व्यवस्था से बड़ा कोई नहीं: मोदी

नई दिल्ली | समाचार डेस्क: प्रधानमंत्री मोदी ने दो टूक शब्दों में कहा व्यवस्था से बड़ा कोई नहीं है. उन्होंने एक निजी टेलीविजन चैनल को दिये साक्षात्कार में स्वामी, राजन, चीन तथा पाक पर साफ शब्दों में अपने विचार रखें. उन्होंने साफ कर दिया कि राजनीति केवल चुनाव के समय होती है सरकारी समारोहों में सरकार की बात की जाती है. प्रधानमंत्री मोदी पहली बार रिजर्व बैंक के गवर्नर रघुराम राजन पर सार्वजनिक रूप से बोले कि उनकी देश के प्रति प्रेम पर कोई संदेह नहीं है.

इसी के साथ उन्होंने कटाक्ष किया कि चर्चा में बने रहने की इच्छा से देश का भला नहीं होगा. प्रधानमंत्री मोदी का इशारा भाजपा के राज्यसभा सांसद स्वामी द्वारा दिये जा रहे विवादस्पद बयानों की ओर था.

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोमवार को भारतीय जनता पार्टी के सांसद सुब्रह्मण्यम स्वामी के रिजर्व बैंक के गवर्नर रघुराम राजन और वित्त मंत्रालय के कुछ वरिष्ठ अफसरों पर शाब्दिक प्रहार की आलोचना करते हुए कहा कि ‘यह ठीक नहीं था.’

उन्होंने साथ ही कहा कि भारत ‘ढेर सारी समस्याओं के बावजूद’ अब चीन के आंखों में आंखे डालकर बात कर रहा है. प्रधानमंत्री ने कहा कि उन्हें राजन के देशप्रेम पर कोई संदेह नहीं है.

उन्होंने कहा, “मैं उनके काम को सराहता हूं. देश के प्रति उनका प्रेम निर्विवाद है. आशा है, सेवानिवृत्ति के बावजूद उनकी सेवाएं देश को उपलब्ध होंगी. अगर कोई यह कहता है कि वे सिर्फ इस पद पर रहकर ही देश की सेवा करेंगे तो यह अन्याय होगा.”

मोदी ने कहा, “चाहे वह मेरी पार्टी के हों या किसी दूसरी पार्टी के हों, मेरे ख्याल से इस तरह की बातें ठीक नहीं हैं. ऐसी बातों से देश का भला नहीं होगा.”

उन्होंने कहा कि स्वामी के बयान सही नहीं थे और ‘चर्चा में बने रहने की इच्छा से देश का भला नहीं होगा.’

मोदी ने कहा, “अगर कोई स्वयं को व्यवस्था से बड़ा दिखाता है, तो यह सही नहीं है.”

मोदी ने यह भी कहा कि जब उनकी सरकार ने 2014 में कामकाज संभाला था, तो लोगों का मानना था कि राजन को उनका कार्यकाल पूरा नहीं करने दिया जाएगा, लेकिन ऐसा नहीं हुआ. सभी बातें गलत साबित हुई और उन्होंने अपना कार्यकाल पूरा किया.

मोदी से पूछा गया था कि क्या यह उचित है कि इलाहाबाद में राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक में भाजपा नेताओं और कार्यकर्ताओं को सात ‘मंत्र’ सिखाने के बावजूद ‘आपके राज्यसभा सांसद’ राजन और अन्य सरकारी अधिकारियों पर हमला कर रहे हैं?

यह पूछे जाने पर कि क्या इस मुद्दे पर उनका संदेश साफ है, मोदी ने कहा, “मेरा संदेश बिल्कुल साफ हैं और मुझे इसमें कोई संदेह नहीं है.”

स्वामी ने सार्वजनिक तौर पर राजन पर हमला बोलते हुए कहा था कि वे ‘मानसिक तौर पर पूरी तरह भारतीय’ नहीं हैं. उन्होंने प्रधानमंत्री को भी खत लिखकर राजन को विस्तार नहीं देने की मांग की थी. बाद में राजन ने घोषणा की थी कि वे दूसरा कार्यकाल नहीं लेंगे.

