उम्रदराज़ महिलाओं को स्तर कैंसर का खतरा ज्यादा

लंदन | एजेंसी: स्तन कैंसर के मामलों में प्राय: देखा गया है कि प्रत्येक तीन में एक मामले में मरीज 70 साल से अधिक उम्र की महिला होती है.

पब्लिक हेल्थ इंग्लैंड (पीएचई) ने सोमवार को यह चेतावनी जारी करते हुए एक अभियान शुरू किया जिसके तहत अधिक उम्र की महिलाओं को इस बात के लिए जागरुक किया जाएगा कि ‘यह मानकर न चलें कि आपने कैंसर की उम्र को पार कर लिया है.’


समाचार एजेंसी सिन्हुआ के अनुसार, ताजा रिपोर्ट में पता चला है कि प्रत्येक वर्ष स्तन कैंसर से होने वाली मौतों का आधा आंकड़ा उम्रदराज महिलाओं का होता है.

पीएचई के अभियान ‘बी क्लियर ऑन कैंसर’ के माध्यम से अधिक उम्र की महिलाओं को स्तन में किसी तरह का गांठ विकसित होने के प्रति सजग रहने और नियमित रूप से डॉक्टर से मिलने के लिए जागरुक किया जाएगा. अभियान के तहत अगामी 16 मार्च तक टेलीविजन और समाचारपत्रों में स्तन कैंसर जागरुकता से संबंधित विज्ञापन प्रसारित और प्रकाशित किए जाएंगे.

पीएचई के मुताबिक, 70 साल की हो चुकी दो तिहाई महिलाओं का सोचना है कि महिलाओं में किसी भी उम्र में स्तन कैंसर का खतरा समान होता है, लेकिन सच्चाई यह है महिलाओं में उम्र बढ़ने के साथ साथ स्तन कैंसर का खतरा भी बढ़ता है.

इंग्लैंड में हर साल 70 साल या उससे ज्यादा की करीब 13,500 महिलाओं में स्तन कैंसर के मामले देखे जाते हैं. उम्रदराज महिलाओं में स्तन के बदलते आकार और बनावट को लेकर लापरवाही इसका कारण हो सकती है, जो स्तन कैंसर के शुरुआती लक्षण हैं. पीएचई के अभियान का उद्देश्य उम्रदराज महिलाओं को अपने स्वास्थ्य के प्रति सजग और जागरुक करना है.

विशेषज्ञों का कहना है कि शुरुआती चरण में ही स्तन कैंसर के लक्षणों का पता चलने से बीमारी का इलाज और मरीज के बचने की संभावना ज्यादा रहती है.

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

error: Content is protected !!