सुलेमान के स्वागत में बजते नगाड़े

गिरीश मालवीय | फेसबुक : क्या कमाल का दिन आया है! आज दुनिया मे आतंकवाद का सबसे बड़े पोषक सऊदी अरब के शाही खानदान के ‘चश्मों चिराग’ वली अहद (क्राऊन प्रिंस) मुहम्मद बिन सुलेमान भारत आया है और तथाकथित हिन्दू हृदय सम्राट नरेन्द्र मोदी पीएम उनका बाहें फैलाए हुए स्वागत कर रहे हैं.

सऊदी का शाही शासन इस्लामिक रूढ़िवादी और वहाबी विचारधारा को प्रोत्साहित करता है, वहाबियत को मुस्लिम समाज का सबसे कट्टर वर्ग माना जाता है. दुनिया में जितने भी इस्लामी आतंकवादी गुट हैं, वह सब मूल रूप से वहाबी मानसिकता के ही हैं आतंकवादी गतिविधियों में लिप्त संगठनों के सरगना जैसे अबु बकर अल बगदादी, अमान अल जवाहिरी से लेकर हाफिज सईद तक खुद को सुन्नी बताते हैं लेकिन दरअसल यह लोग वहाबी हैं.


पिछले साल ही सऊदी अरब के अमेरिका समर्थक क्राउन प्रिंस मुहम्मद बिन सलमान ने वाशिंगटन पोस्ट से बातचीत में यह स्वीकार किया कि अमेरिका के कहने पर सऊदी अरब ने दुनिया भर में वहाबीयत फैलाने के लिए वित्त पोषित किया और वहाबियत के प्रसार के लिए मस्जिदें बनवाईं और उनमें निवेश किया.

आपको शायद याद हो पिछले 15 से 20 सालों में कश्मीर में बड़े पैमाने पर मस्जिदे बनवाई गयी है कई चेंनल्स ने खुलकर यह बात उठाई थी ओर इन नयी मस्जिदों को आतंकवाद का नया अड्डा बताया जा रहा था, लेकिन आज सब ख़ामोश हैं.

और वैसे भी कश्मीर और अफ़ग़ानिस्तान के मामलों पर, सउदी अरब का झुकाव पाकिस्तान की तरफ़ ज़्यादा रहा है. सऊदी अरब पाकिस्तानी हथियारों का सबसे बड़ा आयातक है. पाकिस्तान ने जब परमाणु परीक्षण किया था तो सऊदी ने इसका खुलकर समर्थन किया था. अफ़ग़ानिस्तान से रूसी सेना वापस गई तो संयुक्त अरब अमीरात के अलावा सऊदी अरब एकमात्र देश था जिसने काबुल में तालिबान शासन का समर्थन किया था. इसके साथ ही कश्मीर मसले पर भी सऊदी अरब पाकिस्तान की लाइन के साथ रहा है.

1980 के दशक में सऊदी ने अफ़ग़ानिस्तान से सोवियत सेना के ख़िलाफ़ लड़ने के लिए पाकिस्तान के ज़रिए ही अफ़गान मुजाहिदीनों को तैयार किया था. इसी का नतीजा हुआ कि तालिबान का जन्म हुआ और फिर अल-क़ायदा सामने आया.

सऊदी के फंड से पाकिस्तान में इस्लामिक कट्टरता और रूढ़िवाद को ऊर्वर ज़मीन मिली. सऊदी की मदद से पाकिस्तान में धार्मिक स्कूल और मदरसे ख़ूब खुले. पिछले कुछ सालों में पाकिस्तान में इस्लामिक कट्टरता के कारण हज़ारों लोगों की जान भी गई.

कल पाकिस्तान में सऊदी क्राऊन प्रिंस ने कहा ‘he feels at home in Pakistan.’ पाकिस्तान इस समय कर्ज में बुरी तरह से डूबा हुआ है. सऊदी अरब ने पाकिस्तान में निवेश नहीं किया बल्कि वहां पर आर्थिक स्थिति सुधारने के लिए राहत पैकेज दिया है. सऊदी अरब ने कर्ज में डूबे पाकिस्तान को रविवार को 20 बिलियन डॉलर के राहत पैकेज के बतौर दिए हैं. मोदीजी पाकिस्तान को पुलवामा हमले का दोषी बता रहे हैं और सऊदी पाकिस्तान की खुलकर मदद कर रहा है.

और आज यही क्राऊन प्रिंस भारत आ रहे हैं….. बजाइये ढोल नगाड़े.

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