भाजपा ने कहा-मंदिर वहीं बनाएंगे

लखनऊ: भाजपा ने अपने पत्ते खोलने शुरु कर दिये हैं. भाजपा ने कहा है कि अगर 2014 में उनकी सरकार बनी तो अयोध्या में राम मंदिर का निर्माण किया जायेगा और इसके लिये जरुरत पड़ी तो संविधान में भी संशोधन किया जाएगा.

भाजपा अध्यक्ष राजनाथ सिंह और नरेंद्र मोदी राम मंदिर के मुद्दे पर कुछ भी बोलने से बचते रहे हैं लेकिन उनकी ही पार्टी के उत्तरप्रदेश अध्यक्ष लक्ष्मीकांत वाजपेयी ताल ठोंक कर राम मंदिर बनाने की बात कह रहे हैं. वाजपेयी का कहना है कि गठबंधन धर्म की मजबूरियों और पूर्ण बहुमत न मिलने की वजह से ही आज तक राम मंदिर नहीं बन पाया.


भाजपा नेता वाजपेयी ने कहा कि राम मंदिर आस्था का विषय है. मंदिर आंदोलन की शुरुआत विश्व हिंदू परिषद ने की थी. बाद में पार्टी द्वारा यह नारा भी दिया गया कि रामलला हम आएंगे, मंदिर वहीं बनाएंगे. मंदिर वहां तभी स्थापित होता जब वहां का स्थान खाली होता. हिंदू समाज की वजह से ही वह स्थान खाली हो पाया है. उन्होंने कहा कि हिंदुत्व ही राष्ट्रवाद है, राष्ट्रवाद ही हिंदुत्व है. भारत माता के दुख में दुखी और सुख में सुखी होने वाला हर पंथ और धर्म का व्यक्ति राष्ट्रवादी हो सकता है.

देश की राजनीति में लगभग अज्ञात नेता वाजपेयी ने दिग्विजय सिंह पर टिप्पणी करते हुये कहा कि ऐसा व्यक्ति जो हिंदुओं से जुड़े सांस्कृतिक केंद्रों पर जाता हो लेकिन अपने आचार, विचार और व्यवहार में उसे लागू न करता हो वह व्यक्ति हिंदू नहीं हो सकता. उन्होंने कहा कि बटला हाउस मुठभेड़ के आरोपियों के घर जाकर छाती पीटकर प्रलाप करने वाला व्यक्ति हिंदू कतई नहीं हो सकता है.

लोकसभा चुनाव को लेकर पार्टी की तैयारियों के बारे में पूछे जाने पर वाजपेयी ने कहा कि चुनाव सुशासन, विकास और राष्ट्रवाद के मुद्दे पर ही लड़ा जाएगा. इसके अलावा महंगाई, भ्रष्टाचार एवं आंतरिक तथा बाह्य सुरक्षा के साथ खिलवाड़ भी प्रमुख मुद्दा बनेगा.

सपा सरकार पर निशाना साधते हुए वाजपेयी ने कहा कि मुस्लिम तुष्टीकरण की पराकाष्ठा और हर योजनाओं में लाभ पहले मुस्लिमों को दिया जा रहा है. यह मुद्दा भी चुनाव के दौरान प्रमुखता से उठाया जाएगा. इसके अलावा सूबे में गिरती कानून- व्यवस्था का मुद्दा भी अहम भूमिका निभाएगा.

आरक्षण मुद्दे पर वाजपेयी ने कहा कि सरकार को पहले वाली व्यवस्था लागू करनी चाहिए. पार्टी त्रिस्तरीय आरक्षण व्यवस्था का सख्त विरोध करेगी. पहले आरक्षण केवल साक्षात्कार में दिया जाता था, लेकिन नियम में परिवर्तन कर इसे त्रिस्तरीय बना दिया गया है, जो कि गलत है.

मायावती को लेकर वाजपेयी ने कहा कि मायावती जिस थाली में खाती हैं, उसी में छेद करती हैं. उनको तो शर्म आनी चाहिए. मायावती में दम है तो केंद्र सरकार से कहकर बजरंग दल पर प्रतिबंध लगवा दें, या फिर केंद्र सरकार से अपना समर्थन वापस ले लें.

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