अखलाक के परिजन से मिले राहुल, केजरीवाल

ग्रेटर नोएडा | समाचार डेस्क: कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी ने शनिवार को मोहम्मद अखलाक के परिवार से मुलाकात की. गोमांस खाने की अफवाह के कारण अखलाक की पीट-पीट कर हत्या कर दी गई थी. गांधी ने ट्वीट किया, “मोहम्मद अखलाक के परिवार से मिला और अपनी गहरी संवेदना व्यक्त की.”

राहुल ने कहा, “यह देखकर बहुत दुख होता है कि दशकों में विकसित हुआ विश्वास और सौहार्द्र घृणा की राजनीति के द्वारा नष्ट हो गया.”

उन्होंने कहा, “हमारे लोगों के बीच घृणा भारत को कमजोर करता है. हमें एकजुट रहना है और घृणा फैलाने वालों से लड़ना है.”

गांधी ने ट्वीट में कहा है, “बिसरा में सौहार्द बनाए रखने को लेकर लोगों की इच्छा से प्रभावित हुआ. यह भावना कठिन समय में देश को उबारने में मददगार होगी.”

राहुल गांधी से पहले दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने अखलाक के परिवार से मुलाकात की और हत्या की इस घटना को दुर्भाग्यपूर्ण बताया. आम आदमी पार्टी के नेता केजरीवाल को प्रशासन ने पहले एक अतिथिगृह में लगभग चार घंटे तक रोके रखा और उसके बाद मोहम्मद अखलाक के परिवार से मिलने की अनुमति दी.

इस बीच पुलिस ने दो अन्य व्यक्तियों को गिरफ्तार किया और इसके साथ ही इस घटना में गिरफ्तार लोगों की कुल संख्या आठ हो गई है. दो अन्य आरोपी अभी फरार हैं.

केजरीवाल और आप के कुछ नेता बिसाड़ा गांव में स्थित अखलाक के घर गए.

केजरीवाल ने संवाददाताओं से कहा, “इस गांव में घटी घटना दुर्भाग्यपूर्ण है. यह घटना नहीं घटनी चाहिए थी. यह गांव शांतिप्रिय है.. इस तरह की घटनाएं बहुत पीड़ादायक हैं.”

केजरीवाल ने उन हिंदू महिलाओं से भी मुलाकात की, जिन्होंने इसके पहले एक जुलूस निकाला और गांव का प्रवेश मार्ग अवरुद्ध कर दिया और कहा कि मीडिया और राजनेता उनके खिलाफ पक्षपातपूर्ण रवैया अपना रहे हैं.

केजरीवाल गांव में आधा घंटा रहे और उन्होंने हिंदू परिवारों की भी समस्याएं सुनी.

प्रारंभ में पुलिस ने केजरीवाल और उनके साथियों को गांव में प्रवेश करने से रोक दिया, क्योंकि 500 से अधिक महिलाओं ने घटना की एकतरफा मीडिया कवरेज की शिकायत की और विरोध प्रदर्शन किया.

पुलिस ने कहा कि चूंकि कुछ प्रदर्शनकारियों ने पथराव किया, लिहाजा केजरीवाल के काफिले को एक अतिथिगृह के लिए मोड़ दिया गया.

प्रदर्शन कर रहे कई लोगों ने कहा कि वे मुसलमानों के साथ रहते हैं और उन्होंने उनके घरों और मस्जिदों को बनाने में मदद की है.

अतिथिगृह में लगभग चार घंटे इंतजार के बाद केजरीवाल और उनकी टीम -संजय सिंह, कुमार विश्वास और आशुतोष- ने अखलाक की विधवा और उसकी मां से मुलाकात की.

पुलिस द्वारा रोके जाने के बाद केजरीवाल ने ट्वीट किया, “हमें पुलिस और प्रशासन ने रोका. महेश शर्मा और ओवैसी को पुलिस ने नहीं रोका, तो फिर मुझे क्यों? मैं तो सबसे ज्यादा शांतिप्रिय व्यक्ति हूं.”

उन्होंने आगे लिखा, “मुझ पर राजनीति करने का आरोप लगता रहा है. हां, मैं राजनीति करता हूं, लेकिन मैं प्रेम और एकता के लिए राजनीति करता हूं. वे नफरत की राजनीति करते हैं.”

आप के नेता ने कहा, “हमारा दृढ़ विश्वास है कि हिंदू और मुसलमान को एकता से रहना चाहिए और वोट बैंक नहीं बनना चाहिए. वे लोगों को बांटना चाहते हैं.”

आप नेता आशुतोष ने कहा, “हमें लगता है कि प्रधानमंत्री को यहां आना चाहिए और एक संदेश देना चाहिए, ताकि ऐसा फिर कभी न हो.”

उल्लेखनीय है कि ग्रेटर नोएडा के दादरी कस्बे के बिसरा गांव में सोमवार रात 50 साल के मोहम्मद अखलाक की पीट-पीटकर हत्या कर दी गई. आरोप है कि उन्होंने गोहत्या की थी.

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