युवाओं को कट्टरता से बचाये- रमन

नई दिल्ली | समाचार डेस्क: छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री रमन सिंह ने युवाओं को कट्टरता से बचाने नीति बनाने कहा है. उन्होंने शनिवार को नई दिल्ली में अंतर्राज्य परिषद की बैठक को संबोधित करते हुये कहा- युवाओं को कट्टर आतंकवादी विचारधारा से प्रभावित होने से बचाने के लिए राष्ट्रीय स्तर पर एक डी-रेडिकलाइजेशन पालिसी बनाने तथा साईबर आतंकवाद के खिलाफ सख्त कानून और अलग न्यायालय बनाने की जरूरत है.

छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री ने आतंरिक सुरक्षा और आतंकवाद तथा विद्रोहिता से लड़ने के लिए पुलिस बलों, खुफिया एजेंसियों की जानकारी साझा करने की तकनीक एवं प्रतिक्रिया तंत्र को मजबूत करने के लिए राष्ट्रीय स्तर पर काउंटर टेरेरिज्म के लिए व्यवस्था बनाने पर जोर दिया.

उन्होंने सुझाव दिया कि सुरक्षा संबंधी मामलों में जानकारी के नियमित आदान-प्रदान एवं आतंकवाद पर एक कॉमन डाटाबेस निर्मित किया जाना आवश्यक है.

रमन सिंह ने छत्तीसगढ़ जैसे राज्यों के लिए पुलिस बल के आधुनिकीकरण और सशक्तीकरण के लिए शीघ्र सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए भी केन्द्रीय गृह मंत्रालय से अनुरोध किया. उन्होंने नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में पुलिस बलों को उच्च स्तरीय तकनीकी उपकरण उपलब्ध कराने का भी आग्रह किया जिससे उन्हें मदद मिल सके.

छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के मई 2015 के बस्तर प्रवास के बाद से ही सर्वाधिक नक्सल प्रभावित दक्षिण बस्तर क्षेत्र में मैदानी परिस्थितियों में व्यापक सकारात्मक बदलाव आया है. आधारभूत संरचना में सुधार जमीनी स्तर पर दिखाई देने लगा है.

उन्होंने बताया कि पिछले वर्ष हमने इस दुर्गम क्षेत्र में 220 किलोमीटर सड़क और रावघाट रेल लाईन के निर्माण में सफलता प्राप्त की है. रमन सिंह ने कहा कि विकास कार्यो में गति आने से नक्सलियों का मनोबल तेजी से नीचे गिरा है. उन्होंने नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में तेजी से विकास के लिए प्रस्तावित बस्तर विकास योजना को भी शीघ्र स्वीकृत करने की मांग की. इससे बस्तर में वामपंथी उग्रवाद के खिलाफ लड़ाई में मदद मिलेगी और यह देश में आतंरिक सुरक्षा की दिशा भी तय करेगी.

बैठक में छत्तीसगढ़ सरकार के मुख्य सचिव विवेक ढांड भी उपस्थित थे.

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