राष्ट्रीय कृषि बाजार ‘e-NAM’ शुरु

नई दिल्ली | समाचार डेस्क: प्रधानमंत्री मोदी ने गुरुवार को राष्ट्रीय कृषि बाजार ‘ई-नाम’ की पायलट परियोजना का शुरु की. इससे 8 राज्यों की 21 मंडियां ‘ई-नाम’ से जुड़ गई हैं. इस अवसर पर उन्होंने कहा कि इस पहल से पारदर्शिता आएगी, जिससे किसान काफी हद तक लाभान्वित होंगे.

नरेंद्र मोदी ने कहा कि यह कृषि समुदाय के लिए एक बड़ा बदलाव है. उन्होंने कहा कि कृषि क्षेत्र को समग्र रूप में देखना होगा और इसके बाद ही किसानों को अधिकतम लाभ सुनिश्चित किया जा सकता है.

प्रधानमंत्री ने इस अवसर पर किसानों को यह विस्तार से जानकारी दी कि क्या-क्या कदम उठाए जा चुके हैं एवं किसानों की आय बढ़ाने के लिए अब और क्या किया जा सकता है.

विज्ञान भवन, नई दिल्ली में प्रधानमंत्री मोदी द्वारा राष्ट्रीय कृषि बाजार के उद्घाटन के मौके पर कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री राधा मोहन सिंह कहा कि प्रधानमंत्री के मार्गदर्शन में सरकार ने किसानों की समस्या समझते हुए इस परियोजना पर तेजी से काम किया और आज 8 राज्यों की 21 मंडियों को राष्ट्रीय कृषि बाजार से जोड़ दिया गया. उन्होंने आगे कहा कि सितंबर, 2016 तक इसमें 200 मंडियां शामिल हो जाएंगी और मार्च, 2018 तक 585 मंडियों को जोड़ दिया जाएगा.

केन्द्रीय कृषि एवं कल्याण मंत्री ने कहा कि बाबा साहेब भीम राव अम्बेडकर ने अपना जीवन गरीबों, अत्यंत पिछड़े वर्गों और किसानों को समर्पित कर दिया था, यही वजह है कि प्रधानमंत्री मोदी ने राष्ट्रीय कृषि बाजार को बाबा साहेब की 125वीं जयंती पर किसानों के लिए खोलने का फैसला किया. कृषि मंत्री ने इस परियोजना में मार्गदर्शन के लिए प्रधानमंत्री का आभार जताया.

कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री राधा मोहन सिंह ने इस मौके पर बताया कि यह परियोजना एक ऑनलाइन पोर्टल द्वारा संचालित होगी जिसे राज्य की मंडियों से जोड़ा जा रहा है. इसका सॉफ्टवेयर सभी इच्छुक राज्यों को नि:शुल्क दिया गया है और कामकाज में मदद के लिए हर भागीदार मंडी में एक वर्ष के लिए एक जानकार व्यक्ति को नियुक्त किया जा रहा है.

इस परियोजना के तहत भारत सरकार, राज्यों की प्रस्तावित कृषि मंडी को 30 लाख रुपये का अनुदान दे रही है. इस पोर्टल से संबंधित जानकारी प्राप्त करने के लिए किसानों को 24 घंटे किसान हेल्पलाइन सेवाएं उपलब्ध होंगी.

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