नेपाल मृतकों की संख्या 7903 हुई

काठमांडू | एजेंसी: नेपाल में 25 अप्रैल को आए भीषण जलजले में अब तक कुल 7903 लोगों की मौत हो चुकी है. नेपाल पुलिस ने शुक्रवार को यह जानकारी दी.

पुलिस ने कहा कि अब तक 7779 शवों को परिवारों को सौंपा जा चुका है और घायल हुए 6086 लोगों का देशभर के अस्पतालों में इलाज चल रहा है.

भूकंप में कुल 17803 लोग घायल हुए. आंकड़ों के मुताबिक देश में 6,69,775 लोग विस्थापित हुए हैं.

रिक्टर स्केल पर 7.9 तीव्रता वाले इस भूकंप में 264 नेपाली नागरिक और 111 विदेशी नागरिक लापता हैं.

1934 के बाद नेपाल में यह सबसे भीषण भूकंप था. हिमालय की गोद में बसे इस देश में जलजले के कारण भारी विनाश हुआ है.

नेपाल के प्रधानमंत्री सुशील कोइराला ने शुक्रवार को इस बात पर जोर दिया कि हिमालय की गोद में बसे इस देश में कोई भी बेघर नहीं रहेगा और न ही कोई बच्चा खाद्य सामग्री और पोषण की कमी के कारण कुपोषण का शिकार होगा. 25 अप्रैल को आए भीषण जलजले के बाद पहली बार देश की संसद को संबोधित करते हुए सुशील कोइराला ने कहा कि क्षतिग्रस्त हुए घरों के पुनर्निर्माण का कार्य दो सालों के भीतर पूरा कर लिया जाएगा.

उन्होंने कहा, “हम दो साल के भीतर पुनर्निर्माण और मरम्मत का काम पूरा कर लेंगे.”

प्रधानमंत्री भूकंप से प्रभावित हजारों लोगों तक पहुंचने के लिए सरकार की ओर से संसद में एक प्रस्ताव पेश कर रहे थे.

नेपाल सरकार ने पहले ही पुनर्निर्माण और मरम्मत कार्यो के लिए 200 करोड़ रुपये के कोष की घोषणा की है और अंतर्राष्ट्रीय सहायता की भी मांग की है.

कोइराला ने आश्वासन दिया कि क्षतिग्रस्त एतिहासिक इमारतों और स्मारकों का पुनर्निर्माण कार्य पांच साल के भीतर पूरा कर लिया जाएगा.

25 अप्रैल को आए भीषण जलजले में नेपाल के काठमांडू, ललितपुर और भक्तपुर जिले में एतिहासिक इमारतों और स्मारकों को भारी नुकसान पहुंचा है.

प्रधानमंत्री ने कहा कि राष्ट्रीय योजना आयोग भूकंप में प्रभावित हुए लाखों मकानों के पुनर्निर्माण कार्य का नेतृत्व करेगा, फिर चाहे वे इमारत सरकारी हों अथवा निजी.

उन्होंने दान देने वाली एजेंसियों से भी आग्रह किया है कि वे सरकार के मानदंडो के अनुसार पुनर्निर्माण का कार्य करें.

उन्होंने कहा, “अगर कोई अपने घर का पुनर्निर्माण कार्य कराना चाहता है तो सरकार उसे तुरंत दो लाख नेपाली रुपये देगी. वहीं काठमांडू में जिन लोगों के घर हैं सरकार उन्हें 25 लाख रुपये दो प्रतिशत के साधारण ब्याज पर अपने क्षतिग्रस्त घर बनाने के लिए देगी. इसी प्रकार से काठमांडू के बाहर के इलाकों में सरकार गृहस्वामियों को अपने घर दोबारा से बनाने के लिए 15 लाख रुपये देगी.”

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