चार राज्यों में शांतिपूर्ण मतदान

नई दिल्ली | एजेंसी: चार राज्यों में विधानसभा उपचुनाव में 18 सीटों के लिए हुए मतदान में लाखों मतदाताओं ने अपने मताधिकार का प्रयोग किया. मतदान कुल मिलाकर शांतिपूर्ण रहा. चारों राज्यों में उपचुनाव के लिए मतों की गिनती 25 अगस्त को कराई जाएगी. बिहार विधानसभा की 10 सीटों पर उपचुनाव संपन्न होने के साथ ही 94 प्रत्याशियों का भाग्य ईवीएम में बंद हो गया. चुनाव में 46 प्रतिशत से अधिक मतदाताओं ने ही अपने मताधिकार का प्रयोग किया.

बिहार की नरकटियागंज, राजनगर, जाले, छपरा, हाजीपुर, मोहिउद्दीननगर, परबत्ता, भागलपुर, बांका और मोहनिया विधानसभा क्षेत्र के लिए हुए उपचुनाव में कुल 46.42 प्रतिशत मतदाताओं ने अपने-अपने मताधिकार का प्रयोग किया. पिछले विधानसभा चुनाव में इन क्षेत्रों में 52 प्रतिशत मतदान हुआ था.


राज्य निर्वाचन विभाग के एक अधिकारी के अनुसार सबसे ज्यादा मतदान नरकटियागंज में 58 प्रतिशत जबकि सबसे कम मतदान 37 प्रतिशत भागलपुर क्षेत्र में हुआ. उपचुनाव के दौरान कहीं से कोई बड़ी अप्रिय घटना की सूचना नहीं है.

उपचुनाव के लिए 26.42 लाख मतदाताओं के लिए 2,422 मतदान केन्द्र बनाए गए. इसमें 1,445 मतदान केन्द्र संवेदनशील घोषित किए गए थे.

उपचुनाव में कुल 94 प्रत्याशी हैं जिसमें पांच महिला प्रत्याशी हैं. हाजीपुर में सर्वाधिक 15 तथा राजनगर और बांका में सबसे कम छह-छह प्रत्याशी भाग्य आजमा रहे हैं.

मध्य प्रदेश के तीन विधानसभा क्षेत्रों में हुए उपचुनाव में 70 फीसदी से अधिक मतदाताओं ने अपने मताधिकार का इस्तेमाल किया.

राज्य में तीन विधानसभा क्षेत्रों विजयराघवगढ़, बहोरीबंद और आगर में 25 उम्मीदवारों के भाग्य का फैसला गुरुवार को ईवीएम मशीन में बंद हो गया. विजयराघवगढ़ और बहोरीबंद में 10-10 उम्मीदवार मैदान में हैं वहीं आगर में पांच उम्मीदवारों की किस्मत दांव पर है.

मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी के कार्यालय से मिली जानकारी के अनुसार बहोरीबंद में 75.2 प्रतिशत, विजयराघवगढ़ में 68. 10 प्रतिशत और आगर में 69. 1 प्रतिशत मतदाताओं ने मताधिकार का इस्तेमाल किया. बहोरीबंद विधानसभा क्षेत्र के फैसलपुर में मतदाताओं ने अपनी समस्याओं को लेकर मतदान का बहिष्कार किया.

कर्नाटक की तीन विधानसभा सीटों बेल्लारी ग्रामीण, चिक्कोडी-सदालगा और शिकारीपुरा में शांतिपूर्ण मतदान संपन्न हुआ.

कांग्रेस और भारतीय जनता पार्टी ने तीनों सीटों पर चुनाव लड़ा, जबकि क्षेत्रीय जनता दल सेक्यूलर ने चुनाव से दूर रहने का फैसला किया.

बेल्लारी ग्रामीण सीट भाजपा के पूर्व मंत्री बी.आर.श्रीरामुलू के इस्तीफे के बाद खाली हुई है, क्योंकि वे बेल्लारी संसदीय निर्वाचन क्षेत्र से 2014 में लोकसभा चुनाव जीतकर संसद पहुंच गए हैं.

कांग्रेस के उम्मीदवार एन.वाई.गोपालकृष्ण और भाजपा उम्मीदवार ओबलेश इस सीट के मुख्य दावेदार हैं.

गोपालकृष्ण पड़ोसी चित्रदुर्ग जिले के मोलाकालमुरू विधानसभा क्षेत्र से पूर्व विधायक रहे हैं.

इसी प्रकार चिक्कोडी-सदालगा के विधायक और कांग्रेस के मंत्री रहे प्रकाश हुक्केरी ने इस्तीफा दे दिया था, क्योंकि वह चिक्कोडी लोकसभा क्षेत्र से सांसद चुन लिए गए थे.

सत्तारूढ़ कांग्रेस ने इस सीट पर हुक्केरी के बेटे गणेश को भाजपा के महांतेश कवातिगिमथ के विरुद्ध मैदान में उतारा है.

शिकारीपुरा में भाजपा के बी.वाई.राघवेंद्र का मुकाबला कांग्रेस के शांतावीरप्पा गौड़ा और अन्य से है.

पंजाब में विधानसभा की दो सीटों पर हुए उपचुनाव में करीब 65 फीसदी मतदान हुए.

पंजाब में विधानसभा की दो सीटों- पटियाला और तलवंडी साबो पर चुनाव लड़ रहे 15 उम्मीदवारों की किस्मत ईवीएम में बंद हो गया. यहां मुख्य मुकाबला कांग्रेस और राज्य में सत्तारूढ़ शिरोमणि अकाली दल के बीच है. आम आदमी पार्टी के उम्मीदवार भी मैदान में हैं.

पटियाला से पूर्व विदेश राज्य मंत्री प्रणीत कौर कांग्रेस के टिकट पर चुनाव लड़ रही हैं. यह सीट उनके पति व कांग्रेस नेता अमरिंदर सिंह ने रिक्त की है. आम चुनाव में अमृतसर से भारतीय जनता पार्टी के नेता अरुण जेटली को हराकर अमरिंदर लोकसभा पहुंचे, जिसके बाद उन्होंने पटियाला विधानसभा सीट से इस्तीफा दे दिया.

प्रणीत पटियाला संसदीय सीट से तीन बार लोकसभा की सांसद रह चुकी हैं. लेकिन इस बार वह आप नेता धर्मवीर गांधी से चुनाव हार गईं.

वहीं, तलवंडी सीट पर उपचुनाव इसलिए हो रहा है, क्योंकि यहां से कांग्रेस के विधायक जीत मोहिंदर सिह ने पार्टी से इस्तीफा देकर अकाली दल का दामन थाम लिया. अब अकाली दल ने बठिंडा जिले की तलवंडी सीट से जीत मोहिंदर को ही मैदान में उतारा है, जबकि यहां कांग्रेस के उम्मीदवार हरमिंदर सिंह जस्सी हैं.

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