‘स्कैम इंडिया’ पर बवाल

नई दिल्ली | समाचार डेस्क: प्रधानमंत्री द्वारा विदेश दौरे में ‘स्कैम इंडिया’ कहने पर राज्यसभा में जमकर बवाल हुआ. सत्ता पक्ष ने जहां इस शब्द के उपयोग को जायज़ ठहराया वहीं कांग्रेस सहित विपक्ष ने इस मुद्दे पर केन्द्र सरकार को घेरने की कोशिश की. केंद्रीय वित्त मंत्री अरुण जेटली ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की उस टिप्पणी का मंगलवार को बचाव किया, जिसमें उन्होंने अपने विदेश दौरे के दौरान प्रवासी भारतीयों के बीच कहा था कि भारत की छवि घोटाले वाले देश से बदल कर कौशल वाले देश की बन गई है. जेटली ने यह भी कहा कि दुनिया में कहीं भी भ्रष्टाचार पर बात करने में कोई बुराई नहीं है. कांग्रेस ने राज्यसभा में मंगलवार को यह मुद्दा उठाया और पूछा कि हाल में अपने तीन देशों के दौरे के दौरान मोदी ने इस तरह की टिप्पणी क्यों की, जिससे देश की बदनामी हुई?

कांग्रेस के सवालों का जवाब देते हुए जेटली ने कहा कि इंटरनेट व अन्य प्रौद्योगिक प्रगति के इस युग में चर्चा और बहस को सीमित रखना संभव नहीं है.

मंत्री ने कहा, “यहां जो भी हो रहा है, उसे कहीं भी देखा या सुना जा सकता है.” उन्होंने कहा कि कांग्रेस के पास कोई मुद्दा नहीं है, इसलिए वह इस मुद्दे पर प्रधानमंत्री पर वार कर रही है.

संवाददाताओं से बातचीत में जेटली ने कहा कि भारतीय प्रवासियों के बीच भ्रष्टाचार के मुद्दे पर चर्चा करने में कोई बुराई नहीं है.

मंत्री ने आश्चर्य जताया, “भ्रष्टाचार गुनाह नहीं, लेकिन उसपर चर्चा गुनाह है.” उन्होंने कहा कि कांग्रेस की तरफ से मोदी की टोरंटो की टिप्पणी पर सवाल उठाना बेहद विचित्र है, क्योंकि वर्तमान सरकार देश को घोटालों से कौशल युक्त भारत की तरफ ले जा रही है.

कांग्रेस नेता आनंद शर्मा ने इस मुद्दे को राज्यसभा में उठाया, जिसका जवाब जेटली ने दिया. लेकिन फिर भी सदन में हंगामा जारी रहा, जिसके कारण प्रश्नकाल के दौरान सदन की कार्यवाही तीन बार स्थगित करनी पड़ी. पहली बार पांच मिनट के लिए, दूसरी बार 15 मिनट के लिए, जबकि अंतत: सदन को दो बजे तक के लिए स्थगित कर दिया गया.

सदन की कार्यवाही शुरू होते ही कांग्रेस नेता आनंद शर्मा ने कहा कि प्रधानमंत्री द्वारा की गई टिप्पणियों से देश का अपमान हुआ है. शर्मा का इस मुद्दे पर पूरे विपक्ष ने समर्थन किया.

शर्मा ने कहा, “प्रधानमंत्री ने कुछ बातें कही थी जिस पर स्पष्टीकरण की आवश्यकता है. सभी प्रधानमंत्रियों ने एक परंपरा को बनाए रखा है, जब भी वे विदेश दौरे पर जाते हैं तो पूरे देश के प्रधानमंत्री की हैसियत से जाते हैं. विपक्ष भी एक परंपरा का निर्वाह करता है, जब प्रधानमंत्री देश से बाहर होते हैं, विपक्ष उनकी निंदा नहीं करता.”

सदन का निर्धारित कार्य रोकने और इस मामले पर चर्चा का नोटिस देते हुए शर्मा ने कहा, “कनाडा में उन्होंने भारत को ‘स्कैम इंडिया’ कहा था. भारत कैसे घोटाला हो सकता है. कुछ गलतियां हुई होंगी लेकिन देश घोटाला नहीं हो सकता. उन्होंने कहा कि वह 60 साल की गंदगी साफ कर रहे हैं. उन्होंने अपने पद की गरिमा कम की है और उन्होंने पूर्व के सभी प्रधानमंत्रियों का अपमान किया है.”

आनंद शर्मा ने कहा, “वह भारत के प्रधानमंत्री की हैसियत से देश के बाहर जाते हैं न कि भाजपा नेता की हैसियत से.” उन्होंने कहा कि सत्ताधारी पार्टी के नेताओं ने भी उनका विरोध किया.

इस मुद्दे पर आनंद शर्मा का साथ जनता दल युनाइटेड के नेता शरद यादव, समाजवादी पार्टी के नेता रामगोपाल यादव, बहुजन समाज पार्टी की नेता मायावती, तृणमूल कांग्रेस के नेता सुखेंदु शेखर रॉय और मार्क्‍सवादी कम्युनिस्ट पार्टी के नेता तपन कुमार सेन ने हाल ही में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा विदेश दौरे पर की गई टिप्पणियों का विरोध किया.

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