रायपुर में नादिरा बब्बर का अपमान

रायपुर | संवाददाता: शीर्ष रंगकर्मी नादिरा बब्बर ने रायपुर साहित्य महोत्सव को लेकर कई गंभीर सवाल खड़े किये हैं. नादिरा बब्बर ने आरोप लगाया है कि पिछले 40 सालों में पहली बार उनके साथ इतना अपमानजनक व्यवहार हुआ है. इसे लेकर नादिरा बब्बर ने राज्य के जनसंपर्क विभाग सचिव रजत कुमार को एक चिट्ठी भी लिखी है-

आदरणीय रजत जी,


जनसंपर्क विभाग, छत्तीसगढ़ शासन की तरफ से पुरखौती मुक्तांगन नया रायपुर में आयोजित तीन दिवसीय रायपुर साहित्य महोत्सव में बुलाकर मुझे आपने सम्मान दिया, उसका बहुत बहुत धन्यवाद.

कुछ बातें थीं जो आपसे कहनी ज़रूरी है. उत्सव के अन्तिम दिन आपका और आपके समूह का मेरे प्रति बहुत अच्छा व्यवहार नहीं था, आप लोगों की वजह से मुझे जो कष्ट हुआ था और असुविधा हुई थी, उसका कारण मुझे आजतक समझ में नहीं आया. मुझे ये बातें बहुत पहले कहनी चाहिए थी मगर कुछ व्यस्तताओं के कारण मैं नहीं लिख पायी. उसके बाद आपने एक बार भी न मुझे फोन किया और न उस बारे में संपर्क किया. ऐसा सब क्यूं हुआ था, ये आप ही बेहतर जानते होंगे.

अपनी चालीस साल की रंग यात्रा में मेरा इतना अपमान कभी और कहीं नहीं हुआ. आप भारत सरकार के एक जिम्मेदार आईएएस अफसर हैं. आपसे ये आशा कि जाती है कि आप थोड़े संयम और ठहराव के साथ चीजों को समझें. आप बहुत बड़े अफसर होंगे और हम इस देश के मामूली कलाकार, मगर आत्मसम्मान तो सबका होता है रजत जी!

जो तमीज और तहजीब आपने और आपके समूह ने उत्सव से पहले दिखायी, वही उत्सव के दौरान भी दिखा पाते, तो बेहतर होता. आपके व्यवहार के कारण पूरे छत्तीसगढ़ की छवि धूमिल होती है.

इस आशा से ये पत्र लिख रही हूं कि भविष्य में आप जहां भी नियुक्त होंगे, आप इन बातों का ध्यान रखेंगे.

आदर के साथ
नादिरा बब्बर

हालांकि नादिरा बब्बर ने इस पत्र में यह नहीं बताया है कि पूरा घटनाक्रम क्या है. लेकिन नादिरा बब्बर के इस पत्र से हलचल मची हुई है.

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