राघवजी ने खोला शिवराज के खिलाफ मोर्चा

भोपाल | एजेंसी: राजनीति में दोस्त को दुश्मन और दुश्मन को दोस्त बनते देर नहीं लगती, इसका ताजा उदाहरण मध्य प्रदेश की राजनीति में मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान और उनकी सरकार में ताकतवर वित्त मंत्री रह चुके राघवजी का है. राघवजी जब सरकार में थे तब एक-दूसरे के गुणगान करते थकते नहीं थे मगर अब ऐसा नहीं रहा.

घरेलू नौकर से अप्राकृतिक कृत्य के आरोप में शिवराज समेत पूरी पार्टी की अवहेलना का शिकार हुए राघवजी खुले तौर पर चौहान को कोस रहे हैं और अपने साथ हुए बर्ताव के लिए चौहान को ही इशारों-इशारों में जिम्मेदार ठहराने से भी नहीं चूक रहे हैं.

राघवजी ने अप्राकृतिक कृत्य के आरोप में पहले मंत्री पद गंवाया और फिर भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) से निष्कासित किए गए. उन्हें एक माह से अधिक समय तक जेल में रहना पड़ा है. जेल से बाहर आने के बाद राघवजी के तेवर हर रोज तल्ख होते जा रहे हैं.

पहले उन्होंने कहा कि उनके साथ पार्टी ने वह बर्ताव किया है, जिसकी उन्हें उम्मीद नहीं थी. उन्हें पकड़ने के लिए पुलिस की ऐसी टीमें बनाई गईं जैसे वे दाऊद हों. पार्टी ने उनका पक्ष सुने बिना ही उन्हें निष्कासित कर दिया, यह पार्टी के संविधान के खिलाफ भी है.

राघवजी के तेवर अपने गृह नगर विदिशा में तो और भी तल्ख होने लगे हैं. वे लगातार अपना शक्ति प्रदर्शन भी कर रहे हैं और पार्टी को यह बताने की कोशिश में लगे हैं कि अगर उनकी पार्टी में वापसी नहीं हुई तो आगामी विधानसभा चुनावों में वे नुकसान का कारण भी बन सकते हैं.

विदिशा में एक कार्यक्रम के दौरान राघवजी ने तो अपने खिलाफ हुई कार्रवाई के लिए सीधे तौर पर मुख्यमंत्री चौहान को ही जिम्मेदार ठहरा डाला. उनका कहना है कि चौहान विदिशा से चुनाव लड़ना चाहते हैं, इसके लिए पार्टी ने उनसे पूछा भी था कि वे (राघवजी) कहीं और से चुनाव लड़ सकते हैं.

राघवजी वर्तमान में विदिशा से विधायक हैं. राघवजी का कहना है कि चौहान उनसे एक बार कहते तो वे विदिशा की बजाय बुधनी से विधानसभा का चुनाव लड़ लेते.

राघवजी कहते हैं कि उनसे अन्य दल के लोग संपर्क कर रहे हैं, मगर उन्होंने कोई फैसला नहीं लिया है. वैसे वे पार्टी से बाहर हैं, लिहाजा उनके लिए सारे विकल्प खुले हैं. उन्होंने पार्टी में वापसी की आस अभी नहीं छोड़ी है. उनका कहना है कि वे अपना पक्ष जरूरत पड़ी तो पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष राजनाथ सिंह के सामने रखेंगे, वैसे वह प्रदेशाध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर के संपर्क में हैं.

राघवजी वर्तमान में विदिशा से विधायक हैं. यह जिला मुख्यमंत्री चौहान के गृह जिले का नजदीकी जिला है और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष सुषमा स्वराज का संसदीय क्षेत्र है. वहीं राघवजी का इस क्षेत्र में अच्छा जनाधार है और इसका वे प्रदर्शन भी करने में लगे हैं. जेल से बाहर आने का दिन हो या विदिशा में आयोजित कार्यक्रम, सभी में भीड़ जुट रही है और राघवजी का उत्साह बढ़ा रही है.

राघवजी के खिलाफ अभी किसी न्यायालय का फैसला नहीं आया है, मगर पार्टी ने उन्हें दोषी मान लिया है. वहीं राघवजी अपने को निर्दोष बताने में लगे हैं. पार्टी और राघवजी के बीच चल रहे द्वंद्व के बीच राघवजी ने मुख्यमंत्री के खिलाफ मोर्चा खोलकर उनको घर में ही चुनौती देने की कोशिश की है.

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