विद्युत कंपनी को मानवाधिकार आयोग का नोटिस

भुवनेश्वर | एजेंसी: राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (एनएचआरसी) ने ओडिशा में एक विद्युत वितरण कंपनी को कारण बताओ नोटिस जारी किया है. विद्युत कंपनी ने बिजली लगने से हुई मौत के एक मामले में मुआवजा देने से इंकार कर दिया, जिसके बाद आयोग ने उसे यह नोटिस जारी किया है.

मानवाधिकार संस्था इंडिया मीडिया सेंटर (आईएमसी) के प्रबंध ट्रस्टी अखंड ने कहा कि आयोग ने साउदर्न इलेक्ट्रीसिटी सप्लाई कंपनी ऑफ ओडिशा लिमिटेड (साउथको) को नोटिस जारी किया है. साउथको ओडिशा के आठ दक्षिणी जिलों में बिजली की आपूर्ति करती है.


अखंड ने बताया कि पुरी जिले के कृष्णाप्रसाद इलाके में दो नवंबर, 2012 को 30 वर्षीया संजुलता तरेई की मौत कथित रूप से बिजली के नंगे तार के संपर्क में आने से हुई थी. उस दौरान क्षेत्र में हुई भारी वर्षा के बाद बिजली का तार नीचे गिर गया था, जिससे अनहोनी की आशंका थी.

साउथको ने घटना को बिजली लगने से हुई मौत का हादसा मानते हुए राज्य सरकार को सूचित किया था कि इसकी फ्रेंचाइजी कंपनी इंजेन ग्लोबल सोल्युशन प्राइवेट लिमिटेड उस क्षेत्र का संचालन और देख-रेख कर रही थी और मुआवजे की मांग उन्हीं से की जानी चाहिए.

अखंड ने बताया कि राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग साउथको की इस दलील से सहमत नहीं है. उन्होंने कहा कि बिजली वितरण करने वाली कंपनी नुकसान की भरपाई के लिए उत्तरदायी है.

आयोग ने कंपनी को कारण बताओ नोटिस जारी कर कहा है कि मृतका के परिजनों को उचित मुआवजा देने की सिफारिश क्यों नहीं की गई. आयोग ने कंपनी को जवाब देने के लिए चार सप्ताह का समय दिया है.

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