‘आप’ ने प्रशांत-योगेंद्र के पर कतरे

नई दिल्ली | समाचार डेस्क: ‘आप’ के राष्ट्रीय कार्यकारिणी ने प्रशांत भूषण तथा योगेन्द्र यादव के पर कुतर दिये हैं. बुधवार को राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक में इन दोनों वरिष्ठ नेताओं को उन पर लगे इल्ज़ाम के तहत राजनीतिक मामलों की समिति से बाहर का रास्ता दिखा दिया गया है. पिछले कुछ दिनों से पार्टी में चल रहें अंदुरुनी विवाद के बाद यह फैसला लिया गया है. आम आदमी पार्टी के वरिष्ठ नेता प्रशांत भूषण और योगेंद्र यादव को पार्टी की सर्वोच्च नीति नियामक संस्था, राजनीतिक मामलों की समिति से बाहर करने का फैसला बुधवार को किया गया है.

आप में जारी आंतरिक कलह की खबरों के बीच बुधवार को राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक में यह फैसला बहुमत के साथ किया गया.


राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक से बाहर आए प्रशांत भूषण ने कहा, “बैठक में मुझे और योगेंद्र यादव को फिलहाल राजनीतिक मामलों की समिति से बाहर रखने का फैसला किया गया है.”

बैठक के बाद पीएसी सदस्य कुमार विश्वास ने भी संवाददाताओं से बातचीत में इसकी पुष्टि की और कहा, “बैठक में यह निर्णय लिया गया है कि दो वरिष्ठ साथी प्रशांत भूषण और योगेंद्र यादव को पीएसी की जिम्मेदारियों से मुक्त कर नई जिम्मेदारी दी जाए.”

इससे पहले दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने पार्टी के संयोजक पद से इस्तीफे की पेशकश की थी.

दिल्ली विधानसभा चुनाव में 70 में से 67 सीटें जीतकर शानदार प्रदर्शन करने वाली आप के शीर्ष नेतृत्व में तकरार की रपटें पार्टी के सत्ता में आने के एक माह के भीतर ही सामने आ गईं.

आप सूत्रों के अनुसार, पार्टी की 21 सदस्यीय राष्ट्रीय कार्यकारिणी के अधिकांश सदस्य सर्वोच्च न्यायालय के वरिष्ठ वकील और आप के संस्थापक सदस्यों में से एक प्रशांत भूषण तथा राजनीतिक विश्लेषक योगेंद्र यादव को राजनीतिक मामलों की समिति से हटाए जाने के पक्ष में थे.

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