टैगोर की ‘काबुलीवाला’ का मंचन

नई दिल्ली | एजेंसी: राष्ट्रीय राजधानी में रवींद्रनाथ टैगोर की मशहूर बालकथा ‘ रवींद्रनाथ टैगोर’ सहित कई अन्य कहानियों का मंचन होगा. यह मंचन 18 जून से शुरू होने वाले पांच दिवसीय बाल थिएटर उत्सव के दौरान किया जाएगा. आयोजकों ने यह जानकारी मंगलवार को दी.

हिंदी अकादमी द्वारा प्रस्तुत ‘बाल उत्सव’ में नोबेल पुरस्कार विजेता की 10 मशहूर कहानियों का मंचन होगा. कामायनी सभागार में रोजाना दो नाटकों का मंचन किया जाएगा.


इस साल के उत्सव का विषय है ‘इस गर्मी बच्चे टैगोर के संग.’

अकादमी ने नाटक में भूमिका निभाने वाले बच्चों के चयन के लिए दिल्ली के विभिन्न स्कूलों में एक महीने की कार्यशाला का आयोजन किया था.

हिंदी अकादमी के एक अधिकारी ने बताया, “इस कार्यशाला के माध्यम से लगभग 450 बच्चों को चुना गया.”

उन्होंने कहा, “कार्यशाला के दौरान निर्देशक और सहायकों ने इन बच्चों को प्रशिक्षित किया. इन कहानियों का पहली बार बांग्ला से हिंदी में अनुवाद हुआ है. बच्चे इसका अभ्यास कर रहे हैं.”

नाट्य उत्सव की शुरुआत राजेश बख्शी का ‘इच्छा पूरन’ से होगी, जिसके बाद असिफ कुमार के ‘छुट्टी’ का मंचन होगा.

दूसरे दिन नीलेश कुमार दीपक की ‘काबुलीवाला’ और अनुमिता दत्ता चौधरी की ‘ताश का देश’ का मंचन होगा.

टैगोर की अन्य कहानियों में ‘डॉक्टर बाबू और मुकुट’, ‘तोता कहानी’, ‘सुबह’ और ‘भिखारिन’ का भी मंचन होगा.

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