बूढ़े राजनीति छोड़ सामाजिक कार्य करें

चित्रकूट | समाचार डेस्क: अमित शाह ने नानाजी देशमुख का उद्धरण देत हुये कहा 60 साल से उपर के लोगों को राजनीति छोड़ देना चाहिये. इसी के साथ उन्होंने उद्धरण देते हुये कहा कि उन्हें सामाजिक कार्यो में लग जाना चाहिये. बिहार विधानसभा चुनाव में भारतीय जनता पार्टी को मिली करारी हार के बाद पार्टी अध्यक्ष अमित शाह ने यहां शनिवार को कहा कि 60 साल उम्र के बाद जो लोग राजनीति में हैं, उन्हें संन्यास ले लेना चाहिए. उनका इशारा पार्टी के बुजुर्ग नेताओं लालकृष्ण आडवाणी, मुरली मनोहर जोशी, यशवंत सिन्हा और शांता कुमार की ओर था. शाह जगतगुरु स्वामी रामभद्राचार्य की शरण में पहुंचे. उन्होंने चित्रकूट के जानकीकुंड स्थित आश्रम में जगतगुरु से 30 मिनट तक बातचीत की की. शाह की मुलाकात को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नवरत्नों में से एक स्वामी रामभद्राचार्य की उस टिप्पणी से जोड़कर देखा जा रहा है, जिसमें उन्होंने बिहार की हार के लिए अमित शाह को जिम्मेदार ठहराया था.

अमित शाह चित्रकूट के जानकीकुंड में सतगुरु सेवा संघ ट्रस्ट के स्नातकोत्तर नेत्र विज्ञान संस्थान के उद्घाटन समारोह में शिरकत करने पहुंचे थे. उद्घाटन समारोह के बाद उनका काफिला तुलसीकुंड की ओर मुड़ गया.

सूत्रों के मुताबिक, अमित शाह ने रामभद्राचार्य से मिलकर आशीर्वाद मांगा. इस पर स्वामी ने कहा, “हालात तो ठीक नहीं हैं.” इस पर अमित शाह ने कहा, “आप कृपा बनाए रखिए, हालात सुधर जाएंगे.”

भाजपा उपाध्यक्ष विनय सहत्रबुद्दे भी शाह के साथ थे. पत्रकारों से बातचीत के दौरान बिहार में हार के लिए पार्टी के वरिष्ठ नेताओं द्वारा शाह को जिम्मेदार ठहराए जाने पर प्रतिक्रया मांगे जाने पर संक्षिप्त जवाब देते हुए उन्होंने कहा, “वर्षो पहले नानाजी देशमुख ने कहा था कि 60 साल उम्र के बाद राजनीति में नहीं रहना चाहिए, बल्कि सामाजिक कार्य में लग जाना चाहिए.”

पार्टी के बुजुर्ग नेताओं लालकृष्ण आडवाणी, मुरली मनोहर जोशी, यशवंत सिन्हा और शांता कुमार ने कहा है कि बिहार में हार से स्पष्ट है कि दिल्ली चुनाव में हार से कोई सीख नहीं ली गई. हार की जिम्मेदारी तय होनी चाहिए. यह कहना कि हार के लिए पार्टी के सभी लोग जिम्मेदार हैं, यह जिम्मेदारी लेने से भागना है. अगर जीत जाते तो श्रेय खुद लेते, हारने पर जिम्मेदारी लेने से बच रहे हैं.

गौरतलब है कि बिहार में भाजपा नीत राजग के प्रचार की कमान पार्टी अध्यक्ष अमित शाह और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने हाथ में ले ली थी. अमित शाह महीनाभर पटना के मौर्या होटल में डेरा जमाए रहे. एक रैली में उन्होंने कहा था, “यदि गलती से भी भाजपा बिहार में हार गई तो पटाखे पाकिस्तान में जलेंगे.” उनके श्रीमुख से ‘हार’ की बात निकलते ही बहुतों को अंदाजा लग गया था कि शाह को हार की आंतरिक रिपोर्ट मिल चुकी है.

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