बच्चे संघर्षो से थक चुके हैं: पोप

वेटिकन सिटी | एजेंसी: पोप फ्रांसिस ने मध्य-पूर्व में शांति प्रक्रिया को फिर से शुरू करने की दिशा में एक साहसिक कदम उठाया. उन्होंने वेटिकन में एक अप्रत्याशित अंतर-धर्म प्रार्थना सभा का आयोजन किया. इस सभा में इजरायल और फिलिस्तीन के राष्ट्रपति ने हिस्सा लिया.

इजरायल के राष्ट्रपति शिमोन पेरेस और फिलिस्तीन के राष्ट्रपति मोहम्मद अब्बास की उपस्थिति को ‘भाईचारा का महान प्रतीक’ बताते हुए पोप फ्रांसिस ने रविवार को दोनों नेताओं को दो घंटे तक इतालवी में संबोधित किया और उनसे कहा कि ‘बच्चे संघर्षो से थक चुके हैं और परेशान हो गए हैं.’


उन्होंने दुश्मनी की दीवार ढहाने का आह्वान किया और सभी पक्षों से ‘बातचीत और शांति के मार्ग पर चलने को कहा ताकि प्रेम और मैत्री की जीत सुनिश्चित हो सके.’

पोप ने कहा कि ‘शांति स्थापित करने का आह्वान किसी हथियार से कहीं ज्यादा कारगर है.’

अगले महीने राष्ट्रपति पद से निवृत्त होने जा रहे पेरेस ने सामूहिक प्राथना समारोह के बाद दिए गए अपने संबोधन में सभी पक्षों से मध्य-पूर्व में शांति के लिए ‘अपनी पूरी ताकत से जुटने’ का आग्रह किया और कहा कि इसके लिए त्याग व समझौते की दरकार भी होगी.

पोप फ्रांसिस और पेरेस के बाद अब्बास ने फिलिस्तीनी जनता के नाम संबोधन में कहा, “वे हमारे और हमारे पड़ोसी के लिए शांति चाहते हैं. साथ ही साथ एक सम्मानित जीवन तथा स्वतंत्रता चाहते हैं.”

उन्होंने भगवान से अपने संप्रभु एवं स्वतंत्र मुल्क में एक समृद्ध और संभावनाशील भविष्य मुहैया कराने की प्रार्थना की.

वेटिकन में यह अब तक का ऐसा पहला अंतर-धर्म कार्यक्रम था जिसमें ईसाई कार्डिनलों, यहूदी रब्बीस और मुस्लिम इमामों ने नए और प्राचीन धार्मिक लेखों व कुरान का पाठ किया.

समारोह के बाद पादरी, पेरेस और अब्बास के बीच करीब 20 मिनट तक अकेले में बैठक चली जिसमें उन्होंने विचार-विमर्श किया.

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