‘बंगबंधु’ के देश में मोदी

ढाका | समाचार डेस्क: प्रधानमंत्री मोदी ने बंगबंधु के देश ढाका पहुंचते ही शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित की. उल्लेखनीय है कि बंग्लादेश के मुक्ति संग्राम में भारत ने उसका साथ दिया था. बंगलादेश के प्रधानमंऊी शेख हसीना ने उनका हवाई अड्डे पर स्वागत किया. बांग्लोदश के एक वरिष्ठ अधिकारी के मुताबिक, मोदी के बांग्लादेश के 36 घंटे के दौरे के दौरान 20 समझौतों पर हस्ताक्षर हो सकते हैं. बांग्लादेश से संबंधित मामलों के विशेषज्ञ तापस डे ने कहा, “पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के विरोध के कारण पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह तीस्ता समझौते पर हस्ताक्षर नहीं कर सके थे.”

डे ने कहा, “तीस्ता दशकों से एक महत्वपूर्ण मुद्दा है और इस बार अवामी लीग की सरकार और बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी यह मान रही है कि इस मुद्दे का भारतीय राजनीति में कुछ अंतर्राष्ट्रीय अर्थ है.”


बीएनपी अध्यक्ष बेगम खालिदा जिया ने राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी की मार्च 2013 की ढाका यात्रा के दौरान उनसे मिलने से इंकार कर दिया था, लेकिन वह मोदी से मिल सकती हैं.

उधर, भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बांग्लादेश की राजधानी ढाका में राष्ट्रीय शहीद स्मारक पर श्रद्धांजलि अर्पित कर अपने बांग्लादेश दौरे का आगाज किया. भारतीय विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता विकास स्वरूप ने एक ट्वीट में लिखा, “प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राष्ट्रीय शहीद स्मारक पर मुक्ति संघर्ष के बलिदानियों को याद किया.”

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ट्विटर पर लिखा, “शहीद स्मारक फीनिक्स पक्षी की तरह राख से पुनर्जन्म लेने की प्रेरणा देता है. यह लोगों की जोश और समर्पण का प्रतीक है.”

भारत के प्रधानमंत्री कार्यालय से जारी एक ट्वीट में बताया गया राष्ट्रीय शहीद स्मारक सात विभिन्न त्रिकोणों से निर्मित है, जो बांग्लादेश को मुक्ति दिलाने वाले आंदोलन के सात चरणों का प्रतीक है.

मोदी ने एक ट्वीट में लिखा, “शहीद स्मारक ‘जातियो स्मृति शोधो’ की आधारशिला खुद बंगबंधु शेख मुजीबुर रहमान ने रखी थी. इसका डिजाइन एक प्रतियोगिता के लिए भेजी गई विभिन्न प्रवृष्टियों में से चुना गया था.”

मोदी शनिवार को भारतीय वायु सेना के विशेष विमान आईएएफ राजदूत से ढाका के हजरत शाहजलाल अंतर्राष्ट्रीय हवाईअड्डे पर पहुंचे. बांग्लादेश की प्रधानमंत्री शेख हसीना प्रोटोकॉल के खिलाफ जाकर हवाईअड्डे पर उनकी आगवानी करने पहुंची थी.

बांग्लादेश में पहले मोदी का औपचारिक स्वागत किया गया, जिसके बाद उन्होंने गार्ड ऑफ ऑनर का निरीक्षण किया.

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