नवागांव में आबकारी नीति हुई दरकिनार

रतनपुर | उस्मान कुरैशी: ग्राम पंचायत नवागांव के शराब दुकानों को अपवादित मानकर सरकार अपनी ही आबकारी नियमों को दरकिनार कर रही हैं. सारा गांव विरोध में है फिर भी यहां की दुकानें आपत्ति रहित स्थान पर है.

शराब दुकानें बंद होने से राजस्व की क्षति की भी बात कही गई है. ऐसे में प्रदेश में 323 देशी विदेशी दुकानों को बंद कर करोड़ो रूपए राजस्व की क्षति शासन को क्यों पहुंचाई गई. आखिर किसे लाभ पहुंचाने यहां की दुकानों को अपवादित माना गया. दुकानें बंद होने से कैसे अप्रिय घटना की स्थिति निर्मित होगी. ऐसे ही ढ़ेरों सवालों के जवाब ग्रामीण शासन से पूछ रहे है.


बिलासपुर जिले में कोटा ब्लाक के ग्राम पंचायत नवागांव कर्रा में लायसेंशी देशी विदेशी मदिरा दुकान संचालित है. आबकारी आयुक्त छ.ग. रायपुर के पत्र क्रमांक /आबकारी /ठेका/2007/402/रायपुर दिनांक 9 फरवरी 2007 की कंडिका 4.2 के निर्देश के तहत रतनपुर स्थान पर ग्राम पंचायत नवागांव के लिए देशी विदेशी मदिरा दुकान के लिए लायसेंस जारी किया गया है.

नवागांव के निर्वाचित जनप्रतिनिधी पंच सरपंच सहित ग्रामीण लंबे समय से लगातार शराब दुकान को हटाने की मांग कर रहे है. ग्रामीणों ने इसके खिलाफ बकायदा ग्राम सभा में प्रस्ताव भी पारित कर रखा है. सरपंच सहित ग्रामीणों ने पहली बार 26 अक्टूबर 2010 को कलक्टर बिलासपुर से शिकायत की थी.

शिकायत में ग्रामीणों ने पंचायती राज में मिले अधिकार के तहत ग्राम सभा की अनुमति के बिना शराब दुकान की स्थापना को अवैधानिक बताया है. इसी आधार पर गा्रमीणों ने शराब दुकानें हटानें की मांग की थी. नई आबकारी नीति अप्रैल 2011 से लागू हुई . जिसके तहत प्रदेश के दो हजार से कम आबादी वाले 239 गांवों की देशी विदेशी शराब दुकानें बंद कर दी गई.

दुकानें बंद होने से शासन को सौ करोड़ रूपए क्षति होने की बात भी कही गई. 2012-13 जनसंख्या की सीमा रेखा को बढ़ाकर 25 सौ कर दी गई. आबादी की सीमा रेखा बढ़ानें से प्रदेश के नए 84 गांव और इसकी जद में आ गए. आबादी की नई तय सीमा रेखा में भी 1567 की आबादी वाले बिलासपुर जिले के नवागांव से शराब की दुकान नही हटाई गई. इसे अपवादित श्रेणी में रखा गया.

नवागांव के उपसरपंच सहित ग्रामीणों ने इस पर आपत्ति जताई. उपसरपंच सहित ग्रामीणों ने मामले की शिकायत मुख्यमंत्री निवास रायपुर के जनदर्षन में 23 फरवरी 2012 को की. जनदर्षन में हुई शिकायत के बाद विषेश कर्तव्यस्थ अधिकारी आबकारी विभाग छ.ग. रायपुर के 27 सितम्बर 2012 को संयुक्त सचिव छ.ग. शासन वाणिज्यिक कर आबकारी विभाग को लिखे पत्र में कई चौकाने वाले तथ्य है. पत्र के मुताबिक आबकारी उप निरीक्षक से मामले की जांच कराई गई. आबकारी उप निरीक्षक नेे प्रतिवेदन में माना कि नवागांव की जनसंख्या 1567 है. यहां की शराब दुकानें बंद करने से राजस्व की क्षति होगी. यह क्षेत्र मदिरा विहीन हो जाएगा. इस क्षेत्र में शराब पीने से किसी की मौत भी नही हुई है. मौके जांच पर शिकायत में उल्लेख्ति तथ्य प्रकाश में नही आया.

जिला आबकारी सलाहकार समिति की बैठक में पारित प्रस्तावानुसार शासन स्वीकृति के पष्चात मदिरा दुकानों का संचालन नियमानुसार किया जा रहा है. शिकायत में उल्लेखित तथ्य निराधार है. रिपोर्ट में स्पष्ट किया गया है कि नवागांव की देशी विदेशी मदिरा दुकानें बंद करने से शासन को राजस्व की क्षति के साथ क्षेत्र मदिरा विहीन हो जाएगा. इससे अवैध मदिरा निर्माण व विक्रय की संभावना बनी रहेगी. इससे अप्रिय घटना की स्थिति भी निर्मित होने की संभावना प्रतीत होने की बात कही गई है. अपवादिक स्थिति में यथावत रखा गया है.

आबकारी नीति ही दरकिनार

शिकायत की जांच रिपोर्ट पर सवाल उठाते नवागांव के सरपंच लक्षमण प्रभाकर कहते है कि एक तरफ तो सरकार नियम बनाती है कि ढाई हजार से कम आबादी वाले गांवों की शराब दुकानें बंद कर दी जाएगी. वहीं 15 सौ की आबादी वाले गांव को गांव वालों के विरोध के बाद भी अपवादित श्रेणी में रखा गया है. सरकार अपनी ही आबकारी नीतियों को दर किनार कर रही है.

…तो सारा गांव झूठा !

सारेे गांव के विरोध के बाद भी जांच रिपोर्ट में शराब दुकान को आपत्ति रहित स्थान पर संचालित होना बताया गया है. शिकायत में उल्लेखित तथ्यों को निराधार बताने से जांच रिपोर्ट की सत्यता पर ही सवाल उठ रहे है. ऐसा कैसे हो सकता कि पूरा गांव झूठ बोले और जिला मुख्यालय से गया जांच अधिकारी की जांच ही सही हो .

और भी कई सवाल

सवाल ये भी है कि शराब न बिकने से कैसे अप्रिय घटना की स्थिति निर्मित होगी. अगर अवैध शराब बिकने का मामला है तो आबकारी विभाग में तैनात कारिन्दें क्या करेगें! शासन अवैध शराब की ब्रिकी रोकने के लिए ही तो इनकी तैनाती करती है. शराब पीकर मौतें नहीं होने का भी हवाला दिया गया है तो क्या शासन दुकान बंद करने लोगों की मौतों का इंतजार कर रही! गांव के पंच सरपंच सहित सारे जप्रतिनिधि जिस दुकान के विरोध में हो वह आपत्ति रहित स्थान पर कैसे हो सकता है !म

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