आपके दर्द नहीं जानता, जो आपकी पीड़ा नहीं जानता, जो आपका दर्द नहीं समझ पाए वो आपके दर्द की दवा कैसे कर सकता है. दिल्‍ली का शासक संवेदना हीन और मानवता हीन है. कांग्रेस गरीबों का दर्द नहीं समझती.

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