नक्सलियों की हेलिकॉप्टर गिराने की साजिश

जगदलपुर | एजेंसी: छत्तीसगढ़ के नक्सल प्रभावित बस्तर में संवेदनशील इलाकों के मतदान केंद्रों को ‘शिफ्ट’ करने के बाद सुरक्षा को लेकर भले ही संतुष्टि जताई जा रही हो, लेकिन चुनाव विरोधी नक्सली इस क्षेत्र में मुसीबत खड़ी कर सकते हैं. वे सुरक्षाबलों और मतदान कराने वाली टीमों को लेकर उड़ने वाले हेलीकॉप्टर को विस्फोट कर गिराने की साजिश रच रहे हैं.

नारायणपुर के एसडीओ सी.डी. तिर्की ने बताया कि खुफिया विभाग ने अलर्ट जारी कर बताया है कि आम चुनाव के दौरान नक्सली हेलीकॉप्टरों को निशाना बना सकते हैं. सूचना मिलने के बाद सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए जा रहे हैं.


सूत्रों ने बताया कि नक्सली हेलीकॉप्टरों को विस्फोट से उड़ाने के लिए माड़ इलाके में एक गुप्त स्थान पर अभ्यास कर रहे हैं जिसमें आंध्र प्रदेश के बड़े नक्सली नेताओं की अहम भूमिका है.

बताया जा रहा है कि नक्सलियों की तकनीकी टीम ने जो फार्मूला इजाद किया है, उसके अनुसार जमीन पर बैठकर आसमान में उड़ते कई हेलीकॉप्टरों को एक साथ निशाना बनाया जा सकता है. पिछले कई वर्षो से बस्तर के संवेदनशील इलाकों में मतदान कर्मियों की टीम को लाने और ले जाने के लिए हेलीकॉप्टर का उपयोग किया जाता रहा है.

सूत्रों की मानें तो नक्सली आधुनिक हथियार बनाने में बोर के केसिंग पाइप का उपयोग कर रहे हैं. इससे पैदल चलते जवानों के साथ-साथ हेलीकॉप्टर को भी निशाना बनाया जा सकता है.

हेलीकॉप्टर को भेदने की तैयारी में लगे ‘लाल आतंकी’ पहाड़ों के ऊपर हेलीकॉप्टर के उड़ने की दिशा में जगह-जगह बारूद का जाल बिछा रहे हैं. नक्सलियों के लिए मानवरहित विमान काफी हानिकारक है, इसलिए वे पिछले कई दिनों से इसका तोड़ निकाल रहे थे.

सूत्रों के अनुसार, बोर के पाइप से लक्ष्य को भेदने के लिए बने हथियार से हमला करना काफी आसान है. जिस दिशा में आसमान की ओर टारगेट पर विस्फोट करना होता है, वहां जमीन के अंदर बारूद का ढेर लगाया जाता है. इसके बाद केसिंग के 10 से 15 पाइपों को जोड़कर उसका मुंह आसमान की तरफ रख दिया जाता है. जैसे ही टारगेट पास आता है, उसे बारूद की एक चिनगारी से जमीन पर गिरा दिया जाता है

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