कराची में आतंकी हमला, 45 मरे

इस्लामाबाद | समाचार डेस्क: कराची में आतंकियों ने बस में सवार 45 शियाओं को मौत के घाट उतार दिया. मृतकों में महिलायें भी सामिल हैं. इस हमले में करीब दो दर्जन लोग घायल हो गये हैं. पिछले कुछ समय से पाकिस्तान में शियाओऔं पर हमले बढ़े हैं. पाकिस्तान के कराची शहर में बुधवार को आतंकवादी संगठन जुंदुल्लहा के आतंकवादियों ने एक बस पर अंधाधुंध गोलियां बरसाईं, जिसमें बस में सवार 45 लोगों की मौत हो गई. हमले में 24 लोग घायल हुए हैं. भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हमले की कड़ी निंदा की है. बस में शिया समुदाय के उप-संप्रदाय इस्माइली मुस्लिम के लोग सवार थे.

पाकिस्तानी मीडिया के अनुसार, हमले की जिम्मेदारी जुंदुल्लहा ने ली है. जुंदुल्लहा, आतंकवादी संगठन अलकायदा से अलग हुआ एक संगठन है.


हमला प्रांतीय राजधानी सिंध में स्थित शफूरा चौक इलाके के नजदीक हुआ. सिंध के पुलिस महानिरीक्षक गुलाम हैदर जमाली ने बताया कि बस में 60-65 लोग सवार थे.

अस्पताल से जुड़े सूत्रों ने कहा कि मृतकों में 16 महिलाएं भी शामिल हैं. बस में कोई बच्चा सवार नहीं था.

एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने कहा, “कराची के सफूरा गोथ इलाके में कम से कम छह बंदूकधारियों ने बस पर हमला बोला.”

उन्होंने कहा, “बंदूकधारी बस के पास रुके और पहले बाहर से गोलियां चलाईं. उसके बाद बस में घुसे और अंधाधुंध गोलियां बरसाईं. उसके बाद उन्होंने यह भी चेक किया कि कोई ऐसा तो नहीं बचा, जो घायल नहीं हुआ है.”

वीडियो फुटेज में बस पर गोलियों के निशान नहीं दिख रहे हैं, इस वजह से माना जा रहा है कि हमलावरों ने बस में घुसकर गोलियां चलाई होंगी.

जुंदुल्लहा पूर्व में भी शिया समुदायों और विदेशी पर्यटकों को निशाना बना चुका है. इसने पिछले साल नवंबर में आतंकवादी संगठन इस्लामिक स्टेट को सहयोग देने का संकल्प लिया.

प्रधानमंत्री नवाज शरीफ ने हमले की निंदा की है. उन्होंने अपने आधिकारिक कार्य भी स्थगित कर दिए और कराची रवाना हो गए.

वहीं, भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी हमले की निंदा की.

मोदी ने ट्विटर पर लिखा, “कराची में हमला होना बेहद दुखद एवं निंदनीय है. हमारी हमदर्दी मृतकों के परिवारों के साथ है.”

उन्होंने लिखा, “हम इस दुख की घड़ी में पाकिस्तान के लोगों के साथ कंधे से कंधे मिलाकर खड़े हैं. मैं घायलों के जल्द स्वस्थ होने की कामना करता हूं.”

पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ प्रमुख इमरान खान ने ट्विटर पर लिखा कि वह कराची में सर्वाधिक शांतिपूर्ण समुदाय के लोगों पर हुए सर्वाधिक निंदनीय आतंकवादी हमले से दंग व आहत हैं.

पाकिस्तान के राष्ट्रपति ममनून हुसैन और सिंध के मुख्यमंत्री सईद कैम अली शाह ने भी हमले की निंदा की. पाकिस्तान सैन्य प्रमुख जनरल राहील शरीफ ने हमले के बाद अपना श्रीलंका दौरा रद्द कर दिया है. उन्हें बुधवार को श्रीलंका रवाना होना था.

सिंध के मुख्यमंत्री ने इलाके के थाना प्रभारी और जिला पुलिस अधीक्षक की तत्काल बर्खास्तगी के आदेश दिए हैं.

उल्लेखनीय है कि पाकिस्तान में हाल के दिनों में सांप्रदायिक हिंसा खासकर शियाओं के खिलाफ हमले बढ़ गए हैं. शिया मुस्लिम समुदाय पाकिस्तान की कुल आबादी का लगभग 20 फीसदी है. अतीत में चित्राल तथा गिलगिट-बाल्टिस्तान में शियाओं के खिलाफ सांप्रदायिक हिंसा की घटनाएं सामने आई हैं.

एक आत्मघाती हमलावर ने 30 जनवरी को दक्षिणी शिकारपुर जिले में एक मस्जिद में खुद को उड़ा दिया था, जिसमें 61 लोगों की मौत हो गई थी.

साल 2013 में कराची के आयशा मंजिल में एक बम हमले में चार लोग मारे गए थे, जबकि 42 अन्य घायल हो गए थे. प्रतिबंधित तहरीक-ए-तालिबान ने इससे पहले के हमलों की जिम्मेदारी ली थी.

पाकिस्तान में बीते दो सालों में कम से कम एक हजार शियाओं की हत्या हो चुकी है. उनके खिलाफ हुए अधिकांश हमलों की जिम्मेदारी कट्टरवादी सुन्नी आतंकवादी समूह लश्कर-ए-झांगवी ने ली है, जो उन्हें पाखंडी के तौर पर देखते हैं.

इस्माइली (शिया) अपने प्रगतिशील इस्लामिक विचारों के लिए जाने जाते हैं. उनके आध्यात्मिक नेता प्रिंस करीम आगा खान जानेमाने परोपकारी तथा कारोबारी हस्ती हैं.

शिया समुदाय का प्रतिनिधित्व करने वाले इस्माइली नेशनल काउंसिल ने बुधवार को हुए जनसंहार के बाद कहा, “घायलों को निकटवर्ती अस्पताल में भर्ती कराया गया है.”

यह बस अल-अजहर गार्डेन कॉलोनी की है, जो कराची में इस्माइली समुदाय की हाउसिंग परियोजना है. यह कराची के फेडरल बी इलाके में नियमित तौर पर चलती थी.

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