पन्नीरसेल्वम बने तमिलनाडु के मुख्यमंत्री

चेन्नई | एजेंसी: ओ. पन्नीरसेल्वम तमिलनाडु के अगले मुख्यमंत्री होंगे. गौरतलब है कि शनिवार को तमिलनाडु की मुख्यमंत्री जे जयललिता को विशेष न्यायालय ने चार वर्ष की सजा सुना दी जिससे स्वतः उनकी विधानसभा की सदस्यका समाप्त हो गई. इसलिये तमिलनाडु में नये मुख्यमंत्री का चुना जाना जरूरी था. एआईएडीएमके के विधायकों ने रविवार को जे. जयललिता सरकार में वित्तमंत्री ओ. पन्नीरसेल्वम को पार्टी विधायक दल का नेता चुन लिया. वह जयललिता की जगह तमिलनाडु के मुख्यमंत्री होंगे. भ्रष्टाचार के एक मामले में दोषी करार दी गईं जयललिता को चार वर्ष कैद की सजा सुनाई गई है. वह इस समय बेंगलुरू के केंद्रीय कारागार में बंद हैं.

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की तरह ही कभी चाय की दुकान चला चुके पनीरसेल्वम इससे पहले 2001 में ऐसी ही परिस्थिति में अल्पकाल के लिए मुख्यमंत्री बनाए गए थे और जयललिता की वापसी तक पद पर रहे थे.


एआईएडीएमके के कुछ चुने हुए नेताओं ने पार्टी प्रमुख जयललिता से बेंगलुरू की सेंट्रल जेल में मुलाकात की. उसके कुछ ही घंटों बाद पनीरसेल्वम को नेता चुने जाने का निर्णय ध्वनिमत से लिया गया. जयललिता ने मुलाकात करने गए नेताओं से शीघ्र ही नया नेता चुनने के लिए कहा था.

चेन्नई स्थित पार्टी मुख्यालय में विधायक दल की बैठक के बाद इस फैसले की जानकारी दी गई. पार्टी के एक नेता ने आईएएनएस से कहा कि पन्नीरसेल्वम राज्यपाल के. रोसैया से आज देर शाम तक मिलेंगे और नई सरकार के गठन का दावा पेश करेंगे.

तमिलनाडु में तनाव और असंतोष के बीच यह घटनाक्रम हुआ है. कांचीपुरम के समीप एक 45 वर्षीय महिला ने फंदा लगाकर जान दे दी जबकि मदुरै में 17 वर्षीया एक छात्रा ने आत्मदाह का प्रयास किया और अस्पताल में मौत से जूझ रही है.

बेंगलुरू में एआईएडीएमके के समर्थक पुरुष और महिलाओं ने बड़ी संख्या में डेरा डाल रखा है. उन्होंने जेल में बंद अपनी नेता से मुलाकात किए बगैर हटने को राजी हैं. प्रदर्शनकारियों के जमा होने की आशंका को ध्यान में रखते हुए प्रशासन ने पहले से ही जेल के एक किलोमीटर के दायरे में धारा 144 लागू कर दी है.

विधायक दल की बैठक के पूर्व पन्नीरसेल्वम और पार्टी के कुछ वरिष्ठ नेता रविवार को बेंगलुरू केंद्रीय कारागार में जयललिता से मिले थे. जयललिता अपनी पार्टी एआईएडीएमके की महासचिव भी हैं.

1951 में जन्मे पन्नीरसेल्वम मूलरूप से किसान परिवार से आते हैं. बताया जाता है कि उनके पास कुछ कृषि भूमि है और वह एक चाय की दुकान भी चलाते थे जो अब भी मौजूद है. वह पेरियाकुलम नगर निगम के 1996 में अध्यक्ष भी रह चुके हैं.

2001 में वह पहली बार विधायक चुने गए और जयललिता सरकार में लोक निर्माण मंत्री बनाए गए.

उल्लेखनीय है कि तमिलनाडु की मुख्यमंत्री जे. जयललिता को आय के ज्ञात स्रोत से 66 करोड़ रुपये अधिक की संपत्ति जमा करने के एक मामले में शनिवार को अदालत ने दोषी करार देते हुए चार साल कैद की सजा सुनाई और 100 करोड़ रुपये का जुर्माना लगाया.

उधर, चेन्नई में डीएमडीके नेता ए. विजयकांत ने तमिलनाडु के राज्यपाल के. रोसैया से मुलाकात की और राज्य में राजनीतिक दलों को एआईएडीएमके के कार्यकर्ताओं की हिंसा से सुरक्षा मुहैया कराने की मांग की.

एआईएडीएमके के कार्यकर्ताओं ने प्रतिद्वंद्वी पार्टियों के नेताओं और उनके घरों एवं कार्यालयों को निशाना बनाने के बाद विजयकांत ने कहा, “मैंने राज्य की सभी पार्टियों के लिए सुरक्षा की मांग की है.”

पूरे राज्य में एआईएडीएमके के कार्यकर्ताओं ने दुकानदारों को अपनी दुकान बंद करने के लिए बाध्य किया है. दो सरकारी बसों को आग के हवाले कर दिया है और सड़कों पर आवाजाही भी एक्कादुक्का ही है.

लेकिन शनिवार के मुकाबले रविवार को स्थिति में कुछ सुधार आया.

कुछ शहरों में दुकानें और बसें चली लेकिन सलेम, कुड्डालोर, विल्लुपुरम और कुछ अन्य शहरों में बसें नहीं चल सकीं. तमिलनाडु से कर्नाटक जाने वाली बसों के पहिए अभी तक थमे हुए हैं.

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

error: Content is protected !!