पीएम की पीसी: ईमानदारी से काम किया

नई दिल्ली | समाचार डेस्क: शुक्रवार को दिल्ली के मीडिया सेंटर में प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह की पत्रकार वार्ता आयोजित की गई.

पृष्टभूमि

चार राज्यों में कांग्रेस के हार के बाद से मीडिया प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह के पत्रकार वार्ता के लिये बेकरार था. अपने 10 वर्ष के कार्यकाल में मनमोहन सिंह की यह तीसरी पत्रकार वार्ता थी. यूं तो उनके साथ विदेश यात्राओँ में संपादकों को ले जाने की परिपाटी रही है. ज्यादातर, प्रधानमंत्री अपनी विदेश यात्रा से लौटते समय हवाई जहाज में ही पत्रकारों-संपादकों से अनौपचारिक रूप से बातचीत कर लिया करते थे. ऐसा कहा जा रहा है कि मनमोहन सिंह अगले चुनाव में प्रधानमंत्री पद के उम्मीदवार के तौर पर नहीं रहना चाहते हैं. इसलिये शुक्रवार की प्रेसवार्ता अत्यंत महत्वपूर्ण हो गई थी. ऐसे भी कयास लगाये जा रहे हैं कि यह प्रधानमंत्री की अपने पद पर रहते हुए की जाने वाली अंतिम प्रेसवार्ता हो.

प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह का संबोधन

मनमोहन सिंह ने कहा कि “बीते वर्ष की सबसे महत्वपूर्ण उपलब्धि यह रही कि हमने अपने लोकतंत्र की ताकत का प्रदर्शन किया. हाल में संपन्न विधानसभा चुनावों में हमारी जनता ने रिकॉर्ड संख्या में मतदान कर लोकतांत्रिक संस्थाओं के प्रति विश्वास व्‍यक्‍त किया. इन चुनावों में मेरी पार्टी का प्रदर्शन अच्छा नहीं रहा, लेकिन इनमें जिस बड़े पैमाने पर जनता की भागीदारी हुई, उसका हम स्वागत करते हैं और हम मंथन करेंगे कि यह नतीजे भविष्य के बारे में क्या कहते हैं और हम इनसे सबक सीखेंगे.”

देश के लोकतांत्रिक संस्थाओं पर बोलते हुए मनमोहन सिंह ने कहा कि “हमारा लोकतांत्रिक संविधान और हमारी लोकतांत्रिक संस्थाएं आधुनिक भारत की बुनियाद हैं. हम सभी को , जो बेहतर भारत का निर्माण करना चाहते हैं, गरीबी और भ्रष्टाचार से छुटकारा पाना चाहते हैं, इन संस्थानों का अवश्य सम्मान करना होगा और उनके अनुरूप कार्य करना होगा. वे हमारे हाथों में वैध माध्यम हैं, जिनकी अपनी सीमाएं हैं. कोई भी एक व्यक्ति अथवा प्राधिकरण, लोकतांत्रिक शासन की प्रक्रियाओं का स्‍थान नहीं ले सकता.”

देश के कृषि तथा गरीबी पर उन्होंने आगे कहा कि “कृषि क्षेत्र का सकल घरेलू उत्पाद पहले से कहीं ज्यादा तेज रफ्तार से बढ़ना सुनिश्चित हुआ है. भारत अनाज, चीनी, फल और सब्जियों, दूध और पोल्ट्री उत्पादों के दुनिया के सबसे बड़े उत्पादकों में शुमार हो गया है. ग्रामीण मजदूरी पहले से कहीं ज्यादा तेजी से वास्तविक मायनों में बढ़ी है. गांवों में प्रति व्यक्ति वास्तविक उपभोग 4 गुना ज्यादा तेजी से बढ़ा है. इन गतिविधियों के कारण 2004 से 2011 की अवधि में गरीबी की रेखा से नीचे रहने वाली आबादी का प्रतिशत काफी तेजी से कम हुआ है. इससे पहले किसी भी दशक में इस प्रतिशत में ऐसी गिरावट नहीं देखी गई. इसके परिणामस्वरूप गरीबी की रेखा से नीचे रहने वाले लोगों की संख्या कम घटकर 13.8 करोड़ रह गई है.”

महंगाई पर मनमोहन सिंह ने कहा कि “महंगाई को लेकर चिंता वाजिब है. लेकिन हमें यह भी मानना चाहिए कि मंहगाई की तुलना में अधिकतर लोगों की आय तेजी से बढ़ी है. मैं पहले यह कह चुका हूं कि ग्रामीण इलाकों में पहले की तुलना में वास्‍तविक मज़दूरी तेजी से बढ़ी है. ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों में प्रति व्‍यक्ति उपभोग में महत्‍वपूर्ण बढ़ोतरी हुई है.”

पत्रकारों के प्रश्नों के उत्तर

पत्रकारों के सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि राहुल गांधी प्रधानमंत्री के लिये बेहतर उम्मीदवार हैं. इस्तीफे बारे में पूछे गये सवाल पर मनमोहन सिंह ने कहा कि इन 9 वर्षो में मुझे कभी महसूस नहीं हुआ कि इस्तीफा दूं. उन्होंने आगे कहा कि मैंने हमेशा से ईमानदारी से कार्य किया है.चार राज्यों में कांग्रेस की हार पर पूछे गये सवाल के जवाब में उन्होंने संभावना व्यक्त की कि चुनाव में हार का कारण महंगाई हो सकता है.

नरेन्द्र मोदी के देश के प्रधानमंत्री बनने के प्रश्न पर उन्होंने कहा कि मोदी का प्रधानमंत्री बनना देश के लिये विनाशकारी होगा. उन्होंने कहा कि अहमदाबाद के सड़कों पर कत्लेआम हुआ था. भ्रष्टाचार के सवाल पर उन्होंने कहा कि भ्रष्टाचार एक प्रमुख मुद्दा है जिसे एक पार्टी खत्म नहीं कर सकती है. आम आदमी पार्टी पर पूछे गये सवाल पर मनमोहन सिंह ने कहा कि उन्हें और समय दिया जाना चाहिये.

मनमोहन सिंह की पत्रकार वार्ता करीब सवा घंटे तक चली. इस वार्ता में विदेशी समाचार पत्रो के पत्रकारों ने भी भाग लिया. प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह के साथ पत्रकार वार्ता में सूचना और प्रसारण मंत्री मनीष तिवारी उपस्थित थे.

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