राजपक्षे ने रिहा कराये भारतीय मछुआरे

कोलंबो | एजेंसी: श्रीलंका के राष्ट्रपति महिंदा राजपक्षे ने मौत की सजा पाये 5 भारतीय मछुआरों को रिहा करवा दिया है. गौरतलब है कि श्रीलंका की अदालत ने इन पांचो भारतीय मछुआरों को नशीले पदार्थो की तस्करी के मामले में मौत की सजा सुनाई थी. जिसके खिलाफ तमिलनाडु में विरोध प्रदर्शन हो रहा था. श्रीलंका के राष्ट्रपति के इस कदम से भारत के साथ उसके रिश्ते अच्छे होंगे. उल्लेखनीय है कि श्रीलंका ने बुधवार को पांच भारतीय मछुआरों को रिहा किया है. इन्हें वहां की एक अदालत ने नशीले पदार्थो की तस्करी के आरोप में मौत की सजा सुनाई थी. श्रीलंका के इस कदम पर भारतीय उच्चायोग ने कहा कि इससे दोनों देशों के द्विपक्षीय रिश्तों को मजबूती मिलेगी. कोलंबो स्थित भारतीय मिशन ने कहा कि मछुआरों को वापस उनके देश भेज दिया जाएगा, साथ ही उन्हें भारत में इस मामले में किसी प्रकार की सजा नहीं काटनी होगी.

मिशन ने कहा, “हम श्रीलंका के राष्ट्रपति महिंदा राजपक्षे के इस मानवीय कृत्य के लिए बहुत आभारी हैं. साथ ही इससे भारत और श्रीलंका के बीच के द्विपक्षीय रिश्तों को और मजबूती मिलेगी.”


तमिलनाडु के पांच मछुआरे और श्रीलंका के तीन मछुआरों को नशीले पदार्थो की तस्करी के मामले में दोषी पाया गया था. इसी जुर्म में वहां की एक अदालत ने सभी आठ लोगों को फांसी की सजा सुनाई थी.

भारतीय नागरिक इमर्सन, पी. अगस्तस, आर. विल्सन, के. प्रसाथ और जे. लांगेट को 2011 में समुद्र में नशीले पदार्थो की तस्करी करते हुए पकड़ा गया था. इन्हें इसी साल 30 अक्टूबर को वहां की अदालत ने दोषी पाते हुए फांसी की सजा सुनाई थी.

मौत की सजा मिलने से तमिलनाडु में बड़े पैमाने पर विरोध प्रदर्शन शुरू हो गए थे.

डेली मिरर की रपट के मुताबिक, श्रीलंका के राष्ट्रपति महिंदा राजपक्षे ने अपने संवैधानिक अधिकार का उपयोग कर सभी पांच मछुआरों को रिहा कर दिया.

भारतीय उच्चायोग के एक प्रवक्ता ने डेली मिरर को बताया, “हां उन्हें रिहा कर दिया गया है, और भारतीय उच्चायोग को सौंप दिया गया है.”

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