मुशर्रफ मुद्दे पर सेना में विद्रोह की आशंका

इस्लामाबाद: पाकिस्तान में अगर सरकार ने परवेज मुशर्रफ के प्रति नरमी नहीं बरती तो वहां सेना विद्रोह कर सकती है. पाकिस्तान की सेना से जुड़े हुये अधिकारियों ने अप्रत्यक्ष तौर पर संसद को यह चेतावनी दे दी है. पाकिस्तान में सेना के ताजा रुख से सनसनी फैली हुई है.

गौरतलब है कि पाकिस्तानी सेना के कमान और स्टाफ कॉलेज क्वेटा के करीब 75 अधिकारियों ने संसद की रक्षा मामलों की समिति के अध्यक्ष मुसाहिद हुसैन सईद से मुलाकात की थी. इन अधिकारियों ने साफ तौर पर कहा था कि पूर्व सेनाध्यक्ष और पूर्व राष्ट्रपति परवेज मुशर्रफ को जिस तरह से बंद कर के रखा गया है, उससे सेना में नाराजगी है.


सेना के इन अधिकारियों का नेतृत्व कर रहे कर्नल सकी अली चीमा ने कहा कि पाकिस्तान के संविधान में किसी संस्थान को देश के किसी दूसरे संस्थान या प्रतिष्ठित व्यक्ति को इस तरह से प्रताड़ित करने का अधिकार नहीं है. पाकिस्तान में जनरल परवेज मुशर्रफ के साथ जो कुछ हो रहा है, वह सेना को नीचा दिखाने की तरह है और इसे सेना बर्दाश्त नहीं करेगी. कर्नल अली चीमा और दूसरे अधिकारियों ने कहा कि परवेज मुशर्रफ के मामले में सरकार सीमा लांघ रही है और अब पानी सिर से उपर चला गया है.

जनरल परवेज मुशर्रफ पर 2007 में अपने कार्यकाल में आपातकाल लगाकर वर्तमान चीफ जस्टिस चौधरी इफ्तिखार सहित 60 जजों को बर्खास्त कर नजरबंद करने का आरोप है. इस मामले में उनकी जमानत याचिका खारिज होने के बाद उन्हें गिरफ्तार करके उनके घर के दो कमरों में नजरबंद कर दिया गया है.

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