7वें वेतन आयोग से 1 करोड़ लाभान्वित

नई दिल्ली | समाचार डेस्क: सातवें वेतन आयोग से 1 करोड़ से ज्यादा लोग लाभान्वित होंगे. इससे सरकार का खर्च 1 लाख करोड़ रुपये बढ़ जायेगा. यह रकम देश के सकल घरेलू उत्पादन के 1 फीसदी के करीब है. जाहिर है कि इससे बाजार में रुपया आयेगा. जानकारों का मानना है कि सबसे ज्यादा खर्च शिक्षा तथा स्वास्थ्य पर किया जायेगा. सरकारी कर्मचारियों को मिलने वाले धन पर शेयर बाजार, ऑटो मोबाइल इंडस्ट्री तथा रीयल स्टेट की भी नज़र लगी हुई है.

सरकारी कर्मचारियों का न्यूनतम वेतन 18 हजार रुपये कर देने से कितने कर्मचारियों को लाभ होगा यह देखने का विषय है. वैसे अब निजी क्षेत्र के कर्मचारी संगठन भी इसी या इससे ज्यादा न्यूनतम वेतन की मांग करने लगेंगे, यह तय है.

बीबीसी की रपट के अनुसार यदि मनरेगा का भी पैसा बढ़ा दिया जाये तो उससे बाजार में ज्यादा पैसा आयेगा. बीबीसी के मुताबिक मनरेगा के 100 रुपये को भुगतान का 80 रुपया बाजार में आ जाता है जबकि सरकारी कर्मचारी के बढ़ाया गये 100 रुपये में से 40 रुपये ही बाजार में आते हैं.

बहरहाल, इस घोषणा से सरकारी कर्मचारियों की बल्ले-बल्ले हो गई है.

गौरतलब है कि केंद्रीय मंत्रिमंडल ने बुधवार को सातवें वेतन आयोग की सिफारिशें लागू करने का निर्णय ले लिया. मंत्रिमंडल की बैठक के बाद केंद्रीय वित्तमंत्री अरुण जेटली ने बुधवार को कहा कि सातवें वेतन आयोग की सिफारिशों का लाभ एक करोड़ से अधिक सरकारी कर्मचारियों और पेंशनभोगियों को मिलेगा.

वित्त मंत्री ने कहा कि सिफारिशें लागू करने से सरकारी खर्च में 1,02,100 करोड़ रुपये की वृद्धि होने का अनुमान है और इससे सरकार परेशान नहीं है.

प्रधानमंत्री की अध्यक्षता में केंद्रीय मंत्रिमंडल द्वारा यहां सिफारिशों को मंजूरी दिए जाने के बाद जेटली ने संवाददाताओं से कहा, “मैंने इस राशि का प्रावधान बजट में कर दिया है. इसलिए यह राशि परेशान करने वाली नहीं है.”

उन्होंने कहा, “लाभार्थियों में 47 लाख सरकारी कर्मचारी और 53 लाख पेंशनभोगी हैं. इसमें से रक्षा क्षेत्र में 14 लाख सेवारत रक्षाकर्मी और 18 लाख वेतनभोगी हैं.”

जेटली ने कहा कि सरकार ने मोटे तौर पर सिफारिशों को स्वीकार कर लेने का फैसला किया है. यह एक जनवरी, 2016 से प्रभावी होगी.

उन्होंने कहा, “अब सरकारी कर्मचारियों का न्यूनतम वेतन 18 हजार रुपये प्रति माह होगा.” उन्होंने कहा कि बकाए का भुगतान इसी वर्ष किया जाएगा.

उन्होंने कहा कि सिफारिशें इस आधार पर मंजूर की गई हैं कि सरकारी कर्मचारी का वेतन सम्मानजनक होना चाहिए. इससे सरकार को सर्वोत्तम प्रतिभा आकर्षित करने में मदद मिलेगी.

उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) सरकार ने वेतन आयोग की सिफारिशों को लागू करने का फैसला पहले की तुलना में अधिक तेजी से किया है.

उन्होंने कहा, “पांचवें वेतन आयोग की सिफारिशों को लागू करने का फैसला 19 महीने बाद और छठे वेतन आयोग की सिफारिशों को लागू करने का फैसला 32 महीने बाद लिया गया था.”

सातवें वेतन आयोग के बारे में उन्होंने कहा कि सरकार ने एक जनवरी, 2016 से ही इसकी सिफारिशों को लागू करने का फैसला किया है.

मंत्री ने एक सवाल के जवाब में कहा कि सिफारिशों को लागू करने से बाजार में तरलता बढ़ेगी और इससे मांग में भी वृद्धि होगी, जो बाजार के लिए अच्छा है.

उन्होंने कहा ग्रेच्युइटी की सीमा दोगुनी कर 20 लाख रुपये और आवासीय भत्ता 7.5 लाख रुपये से बढ़ाकर 25 लाख रुपये कर दिया गया है.

आयोग की सिफारिशों में कैबिनेट सचिव और समकक्ष पदों का वेतन प्रतिमाह 2,50,000 रुपये कर दिया गया है.

सरकार ने वेतन आयोग की अनुशंसाओं पर विचार के लिए कैबिनेट सचिव पी.के. सिन्हा के नेतृत्व में इस साल जनवरी में अधिकार प्राप्त समिति का गठन किया था.

रक्षा क्षेत्र में असर-
कैबिनेट ने स्‍तर 13ए (ब्रिगेडियर) के लिए सुव्यवस्थीकरण सूचकांक में वृद्धि कर और स्‍तर 12ए (ले.कर्नल), 13 (कर्नल) और 13ए (ब्रिगेडियर) में अतिरिक्‍त स्‍तर (स्‍टेज) सुनिश्चित करके रक्षा संबंधी वेतन संरचना को और बेहतर कर दिया है, ताकि संबंधित स्तरों के अधिकतम पायदान पर संयुक्त सशस्त्र पुलिस बल के समकक्षों के साथ समता लाई जा सके.

रक्षा और संयुक्त सशस्त्र पुलिस बल कार्मिकों समेत विभिन्‍न कर्मचारियों पर असर डालने वाले कुछ अन्‍य निर्णय भी लिए गए हैं, जिनमें निम्‍नलिखित शामिल हैं.

ग्रेच्‍युटी की सीमा 10 लाख रुपये से बढ़ाकर 20 लाख रुपये कर दी गई है. जब भी डीए 50 प्रतिशत बढ़ जाएगा तब ग्रेच्‍युटी की सीमा 25 प्रतिशत बढ़ जाएगी.

असैन्‍य एवं रक्षा कार्मिकों के लिए अनुग्रह राशि एकमुश्त मुआवजे के भुगतान हेतु एक आम व्यवस्था की गई है, जो उनके परिजनों को देय होगा और इसके तहत वर्तमान दरों को विभिन्‍न श्रेणियों के लिए 10-20 लाख रुपये से बढ़ाकर 25-45 लाख रुपये कर दिया गया है.

रक्षा बलों के कर्मियों की विभिन्न श्रेणियों के लिए सैन्य सेवा वेतन की दरें 1000, 2000, 4200 एवं 6000 रुपये से संशोधित करके क्रमश: 3600, 5200, 10800 एवं 15500 रुपये कर दी गई हैं.

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