पंजाब में आतंक का खूनी खेल

दीनानगर | समाचार डेस्क: पंजाब में आतंकवाद ने 11 घंटे तक खूनी खेल खेला जिसमें 10 लोगों की मौत हो गई. करीब 20 साल बाद पंजाब में आतंकवादियों ने बड़ा कारनामा किया है. इस बात की पूरी संभावना है कि इन आतंकवादियों को सीमा पार से सहयोग मिला. पुलिस तथा सुरक्षा बलों ने 11 घंटे के संघर्ष के बाद तीनों आतंकवादियों को मार गिराया. सोमवार का सारा दिन पंजाब के गुरदासपुर में आतंकियों से मुठभेड़ सुर्खिया बना रहा. पंजाब में कथित तौर पर पाकिस्तान से आए अत्याधुनिक हथियारों से लैस तीन आतंकवादियों द्वारा सोमवार को खेले गए खूनी खेल में तीन नागरिकों की मौत गई, जबकि एक पुलिस अधीक्षक सहित चार सुरक्षाकर्मी शहीद हो गए.

तीनों आतंकवादियों को मार गिराने में पंजाब पुलिस के कमांडो को कई घंटे का समय लगा, जो गुरदासपुर जिले के दीनानगर में एक पुलिस थाने में छिपे थे.


दीनानगर पाकिस्तान सीमा से मात्र 15 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है.

पंजाब के पुलिस महानिदेशक सुमेध सिंह सैनी ने संवाददाताओं से कहा, “हमने उन्हें उलझाए रखा और तीनों आतंकवादियों को मार गिराया. हमारे चार सुरक्षाकर्मी शहीद हो गए. आतंकवादी अत्याधुनिक हथियारों व विस्फोटकों से लैस थे और उनके पास जीपीएस सेट्स भी था.”

यह पूछे जाने पर कि हमले में पाकिस्तान का हाथ है, उन्होंने कहा, “यह कहना अभी जल्दबाजी होगी कि वे कहां से आए थे.”

आतंकवादियों के पाकिस्तान से होने की अटकलों के बीच केंद्रीय गृह मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा, “यदि हम पर हमला होता है तो हम माकूल जवाब देंगे. हम पाकिस्तान के साथ शांति चाहते हैं, लेकिन राष्ट्र के सम्मान की कीमत पर नहीं.”

यह हमला पटियाला में रविवार को पंजाब विश्वविद्यालय के एक कार्यक्रम में मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल की मौजूदगी में खालिस्तान समर्थक नारेबाजी के एक दिन बाद हुआ है. यह 31 अगस्त, 1995 को पंजाब के तत्कालीन मुख्यमंत्री बेअंत सिंह की हत्या के बाद राज्य में पहला बड़ा आतंकवादी हमला है.

पंजाब में लगभग दो दशक बाद यह कोई बड़ा आतंकवादी हमला है. आतंकवादी सेना की वर्दी में थे. आतंकवादी सड़क किनारे एक ढाबा मालिक की हत्या कर उसकी कार में दीनापुर के बस स्टैंड पहुंचे और वहां जम्मू जाने वाली बस पर गोलीबारी करने के बाद थाने का रुख किया. आतंकवादी सुबह करीब 5.30 बजे थाने के भीतर घुस गए, जहां से वे निरंतर गोलीबारी कर रहे थे.

भारत सरकार ने कहा है कि वह ऐसे हमलों का मुंहतोड़ जवाब देगी. साथ ही सरकार ने सभी टेलीविजन चैनलों से भी कहा है कि वे हमलावरों के खिलाफ जारी अभियान का सीधा प्रसारण न करें.

अधिकारियों ने कहा कि दोनों ओर से जारी गोलीबारी में पुलिस अधीक्षक बलजीत सिंह शहीद हो गए. उन्हें मुठभेड़ के दौरान सिर में गोली लगी, जिसमें वह गंभीर रूप से जख्मी हो गए थे और अस्पताल में इलाज के दौरान उन्होंने दम तोड़ दिया.

माना जा रहा है कि आतंकवादी पाकिस्तान सीमा की ओर से आए थे. पंजाब में गुरदासपुर जिले का दीनानगर शहर जम्मू एवं कश्मीर की सीमा से सटा है और यह भारत-पाकिस्तान सीमा से भी कुछ ही दूरी पर है.

हमले के कुछ ही देर बाद नई दिल्ली में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वरिष्ठ मंत्रियों के साथ बैठक की.

आतंकवादियों ने दीनानगर के बाहरी इलाके में एक कार चालक को गोली मारने के बाद उसकी कार लेकर शहर में प्रवेश किया, उसके बाद उन्होंने बस अड्डे पर गोलीबारी कर दो लोगों को मौत के घाट उतार दिया, और फिर पंजाब रोडवेज की बस पर गोलीबारी की.

इसके बाद आतंकवादी पुलिस परिसर में घुसे.

आतंकवादियों द्वारा गोलीबारी शुरू करते ही पुलिस तथा नजदीक में स्थित सेना इकाई के एक सैन्य समूह ने परिसर को चारों ओर से घेर लिया, जिसके बाद उनकी आतंकवादियों से मुठभेड़ शुरू हो गई.

सेना के विशेष बलों तथा राष्ट्रीय सुरक्षा गार्ड ने सुरक्षा का दूसरा घेरा प्रदान किया.

उधर, अमृतसर-पठानकोट रेल खंड पर सोमवार को पांच जिंदा बम मिले, जिन्हें सुरक्षा बलों ने सावधानीपूर्वक निष्क्रिय कर दिया. बम दीनानगर से पांच किलोमीटर दूर परमानंद रेलवे स्टेशन के नजदीक एक छोटे पुल की रेल पटरियों पर मिले. इन्हें बड़ी चालाकी के साथ रेल पटरियों से जोड़ा गया था.

रेल पटरियों पर बम होने की सूचना मिलने के बाद इससे गुजरने वाली रेलगाड़ी को उस स्थान से 200 मीटर दूर ही रोक दिया गया.

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