मोदी ने पहली बार मई 2014 में पद संभालने के बाद किसी भारतीय जनता पार्टी के नेता की आलोचना की है.

चीन द्वारा एनएसजी में भारत के प्रवेश पर अडंगा लगाने के सवाल पर मोदी ने कहा, “चीन के साथ हमारी कोई एक समस्या नहीं है. चीन के साथ कई मसले उलझे पड़े हैं. कुछ मुद्दों पर उनकी राय हमसे अलग है और कई मसले ऐसे हैं जिस पर हमारी राय उनसे अलग है. लेकिन सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि हम चीन की आंखों में आंखे डालकर बात कर रहे हैं और स्पष्ट तरीकों से भारत के हितों को आगे रख रहे हैं.”

मोदी ने कहा कि उन्होंने तीन दिन पहले चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग से बात की और भारत के हितों के बारे में स्पष्ट रूप से बात की.

मोदी से भारत और अमरीका के संबंध और उसमें पाकिस्तान के हस्तक्षेप के बारे में सवाल किया गया था. मोदी ने कहा, “भारत एक स्वतंत्र देश है. जब भारत किसी देश से मिलता है तो वह केवल अपने हितों को लेकर चिंताशील रहता है.”

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा है कि दुनिया अब मानती है कि भारत आतंकवाद की जिस समस्या का सामना कर रहा है, वह पाकिस्तान से उत्पन्न होती है.

मोदी ने सवाल किया, “पाकिस्तान के मामले में आप किसे लक्ष्मण रेखा मानेंगे? चयनित सरकार के साथ या अन्य किसी किसी के साथ?”

उन्होंने कहा, “भारत को पाकिस्तान के मामले में हमेशा सतर्क रहना चाहिए.”

मोदी ने यह भी कहा, “मैं मीडिया से कहना चाहता हूं कि वह भारत में हर चीज को पाकिस्तान के संदर्भ में देखाना बंद करे.”

मोदी ने कहा, “मेरे प्रयासों का परिणाम, लाहौर जाना, पाकिस्तान के प्रधानमंत्री को भारत में आमंत्रित करना..मुझे अब दुनिया को भारत की भूमिका समझाने की जरूरत नहीं है. दुनिया एक स्वर में भारत की भूमिका की प्रशंसा कर रही है.”

उन्होंने कहा, “हम देख सकते हैं कि पाकिस्तान के लिए जवाब देना मुश्किल हो रहा है.”

मोदी ने कहा कि दुनिया ने लंबे समय तक आतंकवाद को समस्या नहीं माना था.

मोदी ने कहा, “उदाहरण के तौर पर दुनिया ने लंबे समय तक भारत के आतंकवाद के तर्क पर विश्वास नहीं किया था. कई बार उन्होंने यह भी कहा कि यह आपकी कानून और व्यवस्था की समस्या है.”

उन्होंने कहा, “भारत ने आतंकवाद के बारे में जो कहा था, आज दुनिया को उस पर यकीन करना होगा. दुनिया अब मान रही है कि भारत को आतंकवाद के कारण क्या नुकसान भुगतने पड़े हैं. हमें इसे आगे ले जाना है.”

भारत से काला धन बाहर ले जाने के मुद्दे पर मोदी ने कहा कि उनकी सरकार ने ‘विदेश से काला धन वापस लाने को लेकर कई कड़े कानून बनाए हैं, जो भी इसकी पकड़ में आएगा उसे पता चल जाएगा कि ये कानून कितने कड़े हैं.’

विदेश भागने वाले आर्थिक अपराधियों के बारे में मोदी ने कहा कि उनकी सरकार उनके खिलाफ कार्रवाई को लेकर कृतसंकल्प है. उन्होंने कहा, “लोगों को भरोसा है कि अगर कोई ऐसा कर सकता है तो वह नरेंद्र मोदी ही है.”

वहीं, संसद बाधित करने को लेकर मोदी ने कांग्रेस को कटघरे में खड़ा करते हुए कहा, “केवल एक पार्टी है जो समस्याएं पैदा कर रही है. और पूरी दुनिया को पता है कि वह कौन सी पार्टी है.”

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