मंदी में भी बाबा की बल्ले-बल्ले

नई दिल्ली | समाचार डेस्क: जब उद्योग जगत मंदी की मार झेल रहा है पतंजलि हजारों करोड़ का मुनाफा कमा रहा है. पिछले साल पतंजलि की आय पांच हजार करोड़ रुपये थी जो इस साल करीब दस हजार करोड़ रुपये की हो सकती है. कभी योग गुरु के रूप में जनमानस के बीच प्रसिद्धि पाने वाले बाबा रामदेव की कंपनी पतंजलि के उत्पाद अब घर-घर देखे जा सकते हैं. पतंजलि आयुर्वेद की आय 2016-17 में दोगुना बढ़कर 10 हजार करोड़ रुपये से अधिक हो जाने का अनुमान है. यह बात यहां मंगलवार को कंपनी के संस्थापक और योग गुरु रामदेव ने कही. रामदेव ने यहां संवाददाताओं से कहा, “हमारी आय वर्तमान वित्त वर्ष में 10 हजार करोड़ रुपये से अधिक हो जाने की उम्मीद है, जो 2015-16 में 5000 करोड़ रुपये थी.”

कंपनी के प्रबंध निदेशक आचार्य बालकृष्ण ने कहा, “शुद्ध लाभ इस दौरान 8-10 फीसदी रहने का अनुमान है.”


उन्होंने बताया कि कंपनी इस साल विभिन्न राज्यों में विभिन्न उत्पादों की 5-6 नई प्रसंस्करण इकाइयां स्थापित करने के लए 1,000 करोड़ रुपये निवेश करेगी.

बालकृष्ण ने कहा, “हम असम, महाराष्ट्र, मध्य प्रदेश, राजस्थान, हरियाणा और उत्तर प्रदेश में 5-6 प्रसंस्करण इकाइयां स्थापित करेंगे. इनमें से चार इसी साल चालू हो जाएंगी.”

उन्होंने कहा, “हमारे संयंत्र में पानी की जरूरत काफी कम होती है और पानी को पुनर्चक्रित कर फिर से काम में लाया जा सकता है. इसलिए जल के अभाव वाले क्षेत्रों में हमारी इकाई किसानों के लिए लाभप्रद है.”

रामदेव ने कहा कि उनकी कंपनी रोजाना किसानों से 1,000 टन गेहूं, मटर, गाजर जैसे कृषि उत्पाद खरीदती है. उन्होंने कहा, “हमारा लक्ष्य इसे बढ़ाकर रोजाना 10 हजार टन करना है. हमारी आमला और एलोवेरा की खरीदारी रोजाना 500 टन होती है, जिसे बढ़ाकर हम रोजाना 1,000 टन करना चाहते हैं.”

कंपनी निर्यात और ई-कॉमर्स क्षेत्र में भी उतरना चाहती है.

बालकृष्ण ने कहा, “इस साल प्रमुख ई-कॉमर्स कंपनियों से साझेदारी की योजना है. निर्यात से इस साल 5-10 फीसदी आय हासिल करने का लक्ष्य है. अमरीका, ब्रिटेन, कनाडा, अफ्रीकी देशों और अरब देशों में शहद और कॉस्मेटिक उत्पादों का निर्यात करेंगे.”

कंपनी दुग्ध उत्पादों और योग परिधान जैसे क्षेत्र में भी पांव पसारना चाहती है.

रामदेव ने कहा, “जल्द ही पतंजलि दही, मक्खन तथा अन्य दुग्ध उत्पाद बाजार में आएंगे.”

पतंजलि द्वारा कई बहुराष्ट्रीय कंपनियों का बाजार छीनने संबंधी सवाल पर रामदेव ने कहा, “हमने अपना बाजार बनाया है. हमने किसी बाजार नहीं छीना है.”

रामदेव ने कहा, “हम पूरी तरह शाकाहारी हैं.” उन्होंने कहा कि पतंजलि इस साल बिक्री के मामले में कॉलगेट, नेस्ले और पैंटीन जैसे ब्रांडों को पीछे छोड़ देगी. रामदेव ने कहा, “दंत कांति, केश कांति और घी जैसे हमारे उत्पादों का काफी अच्छा प्रदर्शन है. हम विश्वसनीयता, शुद्धता और कम कीमत पर भरोसा करते हैं. हम अगले करीब 1-2 साल में यूनिलीवर को टक्कर देने लगेंगे.”

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