महंगाई से परेशान रायबरेली, अमेठी वासी

लखनऊ | एजेंसी: बढ़ती महंगाई से सारे देश के साथ ही रायबरेली तथा अमेठी के लोग भी परेशान हैं. इसी कारण महंगाई और भ्रष्टाचार के मुद्दे पर लोगों की नाराजगी झेल रही कांग्रेस पार्टी की अध्यक्ष सोनिया गांधी और उपाध्यक्ष राहुल गांधी को आगामी लोकसभा चुनाव में अपने गढ़ रायबरेली और अमेठी में सम्मानजनक जीत दर्ज करने के लिए कड़ी मशक्कत करनी पड़ सकती है. असंतोष को कम करने के लिए विभिन्न परियोजनाओं के शिलान्यास और लोकार्पण के कार्यक्रमों का सिलसिला तेज हो गया है.

पिछले दो लोकसभा चुनावों की बात की जाए तो सोनिया और राहुल गांधी अपने गढ़ रायबरेली और अमेठी में करीब तीन लाख मतों से सम्मानजनक जीत दर्ज करते रहे हैं. लेकिन क्या इस बार भी उनकी जीत का अंतर इतना ही रहेगा? इस सवाल पर कांग्रेस नेताओं के माथे पर चिंता की लकीरें खिंच गई हैं. करीब डेढ़ साल पहले हुए विधानसभा चुनाव में रायबरेली और अमेठी की 10 सीटों में से कांग्रेस को आठ पर करारी हार मिली थी.


वैसे तो रायबरेली व अमेठी में कांग्रेस और सोनिया-राहुल के खिलाफ आम लोगों में उतनी नाराजगी नहीं है, जितनी देश-प्रदेश के अन्य हिस्सों में है. लेकिन पिछले दो वर्षो के राहुल के दौरों में कई बार ऐसा हुआ है कि लोगों ने उनका काफिला रोककर महंगाई कम करने के लिए प्रभावी कदम उठाए जाने की गुजारिश की.

कांग्रेस सूत्रों के मुताबिक, बढ़ती महंगाई पर नियंत्रण न होने से अन्य हिस्सों की तरह वहां भी लोगों में कुछ असंतोष जरूर है. इसी के मद्देनजर रायबरेली और अमेठी में विकास की तमाम परियोजनाएं शुरू की जा रही हैं ताकि लोगों के मन में उपजे असंतोष को कम किया जा सके.

सोनिया गांधी ने अपने संसदीय क्षेत्र रायबरेली के हालिया दौरे में एक रेलमार्ग का शिलान्यास किया, 19 सरकारी बैंकों की शाखाओं का उद्घाटन किया. करीब एक महीने पहले अपने दौरे में सोनिया ने आनन-फानन में रायबरेली में प्रस्तावित अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान का भूमिपूजन भी कर दिया. साथ ही एक रेल पहिया कारखाने का शिलान्यास भी किया गया.

वहीं, राहुल गांधी ने अपने संसदीय क्षेत्र अमेठी में एक महीने के अंदर मेगा फूड पार्क और करीब 40 किलोमीटर लंबी एक नई रेललाइन का शिलान्यास किया. इसके अलावा दो नई रेलगाड़ियों के परिचालन को भी हरी झंडी दिखाई.

विपक्षी दल भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश प्रवक्ता विजय बहादुर पाठक ने इस पर कहा, “रायबरेली और अमेठी में लोकसभा चुनाव से ठीक पहले लोगों को विकास के तोहफे देकर लुभाने की कोशिश होती है, ताकि वोट लेने के समय उपलब्धियां गिनाई जा सकें. लेकिन अब यहां के लोग भी कांग्रेस अध्यक्ष और उपाध्यक्ष के हथकंडों को अच्छी तरह समझ गए हैं.”

कहा जा रहा है कि एम्स के निर्माण में करीब चार साल का समय लगेगा, लेकिन आगामी मार्च माह तक एम्स की एक अस्थायी ओपीडी का संचालन शुरू कर दिया जाएगा. इसके अलावा चुनाव से पहले रायबरेली और अमेठी में कुछ और परियोजनाओं के शिलान्यास की संभावना भी प्रबल है.

कांग्रेस के प्रदेश प्रवक्ता जीशान हैदर ने बताया कि रायबरेली और अमेठी के लोग सोनिया और राहुल को सिर आंखों पर बिठाते हैं. दोनों नेता आम चुनाव में फिर पूर्व की तरह रिकार्डतोड़ मतों से जीतेंगे.

वह कहते हैं कि इन दोनों क्षेत्रों में विकास परियोजनाओं के शिलान्यास और लोकार्पण के कार्यक्रम पिछले कई वर्षो से लगातार होते आ रहे हैं.

राजनीतिक चिंतक एच. एन. दीक्षित ने कहा कि लोगों में बढ़ती महंगाई से असंतोष, भाजपा के प्रधानमंत्री पद के उम्मीदवार नरेंद्र मोदी की बढ़ती लोकप्रियता और दिल्ली विधानसभा चुनाव के जरिए पहली बार मैदान में उतरकर शानदार आगाज करने वाली आम आदमी पार्टी द्वारा रायबरेली और अमेठी से उम्मीदवार लड़ाने के ऐलान के बाद माना जा रहा है कि सोनिया और राहुल के लिए इस बार रायबरेली और अमेठी संसदीय क्षेत्रों में रिकार्डतोड़ जीत दर्ज करना थोड़ा चुनौतीपूर्ण होगा.

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

error: Content is protected !!