पाकिस्तान गैर-जिम्मेदार पड़ोसी: वैदिक

रायपुर | समाचार डेस्क: भारतीय विदेश नीति परिषद के अध्यक्ष वेदप्रताप वैदिक का कहना है पाकिस्तान एक गैर-जिम्मेदार पड़ोसी है जिस पर विश्वास नहीं किया जा सकता है. प्रधानमंत्री मोदी के विदेशी दौरों पर वेदप्रताप वैदिक का कहना है कि वह इतने सालों से विदेश नीति मामलों से जुड़े रहे हैं, लेकिन प्रधानमंत्री मोदी की विदेश दौरा नीति उनकी समझ से बाहर है.

उन्होंने पठानकोट हमले को लेकर कहा कि पाकिस्तान भरोसे के लायक नहीं है. वह केवल बातों में घुमाएगा. सच छिपा नहीं है. यह साफ है कि जैश-ए-मोहम्मद का प्रमुख मौलाना मसूद अजहर ही पठानकोट हमले का मास्टरमाइंड है. दावा है कि उसे पाकिस्तान में नजरबंद रखा गया है, लेकिन भारत को यह भूल जाना चाहिए कि पाकिस्तान कभी मसूद को भारत के हवाले करेगा.

वैदिक छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर की दो दिवसीय यात्रा पर हैं.

वैदिक कुछ अरसे पहले पाकिस्तान में मुंबई हमले के मास्टर माइंड और भारत के सबसे बड़े दुश्मन हाफिज सईद से पाकिस्तान में मुलाकात को लेकर विवादों में आए थे.

उन्होंने कहा कि पठानकोट हमला पाकिस्तान की नीयत का गवाह है. उन्होंने यह भी कहा कि भारत, पाक विदेश सचिवों की वार्ता जिस ढंग से टली है, उससे पता चलता है कि दोनों देशों ने अपूर्व कूटनीतिक परिपक्वता का परिचय दिया है.

उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बारे में कहा कि उन्होंने अपने विरोधियों के व्यंग्य बाणों को अपनी चुप्पी के कवच से झेला है. वह हमले पर बोले जरूर, लेकिन पाक प्रधानमंत्री नवाज शरीफ से. यदि वे पहले की तरह पठानकोट हमले पर उग्र प्रतिक्रिया करते तो इसका बुरा असर पड़ता. इससे पाकिस्तान सरकार हमेशा की तरह पलटवार करती और दूसरा भारत की जनता पूछती कि आप सिर्फ बातें ही बनाएंगे या कुछ करके भी दिखाएंगे.

उन्होंने प्रधानमंत्री के गंभीर और शांत रवैये के बारे में कहा कि उनके इस रवैये के बाद पाकिस्तान की सेना ने अपने नेताओं की बातों को तरजीह दी है.

सेनापति राहिल शरीफ ने पाकिस्तान के प्रधानमंत्री नवाज शरीफ के साथ मिलकर कदम उठाया है, इसीलिए यह भी पहली बार हुआ है कि पाकिस्तान ने किसी आतंकी घटना की जिम्मेदारी ली है. वर्ना हर बार खुद को बदनामी से बचाने के लिए पाकिस्तान कह देता है कि यह आतंकी वारदात भी भारत ने ही प्रायोजित की है.

उन्होंने मोदी के विदेश दौरे पर कटाक्ष करते हुए कहा कि वह बाहर के देशों का लगातार भ्रमण कर रहे हैं. वहां जाकर खरीदी कर रहे हैं, सौदे कर रहे हैं, लेकिन आने वाले समय में इससे देश को क्या फायदा होगा, यह मेरी समझ से बाहर है.

वैदिक ने कहा कि पाकिस्तान के आम लोग भी अपने देश में मौजूद आतंकियों से बेहद परेशान हो गए हैं. उन्होंने यह भी कहा कि पहले माना जाता था कि हिंदुस्तान पर हमला करने वाले आतंकी अच्छे हैं और पाकिस्तान पर हमला करने वाले बुरे हैं. किंतु पिछले पांच-छह साल के तजुर्बे ने पाकिस्तान को यह सबक सिखा दिया है कि भारत के मुकाबले उसे ज्यादा चोट पहुंची है. पाकिस्तान में ज्यादा लोग मरे हैं.

डेढ़ साल पहले सेना ने आतंकियों के खिलाफ जो अभियान चलाया था, उसमें उसने लगभग 10 हजार आतंकियों का सफाया कर दिया.

वैदिक इस यात्रा के दौरान महाराजा अग्रसेन कॉलेज में शहर के बुद्धिजीवियों और छात्रों के सवाल-जवाब सत्र का हिस्सा भी बने. उन्होंने अपने विदेश दौरे और राजनीतिक तजुर्बे के कुछ रोचक किस्से साझा किए.

उनसे पूछे गए सवालों में भ्रष्ट नेताओं पर किए गए एक सवाल का जवाब देते हुए उन्होंने कहा कि यह सही है कि कुछ नेता भ्रष्टाचारी हो गए हैं, लेकिन सभी नेता ऐसे नहीं हैं.

उन्होंने कहा कि न्याय की कुर्सी पर आसीन प्रधान न्यायाधीश तक भ्रष्ट साबित हुए हैं. उन्होंने नाम न लेते हुए कहा कि एक प्रधान न्यायाधीश पर भ्रष्टाचार का आरोप लगा था. देश की संसद भी भ्रष्टाचार में लिप्त है. उन्होंने सांसदों पर कटाक्ष करते हुए कहा, ” मेरा बस चले तो मैं सारे सांसदों को निकाल दूं.”

उन्होंने हिंदी भाषा के प्रयोग पर जोर देते हुए लोगों से अपील की कि वे हिंदी में हस्ताक्षर करें, ताकि इस भाषा से जुड़ाव बढ़े.

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