OROP पर आंदोलन तेज होगा

नई दिल्ली | समाचार डेस्क: ‘वन रैंक वन पेंशन’ की मांग कर रहे पूर्व सैनिक अपने आंदोलन को तेज करेंगे. उन्हें उम्मीद थी कि प्रधानमंत्री मोदी स्वतंत्रता दिवस के दिन पूर्व सैनिकों के लिये ‘वन रैंक वन पेंशन’ की घोषणा करेंगे. प्रधानमंत्री मोदी ने लाल किले की प्राचीर से कहा कि उनकी सरकार सैद्धातिक रूप से मंजूर करती है. जबकि पूर्व सैनिक इस अवसर पर ‘वन रैंक वन पेंशन’ की घोषणा की उम्मीद लगाये बैठे थे. ‘वन रैंक वन पेंशन’ की मांग कर रहे पूर्व सैन्यकर्मियों ने इसके क्रियान्वयन को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा शनिवार को स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर भी घोषणा नहीं किए जाने के बाद राष्ट्रीय राजधानी में प्रदर्शन किया. पूर्व सैन्यकर्मियों को जैसे ही पता चला कि मोदी ‘वन रैंक वन पेंशन’ के क्रियान्वयन की घोषणा नहीं करने जा रहे, जिसका वे लंबे समय से इंतजार कर रहे हैं, वे जंतर-मंतर पर अपने स्थानों पर खड़े हो गए और नारेबाजी शुरू कर दी.

कुछ लोगों ने ‘शर्म करो, शर्म करो’ के नारे लगाए. एक सेवानिवृत्त अधिकारी ने कहा कि यह पूर्व सैन्यकर्मियों के लिए ‘काला स्वतंत्रता दिवस है’ और उनके दिल टूट गए हैं.


गौरतलब है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लाल किले की प्रचीर से घोषणा की कि उनकी सरकार ने सैद्धांतिक रूप से ‘वन रैंक वन पेंशन’ को मंजूरी दे दी है और उन्हें इसके सकारात्मक परिणाम सामने आने की उम्मीद है. मोदी ने कहा, “देश के नागरिक हमारे जवानों की वजह से ही शांतिपूर्वक सो पाते हैं. सैनिक हमारे राष्ट्रीय संसाधन हैं.”

उन्होंने कहा, “बहुत सी सरकारें आईं और सभी के सामने ‘वन रैंक वन पेंशन’ का मुद्दा आया. सभी ने वादे किए, लेकिन समाधान नहीं निकल पाया.”

मोदी ने कहा कि यहां तक उनकी सरकार बनने के बाद भी समस्या जस की तस है.

उन्होंने कहा, “मैं एक बार फिर आश्वस्त करता हूं, यह एक व्यक्ति की बात नहीं है, बल्कि मैं 125 करोड़ लोगों की ओर से, तिरंगे के नीचे, लाल किले की प्राचीर से यह घोषणा करता हूं कि हमने ‘वन रैंकर वन पेंशन’ को सैद्धांतिक रूप से स्वीकार कर लिया है. बातचीत की प्रक्रिया जारी है.”

उन्होंने कहा, “जिस भरोसे के साथ बातचीत हो रही है, उससे मुझे उम्मीद है कि सकारात्मक परिणाम सामने आएंगे.”

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