लोकपाल: किसने क्या कहा ?

नई दिल्ली | समाचार डेस्क: लोकपाल एवं लोकायुक्त विधेयक 2011 को संसद के दोनों सदनों द्वारा पारित किये जाने के बाद यह जानना दिलचस्प होगा कि इसके बारे में किसने क्या का है.

आम आदमी पार्टी- आप के नेता कुमार विश्वास ने आईएएनएस से कहा, “देश में सामाजिक सक्रियता के लिए यह बुरा दिन है. यह हर भ्रष्ट नेता के लिए सरहानीय विधेयक है.” कुमार विश्वास ने कहा, “यह विधेयक रामलीला मैदान में लोगों से किए गए वादे के विपरीत है और धोखा है. यह भाजपा और कांग्रेस की भ्रष्टाचार के मुद्दे से लोगों का ध्यान बंटाने का प्रयास है.”


समाजवादी पार्टी- समाजवादी पार्टी प्रमुख मुलायम सिंह यादव बुधवार को लोकपाल विधेयक का विरोध करते हुए लोकसभा से बहिर्गमन कर गए. उन्होंने लोकपाल विधेयक को ‘खतरनाक विधेयक’ बताते हुए कहा कि इससे अराजकता बढ़ेगी. अपने साथी सांसदों के साथ सदन से बहिर्गमन करने से पहले मुलायम सिंह ने संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन की अध्यक्ष सोनिया गांधी से आग्रह किया, “यह एक खतरनाक विधेयक है. इससे अराजकता बढ़ेगी. आप इसे वापस लीजिए.” उन्होंने आगे कहा कि कहा, “कोई सरकारी कर्मचारी काम नहीं करेगा. कोई विकास का काम नहीं होगा. हम 10 वर्ष पीछे चले जाएंगे.”

कांग्रेस- प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने बुधवार को संसद से लोकपाल विधेयक पारित किए जाने को ‘ऐतिहासिक और युगांतकारी कदम’ करार दिया. लोकसभा में भ्रष्टाचार-रोधी कानून के पारित होने के बाद संवाददाताओं से बातचीत में उन्होंने कहा, “यह ऐतिहासिक और युगांतकारी कदम है.” राज्यसभा ने मंगलवार को ही विधेयक पारित कर दिया था.

अन्ना हजारे- अन्ना ने लोकसभा में विधेयक पारित हो जाने के बाद अनशन स्थल पर जमा लोगों को संबोधित करते हुए कहा, “देश की जनता, रालेगण-सिद्धि के निवासियों और प्रदर्शन में हिस्सा लेने वालों की तरफ से यह विधेयक पारित करने के लिए संसद के प्रति आभार प्रकट करता हूं.” अन्ना ने कहा, “भारत में पहली बार भ्रष्टाचार पर नियंत्रण के लिए कानून बन रहा है. हालांकि, भ्रष्टाचार को 100 फीसदी खत्म नहीं किया जा सकता, कम से कम यह भ्रष्टाचार को 50 फीसदी तो कम करेगा.”

राहुल गांधी-
राहुल ने कहा, “भ्रष्टाचार से लड़ने के लिए लोकपाल विधेयक पर्याप्त नहीं है. हमें एक व्यापक भ्रष्टाचार निरोधी संहिता की जरूरत है.”उन्होंने आगे कहा, “संप्रग सरकार ने एक भ्रष्टाचार निरोधी रूपरेखा तैयार की है. आठ नए केंद्रीय कानून लाए जाने हैं.. हमें भ्रष्टाचार के खिलाफ अधूरी लड़ाई को पूरा करना है. क्या हम संसद के मौजूदा सत्र की अवधि बढ़ा नहीं सकते?” संप्रग की सूची में शामिल अन्य भ्रष्टाचार निरोधी विधेयकों में जनता को उत्पादों एवं सेवाओं की समय पर आपूर्ति तथा सार्वजनिक खरीदारी, विदेश से रिश्वतखोरी, न्यायिक जवाबदेही एवं भ्रष्टाचार के खिलाफ आवाज उठाने वाले व्यक्ति की सुरक्षा इत्यादि को कानून के दायरे में लाना शामिल हैं.

भाजपा- भारतीय जनता पार्टी की नेता और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष सुषमा स्वराज ने कहा कि सरकार को विधेयक पारित कराने का कोई श्रेय नहीं लेना चाहिए.

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