कश्मीर में गले लगाकर आगे बढ़ेंगे-मोदी

नई दिल्ली | संवाददाता: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा है कि हम कश्मीर में गोली और गाली से नहीं, गले लगाकर आगे बढ़ेंगे. उन्होंने कहा है कि हिंसा से किसी का भला नहीं होगा. त्रिपुरा और मेघालय में आतंकवाद पर क़ाबू पाया गया. नक्सलवाद पर तेज़ी से काबू पाया जा रहा है.

स्वतंत्रता दिवस की 72वीं सालगिरह पर लाल किले से झंडातोलन के अवसर पर प्रधानमंत्री ने सबसे पहले नारी शक्ति को याद करते हुये कहा कि जब हमारी बेटियाँ उत्तराखंड, हिमाचल, मणिपुर, तेलंगाना, आंध्र प्रदेश- इन राज्यों की हमारी बेटियों ने सात समंदर पार किया और सातों समंदर को तिरंगे रंग से रंगकर हमारे बीच लौट आईं. आदिवासी बच्चों ने इस बार एवरेस्ट पर तिरंगा झंडा फहरा कर तिरंगे की शान बढाई है.


प्रधानमंत्री ने कहा कि उजम्‍मू और कश्‍मीर के बारे में अटल बिहारी वाजपेयी जी ने हमें रास्‍ता दिखाया है और वही रास्‍ता सही है. उसी रास्‍ते पर हम चलना चाहते हैं. वाजपेयी जी ने कहा था- इंसानियत, जम्हूरियत और कश्‍मीरियत, इन तीन मूल मुद्दों को ले करके हम कश्‍मीर का विकास कर सकते हैं. चाहे लद्दाख हो, चाहे जम्‍मू हो या श्रीनगर valley हो, संतुलित विकास हो, समान विकास हो, वहां के सामान्‍य मानव की आशा-आकांक्षाएं पूर्ण हो, infrastructure को बल मिले और साथ-साथ जन-जन को गले लगा करके चलें, इसी भाव के साथ हम आगे बढ़ना चाहते हैं. हम गोली और गाली के रास्‍ते पर नहीं, गले लगा करके मेरे कश्‍मीर के देशभक्ति से जीने वाले लोगों के साथ आगे बढ़ना चाहते हैं.

उन्होंने कहा कि आज़ादी के बाद बाबा साहेब आंबेडकर के नेतृत्व में समावेशी संविधान का निर्माण हुआ. ये हमारे लिए कुछ ज़िम्मेदारियां लेकर आया है. समाज के हर तबके को आगे ले जाने के लिए संविधान मार्गदर्शन करता रहा है. तिरंगे से प्रेरणा मिलती है कि ग़रीबों को न्याय मिले, सभी को आगे बढ़ने का समान अवसर मिले. समाज व्यवस्था निम्न, मध्यम वर्ग को आगे बढ़ने देने का वातावरण बनाए. महिलाएं, दलित, पीड़ित, शोषित उन्हें आगे बढ़ने का अवसर मिले. दुनिया में हिंदुस्तान की साख और दमक हो. वैसा हिंदुस्तान बनाना चाहते हैं.

नरेंद्र मोदी ने कहा कि 2013 की रफ़्तार से शौचालय, गैस कनेक्शन और ऑप्टिकल फ़ाइबर बिछाने का काम करते तो बहुत वक्त लगता. देश वही है, धरती वही है, आसमान वही है, सरकारी दफ़्तर वही है, प्रक्रियाएं वही हैं, फ़ाइलें वही हैं. लेकिन देश दोगुना हाइवे बना रहा है, चार गुना गांवों में घरें बना रहा है, रिकॉर्ड अनाज उत्पादन, रिकॉर्ड ट्रैक्टरों की बिक्री, मोबाइल उत्पादन, आज़ादी के बाद सबसे ज़्यादा हवाई जहाज ख़रीदने का काम कर रहा है. आईआईटी, एम्स खोल रहा है. स्किल डिवेलपमेंट हो रहा है. स्टार्टअप की बाढ़ आई हुई है. 99 पुरानी सिंचाई के बंद पड़े प्रोजेक्ट चला रहे हैं. प्राकृतिक आपदा के लिए सेना पहुंच जाती है. वही सेना जब संकल्प लेकर चल पड़ती है तो वो सर्जिकल स्ट्राइक कर दुश्मनों के दांत खट्टे कर के आ जाती है.

जीएसटी को लेकर प्रधानमंत्री ने कहा कि जीएसटी से व्यापारियों में एक नया विश्वास पैदा हुआ. व्यापारियों को शुरू में कठिनाई आई, लेकिन उन्होंने इसे गले लगाया. बेनामी संपत्ति का क़ानून लागू किया गया. वन रैंक वन पेंशन की मांग पूरी की. हम कड़े फ़ैसले का सामर्थ्य रखते हैं. पूरी दुनिया भारत की ओर देख रही है.

उन्होंने कहा कि पहले दुनिया रेड टेप की बात करती थी और अब रेड कार्पेट की बात होती है. हम देशहित के लिए काम करते हैं, दलहित के लिए नहीं. हमारे लिए देश सर्वोपरि है. प्रधानमंत्री ने कहा कि सोए हुए हाथी ने अब दौड़ शुरू कर दी है. दुनिया के अर्थशास्त्री कहने लगे हैं कि आने वाले तीन दशक तक भारत दुनिया की अर्थव्यवस्था को गति देने वाला है.

स्वच्छता अभियान को लेकर उन्होंने दावा किया कि WHO ने कहा है कि स्वच्छता अभियान के चलते 3 लाख बच्चे मरने से बचे. देश के सभी लोगों को आरोग्य की सुविधा मिले, मुफ़्त में मिले, इसलिए प्रधानमंत्री जन आरोग्य अभियान शुरू करने का निर्णय लिया है. 10 करोड़ परिवारों को इसका लाभ मिलेगा.

प्रधानमंत्री ने कहा कि तीन तलाक की कुरीति ने हमारे देश की मुस्लिम बेटियों की ज़िंदगी को तबाह करके रखा हुआ है और जिनको तलाक नहीं मिला है वो भी इस दबाव में गुज़ारा कर रही है. संसद के मॉनसून सत्र में संसद में कानून लाकर के हमारी इन महिलाओं को कुरीतियों से मुक्ति दिलाने का बीड़ा उठाया गया था. लेकिन, अभी भी कुछ लोग हैं जो इसे पारित नहीं होने देते.

फसलों को लेकर प्रधानमंत्री ने कहा कि बाजार में गेहूं की कीमत 24-25 रुपये है, जबकि राशन कार्ड पर सरकार वो गेहूं 24-25 रुपये में खरीद करके सिर्फ दो रुपये में गरीब तक पहुंचाती है. चावल की बाजार में कीमत 30-32 रुपया है, लेकिन गरीब को चावल मिले, इसलिए सरकार 30-32 रुपये में खरीद करके 3 रुपये में राशन कार्ड वाले गरीब तक पहुंचाती है.

प्रधानमंत्री ने कहा कि हमें ठहराव मंज़ूर नहीं है, हमें रुकना मंज़ूर नहीं है, और झुकना तो हमारे स्‍वभाव में नहीं है. ये देश न रुकेगा, न झुकेगा, ये देश न थकेगा, हमें नई ऊंचाइयों पर आगे चलना है, उत्तरोत्तर प्रगति करते चलना है.

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