दिल्ली बिजली संकट: जंग से मिले गोयल

नई दिल्ली | समाचार डेस्क: दिल्ली बिजली संकट पर केंद्रीय बिजली मंत्री पीयुष गोयल ने मंगलवार को दिल्ली के उप राज्यपाल नजीब जंग के साथ आपात बैठक की. इस बैठक के बाद पीयुष गोयल ने यहां संवाददाताओं को बताया, “मैंने बिजली संकट को दूर करने के लिए उप राज्यपाल और वरिष्ठ अधिकारियों के साथ बैठक की. दिल्ली की पूर्व सरकार ने बिजली विभाग में कोई काम नहीं किया है. हम पिछली सरकार की अकर्मण्यता की वजह से इस समस्या से जूझ रहे हैं.”

गौरतलब है कि दिल्ली के उप राज्यपाल नजीब जंग ने सरकारी दफ्तरों के वातानुकूलित मशीन को बंद करने और सड़कों की रोशनी बंद करने के आदेश दिए थे. इधर बढ़ती गर्मी के बीच बिजली और पानी की कमी ने दिल्लीवासियों की समस्याओं में इजाफा किया है.


आम आदमी पार्टी के नेता मनीष सिसोदिया व पार्टी के अन्य सदस्यों ने मंगलवार को केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री और दिल्ली भाजपा अध्यक्ष हर्षवर्धन के घर के बाहर बिजली संकट के खिलाफ प्रदर्शन किया. राष्ट्रीय राजधानी में भीषण गर्मी के बीच जहां बिजली संकट जारी है, वहीं राजनीतिक पार्टियां इसके लिए एक-दूसरे पर आरोप-प्रत्यारोप लगा रही हैं.

आप नेता सिसोदिया, सोमनाथ भारती और पार्टी के अन्य कई सदस्य हर्षवर्धन से मिलने उनके घर पहुंचे. हालांकि, आप नेताओं के पहुंचने से पहले ही वह निकल चुके थे. सिसोदिया ने संवाददाताओं से कहा कि पार्टी सदस्य प्रदर्शन के लिए उनके घर नहीं गए थे, सिर्फ उन्हें दिल्ली की जनता के प्रति उनकी जिम्मेदारी को याद दिलाने गए थे.

ज्ञात हो कि सोमवार को कांग्रेस के कई नेताओं ने बिजली संकट को देखते हुए मुख्य सचिव एस.के.श्रीवास्तव को आधे घंटे के लिए दिल्ली सचिवालय में बंधक बना लिया था. उन्हें तब जाने दिया गया था जब उन्होंने एक दिन के भीतर इस संकट के समाधान का लिखित भरोसा दिया था, लेकिन उन्होंने यह भी कहा था कि बिजली की आपूíत सामान्य होने में कम से कम 25 दिन का वक्त लगेगा.

इस बीच, हर्षवर्धन ने आप नेताओं की यह कर आलोचना की कि जब दिल्ली में उनकी 49 दिन की सरकार थी, तब उन्होंने प्रदर्शन के अलावा कुछ काम नहीं किया. हर्षवर्धन ने मौजूदा बिजली संकट के लिए कांग्रेस को जिम्मेदार ठहाराया है, और कहा कि पार्टी ने 15 सालों तक राजधानी में शासन किया और पारेषण और वितरण प्रणाली में सुधार के लिए कुछ नहीं किया.

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