निर्यात महंगा, प्याज सस्ते हो सकते हैं

नई दिल्ली | एजेंसी: प्याज के दाम कम करने इसका निर्यात महंगा किया गया. सरकार ने प्याज के मूल्य को घरेलू बाजार में कम बनाये रखने के लिये इसके विदेशों में निर्यात के माध्यम से बेचने की न्यूनतम निर्यात मूल्य को बढ़ा दिया है. अब इसके न्यूनतम निर्यात मूल्य को 300 डॉलर प्रति टन से बढ़ाकर 500 डॉलर कर दिया गया है. उम्मीद की जा रही है कि इससे प्याज के दाम घरेलू बाजार में नियंत्रण में रहेंगे.

गौरतलब है कि सरकार ने प्याज के निर्यात में कमी लाने और घरेलू आपूर्ति को बढ़ाने के लिए इसके न्यूनतम निर्यात मूल्य में 67 फीसदी की वृद्धि की है. सरकार ने प्याज के निर्यात में कमी लाने के लिए करीब दो सप्ताह के अंदर दूसरी बार कड़े कदम उठाए हैं.


इससे पहले प्याज के निर्यात में कमी लाने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सरकार ने 17 जून को न्यूनतम निर्यात मूल्य 300 डॉलर प्रति टन कर दिया था.

इस वृद्धि के बाद प्याज का न्यूनतम निर्यात मूल्य 30 रुपये प्रति किलोग्राम हो गया है. हाल के सप्ताह में प्याज की कीमत घरेलू बाजार में बढ़ गई है और खुदरा बाजार में यह 20 से 30 रुपये प्रति किलोग्राम बिक रहा है.

अंतर-मंत्रालय समिति की 30 जून को हुई बैठक में सर्वसम्मति से यह फैसला लिया गया.

वाणिज्य मंत्रालय ने एक बयान जारी कर कहा, “खुदरा और थोक मूल्यों में वृद्धि और मानसून की देरी को देखते हुए समिति ने न्यूनतम निर्यात मूल्य सर्वसम्मति से प्रति टन 500 डॉलर तय किए हैं, जिसकी कीमत प्रति किलोग्राम घरेलू कीमत में वृद्धि को कम करने और घरेलू आपूर्ति को बढ़ाने के लिए 30 रुपये की गई है.”

वाणिज्य मंत्रालय ने कहा कि 17 जून को प्याज का न्यूनतम निर्यात मूल्य 300 डॉलर प्रति टन कर दिए जाने के बावजूद प्याज के निर्यात में पर्याप्त कमी नहीं हुई है.

वित्त मंत्री अरुण जेटली ने कहा कि महंगाई पर लगाम लगाना सरकार के सामने एक बड़ी चुनौती है.

थोक वस्तुओं पर आधारित महंगाई पिछले पांच महीने के उच्च स्तर पर मई महीने में 6.01 फीसदी हो गई, जो कि अप्रैल में 5.20 फीसदी थी. इसकी वजह खाद्य व ईंधन की कीमतों में तेज वृद्धि होना है.

सरकार की ओर से जारी हालिया आंकड़े के मुताबिक, मई में उपभोक्ता मूल्य सूचकांक पर आधारित खुदरा महंगाई दर 8.28 फीसदी दर्ज की गई.

खाद्य मंत्रालय ने मंगलवार को बयान जारी कर कहा, “कुछ वस्तुओं विशेषकर आलू और प्याज की कीमतें चिंता का विषय हैं. इस मुद्दों पर ध्यान देने के लिए उपाय पर चर्चा बेहद जरूरी है.”

बयान के मुताबिक, “इन वस्तुओं की जमाखोरी को रोकने और आवश्यक सामानों को सार्वजनिक माध्यमों के जरिए वितरित किए जाने और आपूर्ति के अन्य तरीकों में सुधार के कदम पर बैठक में चर्चा की जाएगी.”

केंद्र ने कुछ खाद्य पदार्थो की कीमतों में अनावश्यक वृद्धि पर रोक लगाने के उपाय पर चर्चा के लिए राज्य के खाद्य मंत्रियों की शुक्रवार को बैठक बुलाई है.

वित्त मंत्री अरुण जेटली राष्ट्रीय राजधानी में होने वाली बैठक की अध्यक्षता करेंगे. सरकार की कोशिश इस प्रकार से प्याज के निर्यात में रुकावट डालकर उसे सस्ता करना हैं.

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